*अंजड~वृद्धों काे भटकते देखा तो शुरू कर दिया वृद्धाश्रम*~~

अंजड--कहतेहै कि मन में दृढ़ संकल्प हो तो कुछ भी असंभव नहीं।अंजड के सेवा आश्रम ने यहीं कर दिखाया। अंजड नगर सहित आसपास के बेसहारा वृद्धों की हालत देख उन्होंने वृद्धाश्रम खोलने का मन बनाया। कुछ ही दिनों में नगर सहित आसपास के लोगों द्वारा स्विकृती हुई और वृद्धाश्रम की शुरुआत की गई। इनमें से 20-25 लोगों को मिलाकर आश्रम की समिति बनाई और सभी के सहयोग से बगैर कोई शासकीय मदद लिए सेवा वृद्धाश्रम की शुरुआत 1 अक्टुबर अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर की गई है। वृद्धाश्रम की शुभारम्भ विधिवत पूजन कर अतिथि श्री मगनसिंह जी कनेश उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग बडवानीव सीईओ ठीकरी,तहसीलदार अंजड श्री भागीरथ वांखला, सीएमओ श्री मयाराम सोलंकी,शरदसिंह ठाकुर निर्दलीय पार्षद वार्ड नं 2 व यश पाराशर निराश्रित सेवा आश्रम इंदौर शामिल हुए। जिसमें सबसे प्रथम वरिष्ठ रिटायर्ड थाना प्रभारी के.के. मिश्रा, पुलिस अधिकारी श्री कदम,शिखरचंद जैंन का शाल श्री फल से सम्मान किया गया, जिसके बाद सेवा आश्रम के प्रथम सदस्य बुजुर्ग श्री बाबुलाल मराठा को तिलक कर माला पहनाकर   आश्रम में प्रवेश करवाया गया। सेवा आश्रम संस्था में सभी सदस्यों के द्वारा कुछ हिस्सा आश्रम की व्यवस्थाओं में मासिक रखरखाव हेतु दिया जा रहा हैं। संस्था नर्मदिय सेवा संस्था के युवाओं द्वारा इंदौर ऐरोड्रम रोड पर बुजुर्गों के लिए निराश्रित सेवा आश्रम बिते कई वर्ष से संचालित किया जा रहा है जिसमें लगभग 24 बुजुर्ग सदस्यों को पारिवारिक वातावरण देकर उनकी देखरेख की जा रही हैं। ठीक उसी प्रकार से उसकी एक शाखा के रूप में अंजड सेवा आश्रम की शुरुआत 1 अक्टूबर अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर की गई है। अंजड सेवा आश्रम के सतीश परिहार ने बताया--हमारा उद्देश्य वृद्धाश्रम को बढाना नहीं अपितु वृद्धों की देखरेख कर उनको उनकी परेशानी भरे समय में उनकी देखरेख करना है, अधिकतर परिवारों में पारिवारिक विवाद के बाद वृद्ध घर से अलग होकर या अवसादग्रस्त होकर अकेले रहने को मजबूर हो जाते हैं।  हमारी टीम में डाँक्टरों, अधिकारियों के अलावा नगर अंजड के सेवाभावी जनों के अलावा युवा और महिलाएँ भी जुडी हुई है।

मगनसिंह कनेस उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग ने इस अवसर पर कहा कि--अधिकतर परिवारों में बदलते दौर में देखने में आ रहा है कि संतान अपने माता-पिता को साथ रखने और उनकी देखरेख के समय उनसे मुंह मोड लेते है या कोई बुजुर्ग अकेले होने के कारण दरबदर ठोकरे खाने को मजबूर हो जाते है ऐसे बुजुर्गों के लिए यह आश्रम मिल का पत्थर साबित होगा मैं युवाओं के इस प्रयास की सराहना करता हुं।
इस अवसर पर अपना व्यक्तव्य देते समय तहसीलदार भागीरथ वांखला और सीएमओ मयाराम सोलंकी द्वारा हरसंभव मदद करने का भरोसा दिलवाते हुए संस्था के सदस्यों को अस्वस्थ किया। इस अवसर पर संस्था के जोयेब आसीफ, डाँ. संजय परमार,राजु काका फोंगला,रमण पाटीदार, पंकज चौहान, संजय आर्य सहित संस्था के अन्य सदस्य व मात्रशक्ती मौजूद रहे।


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