शाजापुर/कालापीपल~हिंदी की दशा अच्छी है दिशा पर ध्यान देना जरूरी - डाॅ.दवे~~

हिन्दी जागृति मंच ने कि व्याख्यानमाला का आयोजन~~

कालापीपल (शाजापुर ) 19 फरवरी।
हिंदी भाषा की दशा तो वर्तमान में अच्छी  है पर इसकी दिशा पर ध्यान देना जरूरी है। हम बच्चों को हिंदी भाषा की वैज्ञानिकता नहीं बताएंगे तो वह अपनी भाषा का सम्मान करना भूल जाएंगे।
यह बात साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश के निदेशक डाॅ. विकास दवे ने कही। वे हिंदी जागृति मंच, कालापीपल द्वारा आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी हिंदी दुनिया की सबसे समृद्ध भाषा है। हिंदी भाषा में लगभग 35 लाख शब्दों का कोश है इतना बड़ा शब्द कोश किसी दूसरी भाषा का नहीं है। सहारा महाविद्यालय के सभागृह में व्याख्यान के साथ ही गायन प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण भी रखा गया था। विशेष अतिथि के रूप में प्रख्यात कवि रामचंद्र अवस्थी एवं वरिष्ठ पत्रकार मुकेश तिवारी मौजूद रहे। अध्यक्षता मंच के संरक्षक कैलाशनारायण परमार ने की।
इस मौके पर हिंदी जागृति मंच की ओर से डाॅ. विकास दवे का अभिनंदन भी किया गया। अभिनंदन-पत्र का वाचन श्रीमती ममता मनावत ने किया।
वरिष्ठ कवि रामचंद्र अवस्थी ने अपनी कविता भूख-प्यास का पाठ कर हिंदी लेखन में मात्राओं से सम्बन्धी होने वाली त्रुटियों पर चर्चा की। उन्होंने इन दिनों हिंदी लेखन में गेटअप के नाम पर भाषा के साथ हो रही त्रुटियों के बारे में भी बताया।
वरिष्ठ पत्रकार  मुकेश तिवारी ने कहा कि हिंदी की दशा उतनी चिंताजनक कतई नहीं है जितनी बताई जाती है। उन्होंने हिंदी भाषा, हिंदी साहित्य और हिंदी पत्रकारिता को बहुत समृद्ध बताया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के विकास में मालवा-निमाड़ के योगदान के बारे में भी बताया। 
आयोजित कार्यक्रम में माँ सरस्वती वन्दना तरूण जोषी द्वारा प्रस्तुत की गई। वही ऋषि षर्मा ने शास्त्रीय गायन व निकिता मालवीय ने लोकगीत फागन आयो रे आयो रे... की प्रस्तुति से सदन का मन मोह लिया।
स्वागत भाषण एवं अतिथियों का परिचय मंच के सचिव अनिल शर्मा ने दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन मंच के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह तोमर ने किया। आभार मंच के संयोजक सोहन दीक्षित ने माना।
इस अवसर पर शा.महाविद्यालय के प्राचार्य ओ.पी.शर्मा, हुकुमसिंह देशप्रेमी, डॉ.मंगलेश जायसवाल, डाॅ. काजी एस. रहमान, हरिचरण परमार, सहारा प्रबंधक मनोज दुबे, भगवतसिंह वर्मा, डाॅ. सुभाष शर्मा, श्रीमती सविता परमार, श्रीमती सीमा शर्मा, सेानू सोनी, डाॅ.हरीष सोनी, हरीष पाटीदार, जे.पी. सेन, संदीप गेहलोत, नीरज द्विवेदी, भगवतसिंह राजपूत, महेश केवट, श्रीमती रेखा सांकला, श्रीमती अनिात सोनी, रमेष पाटिल, श्रीराम परमार, विनोद परमार, विष्ववर्धन रावत, भीमसिंह परमार, हरिओम परमार, तरूण जोशी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी प्रबुद्धजन मौजूद रहे।


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