*झाबुआ~कटारिया ट्रांसपोर्ट की मनमानी*~~

*रेलवे रैंक पाइंट से लौहे की कोयल ओवरलोड भरकर ट्रकें निकाल रहे जिम्मेदार मोन..?*~~

*लौहे की कोयल क्रेनों से उतारी जाती जबकि पास से ही निकलती हैं कई सुपरफास्ट ट्रेनें*~~

*रेलवे रेक पाइंट से नगर के रोड हुए जर्जर*~~

*ब्युरो दशरथ सिंह कट्ठा झाबुआ...9685952025*~~


झाबुआ - जिले का बड़ा और एक मात्र रेलवे स्टेशन हैं मेघनगर। यहाँ दिल्ली-मुंबई , मुंबई-दिल्ली और भोपाल से लेकर अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर जाने के लिए कई सुपर फ़ास्ट एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। स्टेशन की कुछ ही दूरी पर बना रेलवे रैंक पॉइंट बना है वहाँ से लौहे की कोयल से भरी मालगाड़ीयो से लौहेकि भारीभरकम कोयल क्रेनों से उतारी जाती हैं। और ट्रकों में अवर्लोडिंग की जाती हैं। जबकि उसी के पास से ही कई सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। यहाँ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता हैं। इस और किसी भी अधिकारीयो द्वारा ध्यान नही दिया जा रहा हैं। जिसके चलते कटारिया ट्रांसपोर्ट अपनी मनमानी कर रहा हैं। वहीँ बात ओवर्लोडिंग की करे तो जेएसडब्ल्यू कंपनी मुंबई कर्नाटक द्वारा अधिकृत ट्रांसपोर्टर कटारिया इंदौर द्वारा रेलवे रैंक पाइंट से लौहे की कोयल ओवरलोड भरकर ट्रकें नगर के व्यस्थम चौराहा साईं चौराहे और झाबुआ चौराहा से भी गुजरती है। इन चौराहों पर काफी भीड़ रहती है और लौह की ओवरलोड कोयल को भरकर उनको झाबुआ रोड पर स्थित एक  खुला पड़ा ग्राउंड में धड़ल्ले से शिफ्ट किया जा रहा है। शहर के व्यस्तम चौराहों व मार्गों से उक्त ट्रक तेज गति से निकलते हैं जिससे दुर्घटनाओं का भय लगा रहता है। यह कि उक्त ट्रकों में ओवरलोड लौहे की भारीभरकम कोयल भरकर निकलता है, वाहन की क्षमता 30 टन होती है लेकिन ट्रकों में 40 से 45 टन कोयल भरी जा रहा है जिससे सड़क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। उक्त ट्रक 35205 करने वाली गाड़ी में 45 टन पास किया जा रहा है और उन 5023 जो गाड़ी आती है उसमें 55 लोड किया जा रहा है जबकि यह ठेका अंडर लोड का है एवं जिसका एग्रीमेंट भी है। प्लेटफार्म पर ट्रेनें खड़ी रहती है जो नियम के हिसाब से रेक लगने के 2 घंटे पहले ही खड़ी रह सकती है लेकिन कटारिया ट्रांसपोर्ट द्वारा वहां पर पार्किंग जोन बना दिया गया है। साथ ही ओवरलोड भरकर गुजरने से अब रेलवे के रेक झोन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जो किसी भी तरह से दुर्घटना को आमंत्रित करने के लिए काफी है। कटारिया ट्रांसपोर्ट इंदौर मुंबई और कर्नाटक से आता है माल और घाटाबिल्लोद नेशनल स्टील प्लांट पर जाता है जहां आवागमन पर माछलिया घाट भी है जहां पर हैवी लोडेड इन वाहनों से जाम का सबब बनता है एवं तथा दुर्घटनाओं में भी इन्हीं लोडेड वाहनों से बढ़ रही है। विडंबना यह है कि उक्त ट्रक ओवरलोड भरकर आरटीओ ऑफिस के सामने से गुजरते है एवं वाहनों के दस्तावेज भी नहीं रहते हैं लेकिन जिम्मेदार अमला न जाने कौन सी  वजह के चलते इन ट्रकों पर कार्रवाई करने से गुरेज कर रहे हैं।


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