*चैत्र नवरात्रि पर विशेष योग , घोडे पर सवार होकर आ रही माँ दुर्गा कंही सत्ता परिवर्तन के योग( डाँ. अशोक शास्त्री )*~~

          मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने एक विशेष चर्चा मे बताया की  चैत्र मास को हिंदू नववर्ष का प्रथम मास माना जाता है। प्रतिवर्ष चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि आरंभ होती हैं ।                               
         ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया की चैत्र हो या शारदीय नवरात्र हर बार देवी माँ अलग-अलग वाहनों से आती है । वैसे तो देवी दुर्गा का वाहन तो शेर होता है । लेकिन नवरात्र मे माँ प्रथ्वी पर दिनों के अनुसार आती है । मान्यता है कि देवी माँ किस वाहन से आ रही है इसका विशेष महत्व होता है । देवी भागवत पुराण के अनुसार माँ दुर्गा का आगमन आने वाले भविष्य की घटनाओं के बारे मे संकेत देता है । इस बार चैत्र नवरात्र 13 अप्रैल यानी कि मंगलवार से आरंभ हो रहे है । तो माँ दुर्गा इस बार घोडे से आ रही है । डाँ. अशोक शास्त्री ने कहा की घोडा युद्ध का प्रतीक माना जाता है । घोडे पर माता का आगमन शासन और सत्ता के लिए अशुभ माना गया है । इससे सरकार को विरोध का सामना करना पडता है और सत्ता परिवर्तन का योग बनता है । वंही देवी माँ की बिदाई नर वाहन से होने से सुख समृद्धि मे वृद्धि होगी ।
          इस बार चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल 2021 दिन मंगलवार से शुरू हो रही हैं । और 21 अप्रैल को नवमी तिथि पडेगी । इस बार कोई तिथि क्षय नही है । नवरात्रि का पावन पर्व पूरे नौ दिन मनाया जाएगा । डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया की नवरात्रि के नौ दिन मां आदिशक्ति की उपासना करने के लिए बहुत खास माने जाते हैं । नवरात्रि नौं दिनों तक मां के 9 स्वरूपों शैलपुत्री माता , ब्रह्मचारिणी , चंद्रघंटा , कूष्माण्डा , स्कंदमाता , कात्यायनी , कालरात्रि , महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है । नवरात्रि में मां दुर्गा के स्वरुपों की पूजा अर्चना करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उनके जीवन में खुशहाली आती है ।
          ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार नवरात्रि के प्रथम दिन ग्रहों के संयोग से कुछ विशेष योग का निर्माण हो रहा है। नवरात्रि की शुरुआत अश्विनी नक्षत्र मे होगा । डाँ. अशोक शास्त्री के अनुसार अश्विनी नक्षत्र के स्वामी ग्रह केतु है और देवता अश्विनी कुमार है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अश्विनी कुमार आरोग्य के देवता है । दोपहर 02:14 बजे तक यह योग बन रहा है । इस दिन सुबह 10 बजकर 17 मिनट तक करण बव योग रहेगा। इसके साथ ही चैत्र प्रतिपदा की तिथि को दोपहर बाद 03 बजकर 16 मिनट तक विष्कुंभ योग रहेगा इसके बाद प्रीति योग आरंभ हो जाएगा। तो वहीं रात 11 बजकर 31 मिनट तक बालव योग रहेगा।
          नवरात्रि की पूजा मे घटस्थापना 13 अप्रैल को की जाएगी । घटस्थापना मुहूर्त - 13 अप्रैल 2021 दिन मंगलवार प्रातःकाल 05:28 बजे से 10:14 बजे तक रहेगा  । एवं प्रातः 11:56 से 12:47 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा ।

                   *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
          श्रीमंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245 , एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
                  मो. नं.  9425491351

               *--:  शुभम्  भवतु  :--*


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