झाबुआ~महंगाई अनकंट्रोल-पिछले तीन दिनों से डीजल के भाव स्थिर,हो चला परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल~~


झाबुआ। संजय जैन~~

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के साथ महंगाई ने भी रफ्तार पकड़ रखी है। संक्रमण दर तो कम होने लगी लेकिन पेट्रोल,डीजल,आटा सहित किराना सामान के भाव की रफ्तार बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण औद्योगिक इकाइयां भी लॉक होने के साथ उत्पादन बंद हो गया। बाजार में सामान की कमी होने लगी तो जो बचा माल हैै।  उसे बढ़े हुए दामों पर ग्राहकों को खरीदना मजबूरी बन गया। पेट्रोल ने लोगों के जेब पर भार बढ़ा दिया तो तेल,आटे ने किचन का गणित बिगाड़ दिया। लॉकडाउन में लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे है ऐसे में उनके सामने महंगाई की मार में घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।






हो चला परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल .....
अप्रैल में संक्रमण बढऩे पर प्रशासन ने 9 अप्रैल से लॉकडाउन शुरू किया था। फिर भी संक्रमण नहीं रुका तो कोरोना कफ्र्यू के साथ औद्योगिक इकाइयों को भी बंद कर दिया। जनता घरों में बंद हो गई तो महंगाई पूरी तरह अनलॉक रही। जनवरी से अब तक पेट्रोल के दाम में 9 रुपए 47 पैसे की बढ़ोतरी के साथ भाव 102.01 रुपए लीटर पर पहुंच गए। इसी तरह सोया तेल के भाव की रफ्तार तेज है। सिर्फ  मई में ही तेज के भाव में 7 से 8 रुपए की बढ़ोतरी हो गई है। थोक में 160 रुपए लीटर होने पर फुटकर में 170 से 180 रुपए एक लीटर पाउच हो गया है। इसका मुख्य कारण सोया प्लांटों का बंद होना। किराना सामान में चायपत्ती,शकर, आटा व दालों के भाव में बढ़ोतरी होने से लोगों के किचन का गणित भी बिगड़ गया है। एक परिवार में किराने का मासिक खर्च 1000 से 1200 रुपए अधिक हो गया। ऐसे में मध्यमवर्गीय व गरीब परिवारों के सामने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो चला है।






किराना.....
लॉकडाउन के पहले अप्रैल में आटा 130 रुपए का 5 किलो मिल रहा था। वर्तमान में इसके भाव में 20 रुपए की बढ़ोतरी हो गई। तुअर,मूंग मोगर, मसूर दाल के भाव भी 100 रुपए किलो से ऊपर पहुंच गए। चायपत्ती 370 से 390 रुपए किलो हो गई। इनके कारण प्रत्येक परिवार के किचन का गणित बिगड़ गया है।






पंप संंचालक....
पेट्रोल के भाव तीन दिन से स्थिर चल रहे हैं। अभी इनके भाव में गिरावट की संभावना बहुत कम है। भाव में तेजी है लेकिन लॉकडाउन के कारण खपत कम हो रही है। लॉकडाउन के पहले यदि 2 हजार लीटर रोज की खपत थी तो वह वर्तमान में 1 हजार लीटर है।






सोया तेल....
विदेशों में पाम ऑइल के भाव दोगुना हो गए। देश में अमेरिका,ब्राजिल,अर्जेटीना,चाइना से पाम ऑइल आता है। सोया तेल कंपनियों में आने वाले पाम आइल की ड्यूटी में सरकार कमी करें तभी इसके भाव कम हो सकती है। सभी फैक्ट्रियां भी लॉकडाउन के कारण बंद थी। अब खोलने की इजाजत दे दी लेकिन मंडियां बंद है। जब माल ही नहीं मिलेगा तो उत्पादन होना संभव नहीं है। अगले एक महीने में थोक में सोयाबीन तेल के भाव में और तेजी आएगी। जो नई सोयाबीन आने तथा पाम ऑइल के भाव में गिरावट होने पर ही तेल के भाव कम होंगे।






पेट्रोल खर्च....एक सप्ताह में 100 से 102 पर पहुंचा पेट्रोल.....
102.03 रुपए लीटर होने से एक दुपहिया वाहन चालक की जेब पर 700 रुपए भार बढ़ गया है। वर्ष 2018 में पेट्रोल 80 रुपए लीटर था तब बाइक से 100 किमी का सफर आना-जाना 200 रुपए का खर्च आता था। अब सीधे 250 रुपए का पेट्रोल खर्च हो रहा। वर्तमान में बस,ट्रेनें बंद होने पर आसपास आने के लिए दोपहिया वाहन का ही उपयोग कर रहे हैं। पहले एक व्यक्ति यदि 100 रुपए का पेट्रोल डलवाकर चार दिन वाहन चलाता था। अब इसके लिए 200 रुपए खर्च करना पड़ रहे हैं।






4 सदस्यीय परिवार का किराना खर्च 2700 पर पहुंचा.....
देश में कोरोना संक्रमण की दस्तक के पहले चार सदस्यीय छोटे परिवार का किराना खर्च 1800 रुपए के करीब होता था। पहले लॉकडाउन के बाद चाय पत्ती, तेल के भाव में बढ़ोतरी हुई। इस साल मार्च तक दालों के भाव भी आसमान छूने लगे। हर चीज के भाव में बढ़ोतरी हुई तो एक परिवार का किराना खर्च डेढ़ से बढ़कर 2700 से 3 हजार पर पहुंच गया। इसमें सबसे बड़ा झटका सोया तेल ने दिया है।






एक साल में सोयाबीन तेल के भाव में 90 रुपए की बढ़ोतरी.....
मई 2020           80 रु.
जून 2020          85 रु.
अगस्त 2020      90 रु.
सितंबर             95 रु.
अक्टूबर           100 रु.
दिसंबर            110 रु.
मार्च 2021      140 रु.
अप्रैल            150 रु.
मई               170 रु.






सालभर में ऐसे उछलीं दालें....
दाल                   2020                   2021
उड़द दाल             80                      105
मूंग मोगर             85                      110
तुअर दाल           100                     115
मसूर                  90                       110
(दाल के भाव व्यापारी के अनुसार किलो में)
शकर                36                         40
चावल              65                          95
(भाव रिटेल व्यापारी के अनुसार)




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