बडवानी~कलेक्टर ने बचाई अधिगृहित हुई भूमि को पुनः अधिगृहित होने से ~~

दोषी पटवारी को किया निलम्बित, अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी प्रारंभ हुई छानबीन ~~

कलेक्टर की सजगता से बचे शासन के 1 करोड़ 8 लाख रूपये~~

बडवानी / कलेक्टर श्री शिवराजसिंह वर्मा ने ठीकरी - अंजड मार्ग पर एक भूमि का दुबारा आपसी सहमति से भू-अर्जन की कार्यवाही रूकवाने में सफलता प्राप्त की है। कलेक्टर की इस सजगता के कारण शासन की गाइड लाइन अनुसार पुनः भू-अर्जन हेतु निर्धारित 1 करोड़ 8 लाख का मुआवजा बचाने में सफलता मिली है। कलेक्टर ने इस कार्यवाही में सीधे - सीधे जुड़े संबंधित पटवारी को जहाॅ तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। वहीं एनएच सहित राजस्व विभाग के अन्य कर्मियों, पदाधिकारियों पर भी कठौर कार्यवाही हेतु,  छानबीन प्रारंभ की है।
कलेक्टरेट कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार ठीकरी - अंजड मार्ग निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राज मार्ग संभाग इन्दौर के पक्ष में भूमि क्रय करने की कार्यवाही भूमि स्वामि रहुफ पिता गफुर खान निवासी पिपरी की सर्वे नम्बर 45/1 भूमि के 0.027 हेक्टर भूमि के लिये 1 करोड़ 8 लाख रूपये का मुआवजा प्रकरण प्राप्त हुआ था ।
इस प्रकरण में छानबीन करने पर पाया गया कि खातेदार रहुफ की ग्राम पिपरी में स्थित इस भूमि को रोड़ बनाने हेतु 30 सितम्बर 2008 को 0.670 हेक्टर भूमि का अधिगृहण किया गया था । उस समय इस भूमि का मुआवजा 5 लाख 9 हजार 300 रूपये दिया गया था ।
वर्तमान में एनएच ठीकरी - अंजड मार्ग निर्माण हेतु पुनः इसी सर्वे की भूमि के  0.027 हैक्टर जो पूर्व में अधिगृहित रकबे का शेष भाग है। उसे पुनः आपसी सहमति से क्रय निति के तहत अधिग्रहण करने का प्रस्ताव तत्कालिक पटवारी पिपरी महेन्द्र गुप्ता द्वारा बनाकर प्रस्तुत किया गया। जिसका मुआवजा 1 करोड 8 लाख रूपये बना।
इस पर से कलेक्टर ने जहाॅ संबंधित पटवारी महेन्द्र गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। वहीं इस प्रकरण में अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग के अन्य कर्मियों, पदाधिकारियों के भी मिली भगत एवं पदेन दायित्वों का निर्वहन अच्छी तरह से नहीं करने पर उनकी भूमिका की भी जाॅच प्रारंभ की है। जिससे उनके विरूद्ध भी कठौर कार्यवाही करवाई जा सके ।


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