झाबुआ~डा. रामशंकर चंचल की फिल्म काली की पटकथा सहित चार अन्य कहानियों का अंग्रेजी में हुआ अनुवाद~~

झाबुआ। प्रख्यात साहित्यकार डॉ.रामशंकर चंचल की फिल्म काली की पटकथा सहित अन्य चार कहानियां नमस्ते सर, रुठे बादल, ब्लाउज और जिंदगी कहानियो का अनुवाद महाविद्यालय अंग्रेजी की प्रोफेसर डॉ.पुलकिता आनंद ने अंग्रेजी में किया।






साहित्यकारों ने हर्ष जताते बधाई दी......
इसके पहले भीली, सिंधी, तमिल आदि अनेक भाषाओं में डॉ.चंचल की रचनाओं का अनुवाद हो चुका है। डॉ.चंचल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि मुझे अंगेजी में अपना नाम लिखते नहीं आता न कभी सीखने का मन हुआ,पर आज मेरी रचनाओ की लोकप्रियता यह है कि उनका अंग्रेजी में अनुवाद हो रहा है ये मेरे लिये बहुत ही गर्व की बात है। इस सुखद गौरवमय पल पर डॉ.चंचल को अनेकानेक मित्रों ओर साहित्यकारों ने हर्ष जताते बधाई दी।




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