दसई/जंयतीधाम~~40 वर्ष बाद मिले बचपन के साथी, मिलकर सुनाई संघर्ष और सफलता की कहानी~~

दसई के जयंती माता में अनूठा आयोजन, भूली बिसरी यादे फिर हुई ताजा~~

बिदाई के समय पुनः बिछडने वाले दोस्त आंसू नहीं रोक पाए~~

जगदीश चौधरी खिलेडी 6261395702~~

दसई - 40 वर्ष पहले बचपन में क्रिकेट, कब्बडी, खो-खो, गुल्ली-डंडा आदि जैसी बूली बिसरी यादों को ताजा करने के लिए 40 साल बाद वहीं दोस्त जब मिले तो उनकी आंखो से आंसू रूक न सके। यह अवसर रविवार को दसई के जयंती माता धाम पर देखने को मिला।जब यहां करीब 200 से अधिक बचपन के साथी एक दूसरे से मिले तो वहीं सालों पुराना प्रेम उनकी आंखों के सामने आ गया जिसे सुनाने में देरी भी नहीं की इन दोस्तों में आज कोई विधायक, पत्रकार, अफसर, डाॅक्टर, बिजनसमैन तो कोई उन्नत किसान बन गया।

इस अनूठे आयोजन की किसी भी दोस्तों को जानकारी नहीं थी। आयोजन में दोस्तों ने एक दूसरे से मिलकर भावुकपल को सुनाकर बिदाई ली।
शरीर को चुस्ती फुर्ती देने वाले खेलों का नियमित अभ्यास जीवन में अगर बना रहे तो निश्चित तौर पर कहा जा सकता है कि बड़ी से बड़ी बीमारी का सफलतापूर्वक सामना किया जा सकता है। बचपन में खेले खेलों की इम्युनिटी का ही कमाल था कि कोरोना के बड़े संक्रमण के बावजूद खिलाड़ी इसमें संक्रमित नहीं हुए। आज पूर्व खिलाड़ियों को अपने बीच पाकर मुझे अपना खेल जीवन याद आ रहा है। प्रासंगिक आयोजन के लिए आयोजकऔर एकत्रित होने वाले तमाम पूर्व खिलाड़ियों को बधाई देता हूं -उक्त उद्गार क्षेत्रीय विधायक प्रताप ग्रेवाल ने जयंती धाम  में आयोजित भूली बिसरी यादें कार्यक्रम में व्यक्त किए। आयोजन क्रिकेट प्रेमी दिलीप सिंह रघुवंशी ने किया था।

आयोजन मां सरस्वती की पूजा अर्चना के बाद विधिवत आरंभ हुआ। मंच पर विधायक ग्रेवाल के साथ जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष पंडित छोटू शास्त्री, पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया, गौशाला दसई के संचालक अशोक सिंह रघुवंशी, गौ सेवक रामनारायण पाटीदार, निवर्तमान मेडिकल ऑफिसर डाॅ. आर एल पाटीदार एवं डाॅ. एम एल पाटीदार और क्रिकेट खिलाड़ी विष्णु पाटील उपस्थित थे। स्वागत भाषण आयोजक दिलीप सिंह रघुवंशी ने दिया और इस आयोजन के लिए अपनी तैयारियों की जानकारी दी। आयोजन में इंदौर, रतलाम, अमझेरा, बिडवाल, नागदा, मांगोद, घाटाबिल्लौद, खांकेड़ी बरमंडल, सरदारपुर सहित अनेक क्षेत्रों के पूर्व और वर्तमान खिलाड़ियों सहित गणमान्य नागरिक, नेता, पत्रकार एवं पूर्व खिलाड़ी उपस्थित थे। भूली बिसरी यादों को विनायक ललित इंदौर, सुनील मंडलेचा राजगढ़, निलेश जोशी इंदौर, भगवान खंडेलवाल और मुकेश पंडित अमझेरा, डाॅ. अजय भीमाजी आदि ने छात्र जीवन, खेल जीवन के पुराने वाकये सुनाये। जिससे हंसी, ढिठोली का वातावरण बना। आयोजन में वर्तमान एवं पूर्व विधायक का शाल श्रीफल से सम्मान किया गया। इसके अलावा गौ सेवा के लिए अशोक सिंह रघुवंशी और रामनारायण पाटीदार, जनसेवा के लिए दिवंगत परमानंद जी पलवा वाले के सुपुत्र कैलाश पर्वत और साहित्य सेवा के लिए अमृतलाल मारू को मां सरस्वती की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन देवेन्द्र पाटीदार ने किया। आयोजन के पश्चात सहभोज आयोजित किया गया।

*आसूंओं के साथ विदाई ली*

इस आयोजन में साथ पढने वाले ऐसे दोस्त भी शामिल हुए थे कि उन्हें बिछडे 30-30, 40-40 साल हो गए थे। समाप्ति के बाद जब विदाई का समय आया तब माहौल बडा गमगीन हो गया। कई एक दूसरे के गले मिलकर फूट-फूट कर आंसूओं के साथ विदाई ली।


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