झाबुआ~सीएम और कलेक्टर के आदेश, फिर भी हल्कों में नहीं पहुंच रहे पटवारी.....भटक रहे ग्रामीण~~

अधिकांश पंचायतों में ताले लटके नजर आए~~

झाबुआ। संजय जैन~~

अब तक कई पटवारी मुख्यालय पर न जाकर घर से ही हल्के का कामकाज करके मौज करते थे,लेकिन अब हर सोमवार व गुरुवार को गांव में रुककर लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। ऐसा करने में लापरवाही करने वाले पटवारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं। बावजूद इसके जिले के अधिकांश हल्कों में पटवारी सोमवार को बैठे ही नहीं।

अधिकांश पंचायतों में ताले लटके नजर आए...
राजस्व प्रकरणों एवं भूमि संबंधी समस्याओं के तत्परता से निराकरण के लिए पटवारियों को सोमवार और गुरुवार अपने पटवारी हलके के मुख्यालय पर रहने के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने निर्देशित किया है। इसके बाद कलेक्टर रोहित सिंह ने आदेश निकालकर पटवारियों को ग्रामीण मुख्यालय पर रहने के निर्देश दिए हैं। जिले के सभी अनुभागों में यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू हो भी हो चुकी है। जब सोमवार को दैनिक दोपहर की टीम ने गांवो में जाकर निरीक्षण किया तो अधिकांश पंचायतों में ताले लटके नजर आए। जहां न तो पटवारी थे और न ही लोगों की समस्याएं सुनने कोई और।

गांव के लोग बोले-सोमवार,गुरुवार तो ठीक, अन्य दिनों में भी नहीं आते....
लोग बंटवारा,सीएम की योजना के लिए अपना खाता लिंक करवाने,बंदी,केसीसी का लाभ,नामांतरण,बीपीएल कार्ड के लिए बहुत दिन से परेशान हो रहे है। लेकिन पटवारी पिछले कई दिनों से हल्के में आए ही नहीं। लोगो ने कहा कि सोमवार-गुरुवार तो ठीक पटवारी सप्ताह के अन्य दिनों में भी न तो पंचायत और न ही तहसील में मिलते हैं। बीपीएल कार्ड बनवाने के लिए पटवारी की रिपोर्ट जरूरी है,ऐसे में हल्के पर पटवारी के न मिलने से दिक्कत हो रही है।


मोबाइल नंबर भी अक्सर बंद मिलते ....
जिले के ५ शहरी और २७५ ग्रामीण हल्का क्षेत्र, इनमें २२४ पटवारी इस समय पदस्थ हैं। अधिकांश हल्कों का पटवारी को डबल चार्ज दिया गया है। पटवारियों से जुडी शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं कि पटवारी महीनों तक हल्का क्षेत्रों में नहीं जाते। इतना ही नहीं उनके मोबाइल नंबर भी अक्सर बंद मिलते हैं। भू-अभिलेख शाखा अधीक्षक सुनील राणा ने बताया कि पटवारी को सोमवार और गुरुवार को हल्के में उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं।


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