झाबुआ~3 माह का होगा सत्र,10वीं-12वीं की नियमित लगेंगी कक्षाएं~~

स्कूल परिसरों में छाई वीरानी दूर होगी..... स्कूल तो खुले पर छात्रावास पर ताले-अपडाउन मुश्किल~~

झाबुआ। संजय जैन~~

स्कूल परिसरों में छाई वीरानी शुक्रवार से दूर हो गयी। कोरोना के कारण सत्र 2020-21 की शुरुआत शुक्रवार18 दिसंबर से हो गयी है। मार्च में परीक्षाएं होंगी। यानी सत्र 3 महीने का होगा। फिलहाल 10वीं व 12वीं की नियमित कक्षाएं लगेंगी। बिना प्रार्थना सभा व खेलकूद के सत्र चलेगा। पालकों की सहमति जरूरी है। उनकी एक बार की सहमति पूरे सत्र के लिए मान्य होगी। भारत सरकार के गृह मंत्रालय की गाइडलाइन में कक्षाओं का संचालन होगा। ग्रामीण बच्चे डेली अपडाउन नहीं कर सकते। एक तरफ  बोर्ड परीक्षा की तैयारी में समय कम बचा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें....?

सरकारी व निजी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए ......
9वीं-11वीं की कक्षाओं का संचालन प्राचार्य स्थानीय स्तर पर पालकों की सहमति के आधार पर निर्णय ले पाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी व निजी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव ने जिला कलेक्टर्स,जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को निर्देश देते कहा है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय की गाइडलाइन व बोर्ड की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए कक्षा 10वीं व 12वीं की कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल नियमित निर्धारित समय तक के लिए संचालित किए जाएं।

बंद हैं छात्रावास कोरोना काल के बाद से ...
 छात्रावास कोरोना काल के बाद से बंद हैं। अगर खुल भी रहे तो सिर्फ  साफ.-सफाई के लिए। अभी छात्रावास बच्चों के लिए रहने के लिए बंद है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे शहर तक नहीं पहुंच रहे हैं। अब भी वे पढाई से वंचित हैंं क्योंकि ऑनलाइन पढाई उन्हें समझ नहीं आती और ऑफलाइन के लिए स्कूल रोज आ-जा नहीं सकते। ऐसे में छात्रावास की सुविधा अभी उन्हें नहीं मिल पा रही है।

यदि विद्यार्थी ऑनलाइन पढना चाहेंगे तो लगानी होगी कक्षाएं....विद्यार्थियों की उपस्थिति जरूरी नहीं....
स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है,जो विद्यार्थी विद्यालय की अपेक्षा ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढना चाहते हैं उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी। किसी भी स्थिति में विद्यार्थी एक स्थान पर एकत्रित न हों इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी एसओपी गाईडलाईन का पालन करना अनिवार्य होगा।

9वीं-11वीं की कक्षाएं तय करेंगे पालक-प्राचार्य....
कक्षा 9वीं एवं 11वीं के लिए विद्यार्थियों की दर्ज संख्या एवं उपलब्ध अध्यापन कक्ष के आधार पर प्राचार्य स्थानीय स्तर पर कक्षाओं के  सचालन के संबंध में निर्णय लेंगे। इसके लिए पालकों की सहमति भी जरूरी होगी।

सरकारी व निजी स्कूलों में यह जरूरी...
-आवासीय विद्यालय डे.-स्कूल के रूप में खोले जा सकेंगे।
-स्कूल वाहन में सोशल डिस्टेंसिंग रखना होगी।
-वाहनों को 1 प्रतिशत सोडियम हाइपरक्लोराइड से सैनिटाइज करेंगे।
-शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्टॉफ  की उपस्थिति शत-प्रतिशत होगी।
-प्रार्थना,सामूहिक गतिविधि,खेलकूद,स्विमिंग पूल आदि प्रतिबंधित रहेंगी।

आदेश नहीं आए हैं....
प्रभारी डीईओ जीपी ओझा ने बताया कि छात्रावास खोले जाने को लेकर अभी आदेश नहीं आए हैं,ऐसे में बंद हैं। आदेश आते ही खुल जाएंगे। अभी सिर्फ  हाई-हायर सेकंडरी स्कूलों की कक्षाएं संचालित किए जाने के निर्देश मिले हैं। सभी स्कूलों को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करना होगा। उसी अनुसार कक्षाएं संचालित होंगी।


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