झाबुआ~मिलेगी खेल मैदान,पार्क,अस्पताल आदि  के लिए भूमि मुफ्त~~

मार्केट,कॉम्पलेक्स के लिए 50 प्रतिशत बाजार मूल्य देना होगा~~

झाबुआ। संजय जैन~~

नगरीय निकाय क्षेत्र की नजूल भूमि के उपयोग को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी हुए हैं। खेल मैदान,पार्क,अस्पताल आदि के लिए के नजूल भूमि नगर पालिका को मुफ्त मिलेगी। लेकिन मार्केट,कॉम्पलेक्स व अन्य जरूरत के लिए नजूल भूमि की जरूरत पड रही है तो इसके लिए नगर पालिका को भूमि के बाजार मूल्य का 50 प्रतिशत रकम चुकानी पडेगी। नगर पालिका और नगर परिषद सीमा की नजूल भूमियों को लेकर प्रदेश सरकार ने मप्र नजूल भूमि निवर्तन निर्देश 2020 जारी किया है। जिसे लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने सभी निकायों के सीएमओ को निर्देश जारी किए हैं।

-करना है नगरीय निकाय को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर आवेदन....
नजूल भूमि जहां केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित आवासीय योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री आवास,राजीव आवास योजना व अन्य आवासीय योजनाओं के लिए जरूरत है,उन जमीनों के लिए नगरीय निकाय को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर अपने क्षेत्र नजूल कार्यालय में भूमि हक प्राप्ति के लिए आवेदन करना है। वहीं नगरीय निकायों के पास नजूल की जो भूमिका पहले से उनके हक में हैं,उनके लिए भी नियम अनुसार भू-स्वामी हक प्राप्त की कार्रवाई तत्काल करने के निर्देश दिए हैं। बाजार मूल्य राशि जमा करने पर कलेक्टर द्वारा नगरीय निकाय के पक्ष में भमि के भू-स्वामी अधिकार में आवंटन का आदेश जारी करेगा। भू-स्वामी अधिकार में अंतरण विलेख निष्पादित होने के बाद नगरीय निकाय को भूमि का आधिपत्य सौंपा जाएगा। भू-अभिलेखों की प्रविष्टियां अद्यतन की जाएंगी।

इन सुविधाओं के लिए नगर पालिका को मुफ्त जमीन मिलेगी.....
सार्वजनिक प्रयोजन जैसे कि उद्यान,खेल मैदान,फिल्टर प्लांट,कचरा खंती,ट्रेचिंग ग्राउंड,अस्पताल,स्कूल,कार्यालय आदि। राज्य पोषित योजनाएं और ऐसी जमीन जिन पर खास निर्माण करने पर आय होती हैं,जैसे हाट बाजार,मनोरंजन स्थल और केंद्र सरकार व आवासीय योजनाओं के लिए जमीन की जरूरत है तो इसके लिए नपा को बाजार मूल्य नहीं देना होगा।

मार्केट,कॉम्पलेक्स के लिए 50 प्रतिशत बाजार मूल्य देना होगा....
ऐसी भूमियां जिन पर योजना बनाकर निर्माण करने से नियमित आय होती है जैसे मार्केट कॉम्पलेक्स,बस स्टैंड आदि के लिए भूमि का 50 प्रतिशत बाजार मूल्य देना होगा। इसी तरह ट्रांसपोर्ट नगर और नगरीय निकाय यदि अपने कर्मचारियों की आवासीय योजना बनाती है तो भी उसे 50 प्रतिशत बाजार मूल्य देना होगा।

राजस्व रिकॉर्ड में संपत्तियां संधारित हो सकेंगी.....
नगर पालिका द्वारा अभी तक कई नजूल भूमियों पर मार्केट खडे कर चुकी हैं। इसके अलावा पार्क भी बनवाए हैं। यह सारी संपत्तियां राजस्व विभाग के रिकार्ड में ऑनलाइन दर्ज हो जाएंगी। जिससे शहर में नजूल भूमियों के उपयोग और उन पर अतिक्रमण की स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी। नजूल जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने में आसानी होगी।


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