*रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है , इस दिन वैशाख शुक्ल की एकादशी तिथि है , इस तिथि को मोहिनी एकादशी कहा जाता है( डाँ. अशोक शास्त्री )*~~

          मोहिनी एकादशी व्रत को सभी व्रतों में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है । एकादशी व्रत का वर्णन महाभारत काल में भी मिलता है । एकादशी का व्रत सभी प्रकार की मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना गया है । एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है । एकादशी व्रत में भगवान विष्णु की विशेष पूजा और आराधना की जाती है ।
          मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने एक विशेष मुलाकात मे बताया की मोहिनी एकादशी दिनांक 23 मई 2021 रविवार को वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है , जिसे मोहिनी एकादशी कहा गया है ।
मोहिनी एकादशी व्रत में बारे में कहा जाता है कि ये व्रत जीवन में विशेष फल प्रदान करता है । जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करने में इस व्रत का विशेष पुण्य बताया गया है । इसके साथ ही दांपत्य जीवन , शिक्षा , करियर , जॉब , बिजनेस और सेहत आदि में आने वाली दिक्कतों को भी ये व्रत दूर करता है ।
          ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने आगे बताया की मोहिनी एकादशी में 'त्रिस्पृशा' का दुर्लभ संयोग बन रहा है । पद्मपुराण के अनुसार यदि सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक थोड़ी सी एकादशी, द्वादशी, एवं अन्त में किंचित् मात्र भी त्रयोदशी हो, तो वह 'त्रिस्पृशा - एकादशी' कहलाती है । यदि एक 'त्रिस्पृशा - एकादशी' को उपवास कर लिया जाय तो एक सहस्त्र एकादशी व्रतों का फल ( लगभग पुरी उम्रभर एकादशी करने का फल ) प्राप्त होता है ।
          'त्रिस्पृशा-एकादशी' का पारण त्रयोदशी मे करने पर 100 यज्ञों का फल प्राप्त होता है । प्रयाग में मृत्यु होने से तथा द्वारका में श्रीकृष्ण के निकट गोमती में स्नान करने से, जो शाश्वत मोक्ष प्राप्त होता है, वह 'त्रिस्पृशा-एकादशी' का उपवास कर घर पर ही प्राप्त किया जा सकता है , ऐसा पद्मपुराण के उत्तराखण्ड में 'त्रिस्पृशा - एकादशी' की महिमा में वर्णन है ।
          डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक मोहिनी एकादशी पर ग्रह और नक्षत्रों के योग से विशेष संयोग का निर्माण भी हो रहा है । मोहिनी एकादशी का व्रत सिद्धि योग में पड़ रहा है । इसे शुभ योग माना जाता है । शुभ योग में पूजा और व्रत के फलों में वृद्धि होती है । इसे सर्वार्थ सिद्धि योग भी कहते हैं । पंचांग के 23 मई 2021 रविवार को यह योग प्रात: 05 बजकर 21 मिनट से दोपहर को 12 बजकर 09 मिनट तक बना हुआ है ।

                  *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
          श्रीमंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245 , एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
                  मो. नं.  9425491351

                 *--:  शुभम्  भवतु  :--*


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