।।  *शुभ धन त्रयोदशी*  ।।
                ।।  *संस्था  जय  हो*  ।।
        ।।  *दैनिक  राशि  -  फल*  ।।
        आज दिनांक 12 नवंबर 2020 गुरुवार संवत् 2077 मास कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि सायं 06:02 बजे तक रहेगी पश्चात् त्रयोदशी तिथि लगेगी । आज सूर्योदय प्रातःकाल 06:45 बजे एवं सूर्यास्त सायं 05:39 बजे होगा । हस्त नक्षत्र मध्य रात्रि पश्चात् 01:51 बजे तक रहेगा पश्चात् चित्रा नक्षत्र आरंभ होगा । आज का चंद्रमा कन्या राशि मे दिन रात भ्रमण करते रहेंगे । आज का राहुकाल दोपहर 01:36 से 02:57 बजे तक रहेगा । अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:51 से 12:34 बजे तक रहेगा । दिशाशूल दक्षिण दिशा मे रहेगा यदि आवश्यक हो तो जीरा का सेवन कर यात्रा आरंभ करे ।।  जय  हो  ।।

            *तिथी/पर्व/व्रत विशेष*
                *गोवत्स द्वादशी*
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी को गोवत्स द्वादशी मनाई जाती है । हिन्दू मान्यताओं और धर्म ग्रंथों के अनुसार ये महत्त्वपूर्ण व्रत और त्योहारों में एक माना गया है । इस दिन गाय तथा उनके बछड़ों की सेवा की जाती है। महिलाओं द्वारा ये व्रत अपने परिवार की समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से किया जाता है । त्रयोदशी,  चतुर्दशी एवं अमावस्या यह तीन *गोत्रिरात्रि व्रत* का पालन भी किया जाता है , *सुरभि गौ* त्रयोदशी को ही मंथन से प्रकट हुई थी ।
           *धन त्रयोदशी पर्व*
धनतेरस दीपावली से दो दिन पहले मनाई जाती है । जिस प्रकार देवी लक्ष्मी सागर मंथन से उत्पन्न हुई थी उसी प्रकार भगवान धनवन्तरि भी अमृत कलश के साथ सागर मंथन से उत्पन्न हुए हैं । देवी लक्ष्मी धन की देवी हैं परन्तु उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए आपको स्वस्थ्य और लम्बी आयु भी चाहिए यही कारण है दीपावली दो दिन पहले से ही यानी धनतेरस से ही दीपामालाएं सजने लगती हें
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही धन्वन्तरि का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि को धनतेरस के नाम से जाना जाता है । धन्वन्तरी जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथो में अमृत से भरा कलश था. भगवान धन्वन्तरी चुकि कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए ही इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है. कहीं कहीं लोकमान्यता के अनुसार यह भी कहा जाता है कि इस दिन धन (वस्तु) खरीदने से उसमें 13 गुणा वृद्धि होती है । इस अवसर पर धनिया के बीज खरीद कर भी लोग घर में रखते हैं । दीपावली के बाद इन बीजों को लोग अपने बाग-बगीचों में या खेतों में बोते हैं ।

            *धनवंतरी जयंती :-*
*आविर्बभूव कलशं दधदर्णवाद्यः पियूषपूर्णममरत्व कृते सुराणाम |*
*रुग्जालजीर्ण जनता जनित प्रशंसो, धन्वन्तरिः सभगवान भविकाय भूयात ||*

