नसरुल्लागंज~मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा आज संबोधित में कहा गया कि कोविड-19 के मरीजों  में बहुत गिरावट आई है ~~

इसका मेन कारण है कि पूरे मध्यप्रदेश के 1900 संविदा स्वास्थ्य कर्मियों 24 मई से हड़ताल पर चले जाने के बाद कोविड-19 मरीजों में गिरावट आई है~~

नसरुल्लागंज~क्योंकि संविदा स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा  कोविड-19 मरीजों की  टेस्टिंग करते थे जो आज  मध्यप्रदेश में टेस्टिंग नी के बराबर हो रही है~~

अगर इन संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल जल्दी खत्म नहीं होती है तो मध्यप्रदेश में अपने आप ही कोविड-19 खत्म हो जाएगा जब टेस्टिंग ही नी बराबर होगी तो~~

नसरुल्लागंज जिला सीहोर ब्यूरो आनंद अग्रवाल की रिपोर्ट~~

मध्य प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आज मध्यप्रदेश को संबोधित ने कहा गया कि मध्यप्रदेश में कोविड-19 मरीजों में काफी गिरावट आई है यह कहना सरासर गलत है इसका मेन कारण है कि जो संविदा स्वास्थ्य कर्मी द्वारा पूरे मध्यप्रदेश में कोविड-19 की टेस्टिंग की जाती थी वह आज पूर्ण रुप से नी के बराबर हो रही है  क्योंकि समस्त संविदा स्वास्थ्य कर्मियों पूरे मध्यप्रदेश मैं अपनी सेवा बंद कर  24 मई से हड़ताल पर चले गए हैं इसीलिए मध्यप्रदेश में कोविड-19 टेस्टिंग नी के बराबर हो चुकी हैं जब टेस्टिंग ही नी के बराबर होगी तो पॉजिटिव मरीज कहां से आएंगे खुद ही अपने आप कोविड-19 मरीजों मैं   गिरावट होने लगेगी  अगर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की मांग को नहीं माना गया या इनकी सुनवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में तीसरी लहर आने में देर नहीं लगेगी क्योंकि अभी भी हजारों की तादाद में टेस्टिंग बाकी है अगर यह टेस्टिंग नहीं होगी तो इससे कोविड-19 मरीजों में बढ़ोतरी होगी जैसा  रोकना किसी की बस की नहीं रहेगा इसीलिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के सदस्यों या अध्यक्ष से बात करके इस हड़ताल को खत्म करें जिससे कोविड-19 टेस्टिंग बड़े और जो पॉजिटिव है उनका इलाज हो सके नहीं तो अभी जो स्थिति बनी थी उससे ज्यादा भयंकर स्थिति आगे  बंद सकती है अगर टेस्टिंग नहीं होती है तो इसकी पूर्ण जिम्मेदार मध्यप्रदेश शासन रहेगा जो इन संविदा स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा नहीं करेंगे और इनको पुणे काम पर ना लगाएंगे तो आने वाला समय भयंकर हां सकता है


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