झाबुआ~लॉकडाउन में हरी सब्जियां हुईं सस्ती,फलों की कीमत दोगुनी-तेल के 60,दाल के 30,ड्रायफ्रूट्स के 300 रुपए प्रति किलो तक बढ़े दाम~~

डॉक्टरों द्वारा फलों के सेवन पर जोर देने से अप्रैल में बढ़ गए- नारियल पानी 30 रुपए प्रति से हुआ 80 रुपए प्रति~~


झाबुआ। संजय जैन~~

जिले में 16 अप्रैल से लॉकडाउन लगा हुआ है। लॉकडाउन के बीच आवश्यक वस्तुओं के विक्रय के लिए दुकानों के खुलने का प्रशासन से समय तय कर रखा है।तेज गर्मी में हरी सब्जियां खराब हो जाती हैं। यही वजह है कि अभी सभी हरी सब्जियां आम आदमी की पहुंच में हैं। इस कारण इनके दाम सर्दियों के सीजन जैसे चल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कोरोना के संक्रमण के बीच डॉक्टरों द्वारा फलों के सेवन पर जोर दिए जाने से अप्रैल में इनके रेट दोगुना हो गए हैं।






महज एक माह में हुई कमरतोड़ महंगाई....
पिछले माह नवरात्रि के दौरान राशन सहित फलों के दाम काफी कम थे। लेकिन जैसे ही लॉकडाउन लगा वैसे ही दामों में इजाफा होना शुरू हो गया था। लॉकडाउन जैसे-जैसे बढ़ता जा रहा हैए वैसे वैसे खाद्य सामग्रियों के दाम बढ़ते जा रहे हैं। इस महंगाई से गरीब से लेकर अमीर तक प्रभावित है। एक ओर जहां लॉकडाउन में खाद्य सामग्री की कालाबाजारी हो रही है, वहीं थोक के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं।






 240 रुपए किलो बिक रहे सेवफल...
संक्रमण के बीच डॉक्टरों द्वारा मौसम के मिजाज व बीमारी को देखते हुए ज्यादा नारियल पानी, फल अनार,संतरा,केले,पपीते के सेवन के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। यही कारण है कि सारे फलों के दाम बीते 1 माह में दोगुना हो गए हैं। 100 रुपए किलो का सेवफल 240 रुपए मे बिक रहा है। 50 रुपए किलो वाला अंगूर 120 रु.जा पहुंचा है। 30 रु. का नारियल पानी 80 रु हो गया। संतरा 80 से सीधे 160 रुपए,अनार 120 से 240 रु.जा पहुंचा है।






फल की डिमांड आम दिनों में 25 प्रतिशत होती थी जो अब बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंची......
कोरोना काल में महामारी से बचने के लिए हर जतन कर रहे हैं। फलों की डिमांड आम दिनों में जहां 25 प्रतिशत होती थीए वहीं 80 से 90 फीसदी खपत हो रही है। इसके अलावा ड्रायफ्रूट्स की खपत भी 4 से 5 गुना बढ़ गई है। डिमांड बढऩे की वजह से भी कुछ हद तक दामों में इजाफा होने की वजह बताई जा रही है। वहीं कोरोना महामारी के संकट में महंगाई बढ़ाकर अवसरवादी व्यापारी जहां आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहे हैं,वहीं संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी खाद्य सामग्री से मोहताज कर रहे हैं। रोज कमाने और खाने वालों की स्थिति दूसरे के मुकाबले स्थिति काफी खराब है। क्योंकि बाजार बंदी से उन्हें कहीं काम नहीं मिल पा रहा है।






एक घर के उदाहरण से समझिए.....
घर पहले राशन 1800 से 2000 के बीच में जाता था,वहीं आज लगभग 3000 और 3200 के बीच में आ रहा है। तेल,शक्कर सहित हर चीज लगभग डेढ़ गुना बढ़ चुकी है। सब्जी-फल भी के दाम काफी बढ़ गए हैं। हर चीज में महंगाई हो गई है। यह आम आदमी की आय सीमित है और महंगाई दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।






ड्राय फ्रूट्स और फलों के दाम दो गुना तक बढ़े.....
सामग्री दाम                      पहले                   अब दाम
मुनक्का                          500-600                1000
बादाम                          600                        800
अंजीर                          600                        1000






फल दाम पहले अब दाम.....
नारियल पानी                 30                        80
सेब                            80-100                  240
अंगूर                          40-50                   120-130
मोसंबी                        50-55                    180
अनार                          50-60                   150
पपीता                         30-40                    80
खरबूजा                      20-30                     50
अनानास                     30-40                    100

नोट....सभी दाम किलो में फूटकर के है.... नारियल पानी नग में.....






आमदनी अठन्नी,खर्चा रुपइया......काम बंद,लेकिन खर्च बढ़े.......
सामग्री दाम                 पहले                    अब दाम
सोयाबीन                    95                         160
मूंगफली                     150                         200
सन फ्लावर                110                         180
दाल दाम                  पहले                       अब दाम
तुवर                       85-90                    110-120
चना                       55-60                     75-80
मूंग                        80-85                     95-100
उड़द                       85-90                    110-120
राज्य व केंद्र सरकार नियंत्रण करें.....
किराना से जुड़ी कई खाद्य सामग्रियों में पिछले एक माह के दौरान में करीब 20 फीसदी तक वृद्धि हुई है। थोक दाम ही बढ़ा दिए गए हैं। इससे फुटकर दुकानदारों को मजबूरी में महंगे दाम पर सामग्री बेचना पड़ रही है। स्टाकिस्ट और बड़े थोक विक्रेताओं पर राज्य व केंद्र स्तर पर नियंत्रण व निगरानी होनी चाहिए।
................राजू मेहता-किराना व्यापारी-पद्मावती किराना




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