झाबुआ~तीसरी से पांचवीं तक के 1 लाख बच्चे बनाएंगे प्रोजेक्ट-प्राकृतिक,अंतरिक्ष,मौसमी विषयों पर प्रोजेक्ट......

झाबुआ। संजय जैन~~

कोविड-19 के चलते सरकार ने इस साल वार्षिक परीक्षाएं कराने के बजाय प्रोजेक्ट के आधार पर अगली कक्षा में परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया है। सीधे तौर पर कॉलेज की ओपन बुक प्रणाली की तरह स्कूली बच्चों को घर पर ही असाइनमेंट लिखने के लिए दिए जाएंगे। इसमें बच्चों को प्रोजेक्ट भी बनाना होंगे।

प्रोजेक्ट तैयार करने का कार्यक्रम लागू .....
30 मार्च तक प्राइमरी व मिडिल स्कूलों को बंद रखने के सरकारी आदेश के चलते प्राइमरी स्कूल के बच्चों को पढऩे-लिखने की गतिविधियों से सतत जोडे रखने के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र ने इस साल प्राइमरी के बच्चों से प्रोजेक्ट तैयार करने का कार्यक्रम लागू किया है। अभी तक कक्षा 6
के पाठ्यक्रम में प्रोजेक्ट रहता है और छोटी कक्षाओं के पाठ्यक्रम में प्रोजेक्ट वर्क नहीं होता। लेकिन इस साल सरकार के प्रोजेक्ट के आधार पर अगली कक्षा में प्रवेश देने के निर्णय के चलते ऐसे ऐसा पहली बार होगा जब कक्षा तीसरी से पांचवी के बच्चे भी अपने अपने असाइनमेंट के
साथ प्रोजेक्ट बनाकर संबंधित स्कूलों में जमा कराएंगे।

प्राकृतिक,अंतरिक्ष,मौसमी विषयों पर प्रोजेक्ट......
कक्षा छठवीं से आठवीं तक के पाठ्यक्रम में ही प्रोजेक्ट रहता है। इसके आधार पर बच्चों को प्रोजेक्ट बनाना पडते हैं,जबकि कक्षा तीसरी से पाचवीं के बच्चों को शिक्षक अपने स्तर पर वर्तमान दौर में होने वाली गतिविधियांए प्राकृतिक, अंतरिक्ष,मौसमी विषयों पर प्रोजेक्ट बनाने के लिए देंगे। यह प्रोजेक्ट चित्र के रूप में नहीं बल्कि उसका डेमो के रूप में बनाना होगा। इससे बच्चों की दक्षता का आकलन लगेगा।

40 फीसदी अंक प्रोजेक्ट व 60 प्रतिशत अंक लिखने के....
40 प्रतिशत अंक प्रोजेक्ट व 60 प्रतिशत अंक लिखने के दिए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों की दक्षता का आंकलन भी लगेगा। जिले के प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को इस प्रणाली से जोडा जाएगा। इसमें तीसरी से पांचवी तक के बच्चे पहली बार प्रोजेक्ट बनाएंगे। जिसके लिए वर्तमान में बच्चों को मोहल्ला व डिजिटल क्लास के माध्यम से तैयारी कराई जा रही है।


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