धन्वन्तरि देवताओं के वैद्य हैं और चिकित्सा के देवता माने जाते हैं इसलिए चिकित्सकों के लिए धनतेरस का दिन बहुत ही महत्व पूर्ण होता है ।
धन्वंतरि ईसा से लगभग दस हज़ार वर्ष पूर्व हुए थे । वह काशी के राजा महाराज धन्व के पुत्र थे । उन्होंने शल्य शास्त्र पर महत्त्वपूर्ण गवेषणाएं की थीं। उनके प्रपौत्र दिवोदास ने उन्हें परिमार्जित कर सुश्रुत आदि शिष्यों को उपदेश दिए इस तरह सुश्रुत   संहिता किसी एक का नहीं, बल्कि धन्वंतरि, दिवोदास और सुश्रुत तीनों के वैज्ञानिक जीवन का मूर्त रूप है ।   धन्वंतरि के जीवन का सबसे बड़ा वैज्ञानिक प्रयोग अमृत का है । उनके जीवन के साथ अमृत का कलश जुड़ा है। वह भी सोने का कलश । अमृत निर्माण करने का प्रयोग धन्वंतरि ने स्वर्ण पात्र में ही बताया था । उन्होंने कहा कि जरा मृत्यु के विनाश के लिए ब्रह्मा आदि देवताओं ने सोम नामक अमृत का आविष्कार किया था । सुश्रुत उनके रासायनिक प्रयोग के उल्लेख हैं । धन्वंतरि के संप्रदाय में सौ प्रकार की मृत्यु है । उनमें एक ही काल मृत्यु है , शेष अकाल मृत्यु रोकने के प्रयास ही निदान और चिकित्सा हैं । आयु के न्यूनाधिक्य की एक-एक माप धन्वंतरि ने बताई है । पुरुष अथवा स्त्री को अपने हाथ के नाप से 120 उंगली लंबा होना चाहिए , जबकि छाती और कमर अठारह उंगली । शरीर के एक - एक अवयव की स्वस्थ और अस्वस्थ माप धन्वंतरि ने बताई है । उन्होंने चिकित्सा के अलावा फसलों का भी गहन अध्ययन किया है। पशु - पक्षियों के स्वभाव , उनके मांस के गुण - अवगुण और उनके भेद भी उन्हें ज्ञात थे । मानव की भोज्य सामग्री का जितना वैज्ञानिक व सांगोपांग विवेचन धन्वंतरि और सुश्रुत ने किया है, वह आज के युग में भी प्रासंगिक और महत्त्वपूर्ण है ।

      *धनत्रयोदशी के मंगल मुहूर्त :*
*चौघडियानुरूप :*
प्रातः 10.47 से 01.32 पर्यंत
संध्या 05.39 से 08.54 पर्यंत
*वृषभ स्थिर (सर्वश्रेष्ठ) :*
संध्या 05.37 से 07.33 पर्यंत

               *विशिष्ठ प्रयोग*
1. धनतेरस के दिन हल्दी और चावल पीसकर उसके घोल से घर के मुख्य दरवाजे पर ऊँ बनाने से घर में लक्ष्मीजी (धन) का आगमन बना ही रहता है ।
2. संध्या के समय घर के मुख्य द्वार के बाहर एक पात्र में अन्न रखकर उसके ऊपर चौमुखा दीपक (यमराज की निमित्त) जलाकर दक्षिणाभिमुख होकर उसका यथेष्ठ उपचार पूजन करे ।
            *पूजन का मन्त्र*
मृत्युना पाशहस्तेन कालेन भार्यया सह ।
त्रयोदश्यां दीपदानात्सूर्यज: प्रीतयामिति ।।  जय  हो  ।।

                  *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
          श्रीमंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245 , एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
                  मो. नं.  9425491351

                    *आज का राशिफल*

          मेष :~ अगर लक्ष्मीजी की कृपा हुई तो आर्थिक योजनाएं सफल होगी । व्यावसायिक में भी कुछ काम कर सकेंगे । अधिक लोगों के साथ आज संपर्क रहेगा । आपके क्षेत्र के बाहर के लोगो के साथ भी संचार अधिक रहेगा । बौद्धिक कार्य में रुचि बढेगी । शारीरिक स्वस्थता और मानसिक प्रसन्नता रहेगी ।

          वृषभ :~ वैचारिक स्तर पर विशालता और वाणी की मधुरता से लोगों को प्रभावित कर पाएँगे और साथ - साथ संबंधो में भी संवादिता रख पाएँगे । बैठक या विचार - विमर्श मे सफलता मिलेगी । परिश्रम का फल न मिलने पर भी उसमें आगे तो अवश्य बढ सकेंगे । पेट कष्ट की संभावना अधिक है , इसलिए घर के खाने को प्राथमिकता दें । अभ्यास में रुचि बढेगी ।

          मिथुन :~ आप का मन अनिर्णायक रहेगा । अधिक भावुकता  अस्वस्थ बनाएगी । माता के प्रति अधिक भावनात्मक रहेगें । बौद्धिक चर्चा होगी , लेकिन वाद - विवाद को टाले । पारिवारिक और स्थावर संपत्ति के विषय में चर्चा न करे । स्वजनों या स्नेहीजनों के साथ तनाव होगा ।

