झाबुआ~बिजली कंपनी का अपना थाना और पुलिस होगी,रुकेगी बिजली चोरी~~

ऊर्जा विभाग ने पक्षेविविकं के अधिकारियों को थाने के लिए स्थान खोजने के लिए पत्र लिखा~~



झाबुआ। संजय जैन~~

बिजली कंपनी की अपनी पुलिस और थाना होगा। ऐसा होने के बाद शहरी क्षेत्र में 15: तो गांवों में होने वाली 30: बिजली की चोरी पर लगाम लग जाएगी। अभी तक बिजली चोरी के मामलों में विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को स्थानीय पुलिस की मदद
लेनी पड़ती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। प्रदेश में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए अब बिजली कंपनियों के पास खुद की पुलिस होगी। इसके लिए हर जिले में अलग से थाने खोले जाएंगे। प्रदेश शासन की ओर से ऊर्जा विभाग ने जिले में थानों के लिए जगह व उपयोग होने
वाली जमीन का आंकलन करने के लिए मध्य,पूर्व और पश्चिम क्षेत्र की विद्युत कंपनी को पत्र लिखा है।






ऐसा होगा बिजली थाने का स्टाफ.....
कंपनी के थाने में 2 उप निरीक्षक, 4 सहायक उप निरीक्षक,8 प्रधान आरक्षक,16 आरक्षक का स्टाफ  होने की संभावना है। इनमें 14 पुरुष और दो महिला आरक्षक होंगे। इसके अतिरिक्त 30 जवानों को थाना कार्यालय में कार्य करने के लिए पदस्थ किया जाएगा। इसी तरह उप निरीक्षक
सहायक श्रेणी-2 का एक,सहायक उप निरीक्षक डेटा ऑपरेटर का एक और सहायक उप निरीक्षक सहायक श्रेणी.-3 का भी एक पद रहेगा।






चोरी रुकेगी तो 10 फिसदी बढ़ जाएगा रेवेन्यू,सस्ती होगी बिजली....
बिजली विभाग के उमाशंकर पाटीदार  ने बताया वर्तमान में शहरी क्षेत्र में 17 फिसदी बिजली चोरी हो रही है,जबकि ग्रामीण में 30  फिसदी। नियम अनुसार शहर में 10 फिसदी व ग्रामीण में 15 फिसदी लाइन लॉस होना चाहिए। अपनी पुलिस होने पर बिजली कंपनी की यह चोरी भी रुक जाएगी और कंपनी का रेवेन्यू 10 फिसदी तक बढ़ जाएगा। ऐसे में बिजली सस्ती हो जाएगी।






अधिकारी-कर्मचारी मारपीट-पथराव के शिकार.....
बिजली चोरी के मामलों में बिजली कंपनी को स्थानीय पुलिस की मदद के लिए पत्राचार करना पड़ता है। इसके बाद भी कई बार पुलिस नहीं आती। ऐसे में अकेले जाने पर कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी मारपीट, पथराव के शिकार हो जाते हैं। इस कारण बिजली कंपनियों द्वारा
बिजली थाने बनाए जाने की मांग की जा रही थी।
..........ऐसी. वर्मा -अधीक्षण यंत्री- बिजली विभाग -झाबुआ




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