*खेतिया~मुंह में रखो शुगर फैक्ट्री दिमाग में रखो आइस फैक्ट्री-- जैन आचार्य विजय रश्मि रत्न सूरी जी* ~~

क्रोध निर्बल मन की निशानी है, आपको तन मन से स्वस्थ रहना है तो क्रोध को काबू में रखना सीखे ।यदि क्रोध काबू में है तो हम सदा काबू में है ,क्रोध आग है जो वर्षों की तपस्या का पुण्य जलाकर खाक करती है क्रोध कैंसर से भी भयंकर हैं,, उक्त विचार अहिंसा व व्यसन मुक्ति आंदोलन के साथ मिशन जैनत्व जागरण संचालित करने वाले सूरी प्रेमभुवनभानु समुदाय के 451 दिक्षादानेश्वरी आचार्य श्री गुणरत्नसूरीश्वरजी महाराज साहब के शिष्य आचार्य श्री विजयलक्ष्मी रत्नसूरीश्वरजीमहाराज साहब ने आज खतरगच्छ भवन,खेतिया में प्रवचन देते हुए उक्त विचार व्यक्त किए आचार्य श्री ने आगे कहा कि कैंसर में दुश्मन भी दोस्त बनता है और क्रोध में दोस्त भी दुश्मन बनता है, क्रोध को जीतने के अनेक उपाय हैं लंबी सांस लेकर परमात्मा का नाम ले दाढ़ी का अग्रभाग(ठुड्डी) छाती को छुए, याद आना बड़ी बात है। जहां क्रोध का उदय वहां विवेक अस्त और जहां विवेक का उदय है वहां क्रोध  अस्त, क्रोध को वश करने का एक महत्वपूर्ण स्वर्ण सूत्र सुनाते हुए उन्होंने कहा कि मुंह में रखे शुगर फैक्ट्री और दिमाग में रखे आइस फैक्ट्री ।भगवान शांतिनाथ शीतलनाथ व चंद्रप्रभु स्वामी जी को याद  करने से भी क्रोध  शांत हो जाता हैं। मध्य प्रदेश के खेतिया नगर में जैन आचार्य के आगमन पर आज भव्य स्वागत हुआ जैन आचार्य महाराष्ट्र की ओर से विहार करते हुए प्रात खेतिया पधारें वह दोपहर पश्चात पुनः विहार कर  महाराष्ट्र सीमा में उन्होंने प्रवेश किया है आचार्य श्री ने कोरोनाशांति हेतु नवकार जाप भी करवाया है। आचार्य श्री के प्रवचन  में जैन अजैन सहित भारी भीड़ बनी रहे आचार्य श्री के आगमन पर सुबह से ही जैन धर्मावलंबी उन्हें गाजे बाजे के साथ प्रथम बार मध्य प्रदेश आगमन पर भव्य स्वागत करते हुए स्थानीय खतरगच्छ भवन लाएं जहां सुबह व दोपहर दोनों ही समय हुए प्रवचन  के बाद आचार्य श्री महाराष्ट्र के शहादा की ओर विहार कर गए ।


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