          कर्क :~ आज भाईयों से लाभ होगा । मित्रों से भेंट और स्वजनों के सहवास का आनंद मिलेगा । किसी स्थल पर प्रवास हो सकता है । आज हर कार्य में सफलता मिलेगी । प्रतिस्पर्धी पर विजय होगी । संबंधो में भावनाओ की प्रधानता से संबंध सुखदायी रहेंगे । भाग्य वृध्धि होगी । सामाजिक व आर्थिकरूप से सम्मान प्राप्त होगा ।

          सिंह :~ विभिन्न योजनाओं के विषय में अधिक विचार से दुविधा रहेगी । फिर भी परिवार मे अच्छा वातावरण होने से आपकी प्रसन्नता में वृद्धि होगी । दूर स्थित व्यक्ति या संस्था के सम्बंधों में दृढता आएगी , जो लाभदायी रहेगी । अधिक खर्च से बचे । निर्धारित कार्य में कम सफलता मिलेगी । दिन मध्यम रहेगा ।

          कन्या :~ आज का दिन बहुत अच्छी तरह से बीतेगा । शारीरिक एवं मानसिकता से स्वस्थ और प्रसन्न रहेंगे । लक्ष्मीदेवी की कृपा आप पर रहेगी । मित्रों और स्नेहीजनों से भेंट होगी । प्रवास भी आनंदप्रद रहेगा ।

          तुला :~ क्रोध पर संयम रखे । वाद - विवाद से दूर रहे । परिवार मे विवाद हो सकता है । स्वास्थ्य बिगड़ सकता है , जिसमें विशेषकर आँखो का ध्यान रखे । अकस्मात से संभले । कोर्ट - कचहरी मे ध्यान रखे । अपनी मानहानि न हो ध्यान रखे ।

          वृश्चिक :~ आज का दिन आपके लिए लाभदायी और शुभफल प्राप्त करने वाला सिद्ध होगा । व्यावसायिक में भी विशेष लाभ होगा । उच्च पदाधिकारी आपके कार्य से प्रसन्न होंगे । मित्रों से भेंट होगी और साथ में रमणीय स्थल पर जा सकते है ।

          धनु :~ आज का दिन आपके लिए शुभ है । आप आर्थिक मामलों में उचित योजना बनाएंगे । अन्य लोगों की सहायता करेंगे । हर कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होगा । व्यापार - की योजना बनेगी । आनंद - प्रमोद के साथ दिन बीतेगा । व्यापार के हेतु प्रवास है । उच्च पदाधिकारियों से लाभ होगा । पदोन्नति के योग व मान - सन्मान बढ़ेगा ।

          मकर :~ आज का आपका दिन मध्यम फलदायी है , परंतु बौद्धिक कार्य के लिए शुभ दिन है । आज लेखन प्रवृत्ति या साहित्य से जुडी़ कोई भी प्रवृत्ति अच्छी तरह से निभा पाएँगे  । सरकारी कार्यों में परिस्थिति प्रतिकूल होगी । शरीर में थकान रहेगी और मानसिक हालत भी ठीक नहीं रहेगी ।

          कुंभ :~ आज आप निषेधात्मक कार्य तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहे । आपको अधिक विचार से मानसिक थकान होगी । क्रोध अधिक न हो इसका संयम रखे । किसी भी अनैतिक कृत्यों से दूर रहे । ध्यान और आध्यात्मिकता आपके मन को शांति प्रदान करेंगे ।

          मीन :~ आज मनोरंजन और आनंद - प्रमोद में आप रहेंगे । कलाकार , लेखक आदि अपनी प्रतिभा प्रकट कर सकेंगे । व्यवसाय में भागीदारी के लिए उत्तम समय है । स्वजनों , मित्रों के साथ पर्यटन का आनंद लेंगे ।  समाज में ख्याति मिलेगी । ( डाँ. अशोक शास्त्री )

।।  शुभम्  भवतु  ।।  जय  सियाराम  ।।
।।  जय  श्री  कृष्ण  ।।  जय  गुरुदेव  ।।


Post A Comment:

0 comments: