झाबुआ~10 वीं में 64,12 वीं में 73 प्रतिशत से कम रिजल्ट तो रुकेगा इंक्रीमेंट.....सबसे ज्यादा चुनौती 11वीं कक्षा के लिए~~



झाबुआ। संजय जैन~~

स्कूल शिक्षा विभाग ने रिजल्ट सुधारने के लिए अपने तौर तरीकों में खासा बदलाव किया है। कॉर्पोरेट कल्चर की तर्ज पर एक्सीलेंस,मॉडल समेत सभी स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्यों को अगले सत्र के लिए टारगेट दे दिए हैं। पिछले साल के राज्य के औसत रिजल्ट को आधार बनाकर नए टारगेट दिए गए हैं। 10वीं का रिजल्ट 64 और 12वीं का 73 फीसदी से ज्यादा लाने को कहा गया है। 




 तय की गई  अधिकारियों की भी जिम्मेदारी ......





टारगेट पूरा न होने पर इंक्रीमेंट रोकने से लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई का विकल्प रखा गया है। वहीं अच्छा काम करने पर इंसेटिव के तौर पर सम्मान किया जाएगा। आयुक्त लोक शिक्षण जयश्री कियावत द्वारा जेडी और डीईओ को जारी किए गए निर्देश में इन दोनों संवर्ग के अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की गई है।






फार्मेट भी भेजा गया...
प्रक्रिया की डेडलाइन भी तय कॉर्पोरेट कल्चर की तर्ज पर ही हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूलों के विषय के शिक्षकों व प्राचार्यों को टारगेट के मुताबिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए 25 जनवरी की डेड लाइन तय की गई है। इसके लिए फार्मेट भी भेजा गया है।






फार्मेट .....
1-ए प्लस..... 80 फीसदी या उससे ज्यादा नंबर वाले विद्यार्थियों का आंकलन।
2-ए................60 से 79 प्रतिशत नंबर लाने वाले विद्यार्थी।
3-बी..............45 से 69 फीसदी नंबर लाने वाले स्टूडेंट्स को चिह्नित किया जाएगा।
4-सी..............33 से 44 प्रतिशत नंबर लाने वाले विद्यार्थी।






अफसरों की भी जिम्मेदारी तय--------
-प्राचार्यों....ये सभी स्कूलों में कक्षावार औसत के लिहाज से टारगेट तय करेंगे कि कक्षा में किस केटेगरी के कितने विद्यार्थी हैं।
-डीईओ....ये सभी स्कूलों के विषयवारए कक्षावार तय फॉर्मेट के मुताबिक नियमित समीक्षा एवं मॉनीटरिंग करेंगे।
-जेडी. शिक्षकों,विद्यार्थियों के सहयोग से लक्ष्य और रिजल्ट की स्कूलवार समीक्षा करेंगे।






किसे,कितना रिजल्ट लाना है........सबसे ज्यादा चुनौती 11वीं कक्षा के लिए....
12वीं -73 प्रतिशत
11वीं- 81 प्रतिशत
10वी- 64 प्रतिशत
9वीं -  59 प्रतिशत 






टारगेट पूरा नहीं तो 4 तरह की कार्रवाई......
1-टारगेट से 10 फीसदी कम आया तो बख्श देंगे।
2-लक्ष्य से 11 से 20 प्रतिशत कम तो एक इंक्रीमेंट रुकेगा।
3- 21 से 40 प्रतिशत कमी रही तो दो इंक्रीमेंट रोके जाएंगे।
4 -40 प्रतिशत से कम आया तो विभागीय जांच कराई जाएगी,अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी।




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