झाबुआ~बोर्ड परीक्षा -लिखने होंगे बड़े उत्तर,प्रश्नों की संख्या भी ज्यादा-माध्यमिक शिक्षा मंडल ने फिर बदला परीक्षा का पैटर्न,~~

पुराने पैटर्न पर ही परीक्षा होगी-फर असमंजस में पड़े विद्यार्थी~~



झाबुआ। संजय जैन~~

10वीं12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नए नहीं,पुराने पैटर्न पर ही ली जाएंगी। परीक्षा में प्रश्नों की संख्या भी अधिक रहेगी और परीक्षार्थियों को प्रश्नों के उत्तर भी बड़े लिखने होंगे। हालांकि बोर्ड की मंशा 30 प्रतिशत  कोर्स कम कर परीक्षा लेने की है,लेकिन अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि परीक्षा पूरे कोर्स के साथ होगी या 70 प्रतिशत कोर्स के साथ। परीक्षा को लेकर विद्यार्थी भी असमंजस में हैं।
कोविड-19 के चलते सरकारी स्कूल नहीं खुले। लॉकडाउन में 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने की कोशिश की,लेकिन स्कूलों के 30 प्रतिशत विद्यार्थी भी नहीं जुड़ पाए। लॉकडाउन खत्म हुआ तो शासन ने अभिभावकों की सहमति से विद्यार्थियों को स्कूल बुलाकर पढ़ाना चाहा,लेकिन यहां भी यही स्थिति रही।






यह असर पड़ा....
-नए पैटर्न से परीक्षा की तैयारी में जुट गए थे। अब नए सिरे से तैयारी करनी पड़ेगी।
-शिक्षकों ने भी नए पैटर्न से परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। अब नए सिरे से कराएंगे।
-बड़े उत्तर लिखने व प्रश्नपत्र हल करने में समय अधिक लगेगा।






पहले इस तरह ली जाना थी नए पैटर्न पर परीक्षा....
-नए पैटर्न में 10वीं व 12वीं के सभी विषयों में तीन-तीन नंबर के ऑब्जेक्टिव,सब्जेक्टिव और एनालिटिकल सवाल पूछे जाएंगे।
-सभी विषयों में 30-30 ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे जाएंगे।
-पांच सवाल सब्जेक्टिव होंगे हर सवाल 3-3 अंक का होगा।
-5 सवालों में परीक्षार्थी को 3 सवाल हल करना था। इन सवालों के जवाब 75 से 100 शब्दों में देने होंगे।
-4 अंकों के विश्लेषणात्मक प्रश्नों के उत्तर 125 से 150 शब्दों में देने होंगे।
-5 नंबर के प्रश्न भी आएंगे,ज्यादा लिखना पड़ेगा ।
-पुराने पैटर्न के आधार पर पांच अंकों के प्रश्न भी पूछे जाएंगे। परीक्षार्थियों को अधिक लिखना होगा।
-25 नंबर के ऑब्जेक्टिव रहेंगे,चार व पांच नंबर के प्रश्न रहेंगे।
-निबंधात्मक प्रश्नों की संख्या भी अधिक रहेगी।
-संभवत:पूरे कोर्स के साथ ही परीक्षा ली जाएगी।






-समय कम......छात्र.....
-शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के विद्यार्थी मयंक ने बताया 70 प्रतिशत  कोर्स व नए पैटर्न के साथ तैयारी कर रहे थे। अब नए से शुरुआत करना होगी।
-एमएलबी की छात्रा ने बताया पुराने पैटर्न से ही परीक्षा लेना थी तो बार-बार बदलाव क्यों कर रहे हैं...?






पुराने पैटर्न पर होगी परीक्षा, कोर्स कम होगा.....
संभवत:माशिमं ने निर्णय लिया है कि इस साल पुराने पैटर्न पर ही परीक्षा ली जाएगी। नए पैटर्न से परीक्षा देने का असर विद्यार्थियों के परीक्षाफल पर पड़ेगा। परीक्षा में 70 प्रतिशत कोर्स के साथ प्रश्नपत्र आएंगे।
..................जीपी ओझा-प्रभारी डीईओ-झाबुआ।




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