*499 साल बाद होली पर पड़ रहा ये दुर्लभ योग~~

जानें होलाष्टक कब से कब तक ~~

क्या है होलिका दहन का सही समय व होली पर पड़ने वाले विशेष संयोग के बारे मे( डाँ. अशोक शास्त्री )*

मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने एक विशेष चर्चा मे बताया की इस बार होली दिनांक 29 मार्च 2021 सोमवार को फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को पड़ रही है । इस दिन ध्रुव योग का भी निर्माण हो रहा है । साथ ही साथ 499 साल बाद , इस होली में एक विशेष दुलर्भ योग भी पड़ रहा है । जो इससे पहले 03 मार्च , सन् 1521 को पड़ा था ।  इस बार का दुर्लभ योग...
          ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया कि दिनांक 29 मार्च को होली में चंद्रमा  कन्या राशि में विराजमान रहेंगे । जबकि , गुरु और शनि ग्रह अपनी ही राशियों में रहेंगे । डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक इससे पहले इन दोनों ग्रहों का ऐसा संयोग 3 मार्च, सन् 1521 में बना था , जिसे गुजरे पूरे 499 साल इस होली में हो जायेंगे । जैसा कि गुरु की धनु जबकि  शनि की राशि मकर है । इसके अलावा दशकों बाद होली पर सूर्य , ब्रह्मा और अर्यमा की साक्षी भी रहेगी । जो दूसरा दुर्लभ योग है ।
          डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया  की इस वर्ष होली सर्वार्थसिद्धि योग में मनेगी । साथ ही साथ इस दिन अमृतसिद्धि योग भी रहने वाला है ।

             *क्या है होलाष्टक*
          ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री के अनुसार होली से 8 दिन पहले होलाष्टक लग जाता है । जो दिनांक 22 मार्च से लगेगा । जो दिनांक 28 मार्च तक रहेगा । जिस दौरा कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है । यही कारण है कि शादी , गृह प्रवेश समेत अन्य मांगलिक कार्य इस दौरान नहीं किए जाते हैं ।

*क्यों किया जाता है होलिका दहन*
ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने कहा की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार विष्णु भक्त प्रहलाद को जब राक्षस हिरण्यकश्यप की बहन और प्रहलाद की बुआ होलिका आग पर बिठाकर मारने की कोशिश करती है तो खुद जल जाती है । जिसके नाम पर होलिका दहन की परंपरा है । डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक दरअसल होलिका का अर्थ समाज के बुराई को जलाने के प्रतिक के तौर पर मनाया जाता है । आपको बता दे कि राक्षस हिरण्यकश्यप चाहता था कि लोग उसे भगवान की तरह पूजे लेकिन बेटे को भगवान विष्णु की भक्ति पसंद थी । इसी से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने होलिका को गोद को गोदी मे रखकर जलाने का निर्देश दिया था । दरअसल होलिका को नही जलने का वरदान प्राप्त था ।

*होलिका दहन तिथि और शुभ मुहूर्त*
पूर्णिमा तिथि दिनांक 28 मार्च 2021 रविवार को दोपहर 03:21 बजे से
होलिका दहन मुहूर्त सायं 06:26 से 08:52 बजे तक ।
पूर्णिमा तिथि समाप्त दिनांक 29 मार्च  2021 सोमवार को दोपहर 12:07 बजे तक रहेगी । ( डाँ. अशोक शास्त्री )

                   *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
          श्रीमंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245 , एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
                  मो. नं.  9425491351

                *--:  शुभम्  भवतु  :--*


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