धार~मामला रजिस्टार कार्यालय का चार दिन से सर्वेर डॉऊन, नहीं हो पा रही समय पर रजिस्ट्रीयां~~

1 अप्रैल के बाद आवेदन करने पर 15 से 20 हजार रुपए का आएगा अतिरिक्त खर्च~~

धार।( डाँ. अशोक शास्त्री )

मार्च के अंतिम दिनों में जहां सभी विभाग राजस्व की वसूली की ओर ध्यान दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सबसे बड़े राजस्व का केंद्र रजिस्टार कार्यालय में इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पिछले चार दिनों से विभाग का सर्वेर डॉऊन चल रहा हैं, वित्तिय वर्ष समाप्त होने के पहले सैकड़ों की संख्या में लोग अपनी रजिस्ट्रीयां करवाने के लिए कार्यालय पहुंच रहे है। किंतु आवेदन करने के पश्चात भी उनकी समय पर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है, विभाग के कर्मचारी व अधिकारी सर्वेर का हवाला देकर पल्ला झाडऩे में लगे है। कर्मचारियों की माने तो सॉफ्टेवअर ऑनलाईन हैं, उनके हाथों में कुछ नहीं है। ऐसे में लोग प्रतिदिन सुबह घर से अपनी रजिस्ट्री करवाने का सपना लेकर निकलते हैं, किंतु पुरा दिन गुजर जाने के बाद भी उनका सपना पुरा नहीं होता है।
प्रतिदिन होती हैं 200 से ज्यादा रजिस्ट्रीयां
वर्ष 2020 की शुरुआती दिनों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते लॉकडाउन लगा हुआ था, इसके बाद जुलाई माह से स्थितियां धीरे-धीरे सुधरने लगी। किंतु वर्ष 2021 आने के बाद ही प्रॉपटी के धंधे में थोड़ी तेजी आई हैं, ऐसे में व्यापार जरुर बढ़ गया। किंतु लोगों की रजिस्ट्रीयां नहीं होने पर अब लोग परेशान होकर अपने प्लॉट व मकान का सौदा केंसल करने में लगे हैं, ऐसे में प्रॉपटी के व्यवसाय से जुड़े हुए लोग भी परेशान है। पवन दुबे ने बताया कि शहर में प्रतिदिन 200 से ज्यादा रजिस्ट्रीयां कार्यालय के माध्यम से होती हैं, किंतु पिछले चार दिनों से सर्वेर की दिक्कत के चलते समय पर ग्राहको की रजिस्ट्रीयां नहीं हो पा रही है। वहीं पूरे जिले में प्रतिदिन 1 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रीयां होती है, उसके मुकाबले सर्वेर की दिक्कत के कारण एक दिन में 100 रजिस्ट्रीयां भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में सर्वेर के कारण प्रॉपटी के व्यवसाय में इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा हैं, ग्राहक को बार-बार बोलकर परेशान हो गए है।
15 हजार का खर्च बढ़ेगा
सरकार के द्वारा जारी नए आदेश के तहत 1 अप्रैल से रजिस्ट्री करवाने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। ऐसे में इसका सीधा असर आम व्यक्ति की जेब पर पड़ेगा, एक प्लॉट का सौदे व उसके रजिस्ट्री करवाने पर 15 हजार से 20 हजार रुपए का अतिरिक्त खर्च होगा। वहीं बड़े प्लॉट सहित जमीन के मामले आने पर यह खर्च लाखों रुपए तक पहुंच जाएगा। ऐसे में कोरोना के कारण आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे लोगों के सामने अब समय पर रजिस्ट्री नहीं होने के कारण एक ओर नई आर्थिक दिक्कत 1 अप्रैल से शुरु हो जाएगी। वहीं महिलाओं को 2 प्रतिशत की छूट रजिस्ट्री करवाने पर दिए जाने का लाभ भी नहीं मिल रहा है।


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