नसरुल्लागंज~ तहसील के कोबिट सेंटर स्वास्थ्य विभाग मैं बनाया गया है~

वहां पर कोविड-19 के  कॉफी मरीज भर्ती हैं और वहीं पर उन सभी मरीजों के परिजनों ने कोविड- सेंटर पर कब्जा जमा कर बैठे हैं~

जब इन्हें नीचे जाने का कहते हैं तो यह सभी जाने को तैयार नहीं होते हैं ~~

अगर प्रशासन अधिकारी  ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो हो सकता है यह सभी व्यक्ति भी करोना पॉजिटिव हो सकते हैं~

और तो और यह सभी व्यक्ति यहां से घर जाते हैं और दूसरे व्यक्तियों से भी मिलते हैं~~

अगर इन्हें रोका नहीं गया तो नसरुल्लागंज  तहसील में मरीजों की कमी नहीं आ सकती अगर प्रशासन अधिकारी की ऐसी ही लापरवाही रही तो ~~                     

नसरुल्लागंज से जिला सीहोर ब्यूरो आनंद अग्रवाल की रिपोर्ट~~                                                            

* नसरुल्लागंज तहसील का एक  कोविड-19 सेंटर नसरुल्लागंज स्वास्थ्य विभाग में फर्स्ट फ्लोर पर बनाया गया है जहां पर कॉफी मात्रा में मरीज भर्ती हैं जिसमें कई मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है लेकिन इतना सब देखने के बाद भी इन सभी मरीजों के परिजन फर्स्ट फ्लोर पर ही पेसेंट के पास बैठे हुए हैं जब इन्हें डॉक्टर नर्स  समक्ष स्टॉर्म मना करते हैं और नीचे जाने का कहते हैं तो सभी परिजन समस्त स्टाफ के साथ बहस करने लगते हैं  और कभी-कभी तो गलत शब्दों का भी उपयोग करने लगते हैं  मजबूर होकर स्वास्थ्य विभाग वहां से हट जाता है अगर  प्रशासन अधिकारी  इस ओर ध्यान नहीं देंगे तो  आज 52 मरीज पॉजिटिव आए है हो सकता है कि इन सभी को वहां से नहीं हटाया गया तो आने वाले समय में यह सभी पॉजिटिव आ सकते हैं और जिससे पॉजिटिव का सिलसिला बढ़ता रहे


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