रिंगनोद~बजरंग दल अखाडा से छोटे से गांव रिंगनोद की 15 नन्ही होनहार बालिकाएँ उज्जैन मे दिखा रही है खतरनाक रोप मलखंभ का जौहर कर रही है गाँव का नाम रौशन /~~

रिंगनोद कोच रमैश मोलवा और दाउ मौलवा के प्रशिक्षण मै लगातार क्षत्रिय सिर्वि समाज और  अन्य नन्ही नन्ही बालिकाएँ लगातार खतरनाक रोप मलखंभ का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है और गाँव मै भी अपने करतब धार्मिक आयोजनो मै प्रस्तुत कर चुंकी है आपको बता दे कि रोप मलखंभ धैर्य और हिम्मत और ताकत से किया जानै वाला एक खेल है जिसमे मलखंभ जो कि लकडी का होता है उसके विपरित रस्सी को लटकाया जाता है उसके पश्चात जमीन से उपर उस रस्सि पर अपना करतब और स्टंट किये जाते है जो की सुनने मै जितना खतरनाक लगता है करने मै उससे कई अधिक जटील और खतरनाक है यह पहलवानी और शरीर को सुद्रड और चुस्त स्फुर्तिकर बनाने मै भी कारगर होता है हर तरह का व्यायाम ईस खेल मै झलकता है वर्तमान मै रेसलिंग और अन्य कई प्रकार के खैलो को लैकर उज्जैन के श्री अच्युतानंद गुरु अखाडा व्यायाम शाला मै दो दिनो से अलग अलग क्षैत्रो से कोच अपने खेल और प्रशिक्षु खिलाडीयो के साथ प्रतिभा दिखाने पहुँचे है जिसमे समिपस्त ग्राम राजपुरा से टीम अपने कोच शोभाराम चौधरी के साथ तो वहीं रिंगनोद की रोप मलखंभ के लिए 15 बालिकाओ की टीम जिसमे क्वीन,विनु,सोनु,निशा,परी,हर्षिता,गजी,खुशी,गौरी,प्रभा,कोमल,टिना,तमन्ना,तन्वी,जया जिनके मुख्य कोच चूंकी वर्तमान मै पैदल यात्रा संघ के साथ राजस्थान स्थित 750 कीमी की पैदल यात्रा पर दिव्यांग होने के बावजुद व्हिल चेयर से गए है (जिनकी खबर विचार न्युज पुर्व मै भी प्रमुखता से प्रकाशितकर चुका है) की अनुपस्थति मै अपनै द्वितिय कोच और रमेश मोलवा के अनुज  कोच पहलवान दाऊ मोलवा के साथ उज्जैन मै अपनी प्रतिभा बिना किसी डर और झिझक के पुरी हिम्मत के साथ दिखा रही है जहां बाकायदा खेलो मै पारंगत और विशेषज्ञो (जजो) की पैनल सभी को जज कर रही है जिससे निश्चित रुप से भविष्य के आगामी उच्च स्तरिय मंच पर ईन्है अपनी प्रतिभा दिखाने और अपना और अपने गाँव का नाम रौशन करने का मौका मिलेगा और ईनको करतब करता देख वाकई मै लोग दांतो तले उंगलिया दबा लेते है ईन सभी नन्ही बालिकाओ की ईस उपलब्धि पर ग्राम और ईनके परिवार जनो मै हर्ष व्याप्त है विचार न्युज परिवार ईन सभी बालिकाओ को शुभकामनाएँ देता है और ईनके उज्जवल भविष्य कि कामना करता है


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