झाबुआ~15 जून मंगलवार से सोने पर हॉलमार्किंग का नियम हुआ लागु ...... 4 ने ही लिया है लाइसेंस~~


झाबुआ। संजय जैन~~

15 जून मंगलवार से अब सराफा बाजार में केवल हॉलमार्क वाली ज्वैलरी ही बेचने का नियम लागु कर दिया गया हैैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। शहर में छोटी-बड़ी 40 ज्वेलरी की दुकानें है,इसमें 10 कारीगर भी शामिल हैं। इसमें से 4 ने ही लाइसेंस लिया है।






किया हालमार्किंग रजिस्ट्रेशन अनिवार्य......
शहर में अधिकांश व्यापारी हॉलमॉर्क वाली ज्वेलरी बेच रहे हैं,लेेकिन रजिस्ट्रेशन चार सराफा व्यापारियों के पास ही है। 15 जून मंगलवार से केंद्र सरकार ने सोने की ज्वेलरी पर हालमार्किंग अनिवार्य कर दिया है। देश में सोने के अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानक तय होने के बाद देश में 14,18,22 कैरेट का गोल्ड ही बिकेगा। सरकार ने देश में सराफा व्यापारियों का हालमार्किंग रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया है। अब सराफा व्यापारी सोने की जो भी ज्वेलरी बेचेगा उस पर हॉलमार्क करवाना अनिवार्य होगा। शहर के कुछ ही सराफा व्यापारी हॉलमार्क वाली ज्वेलरी ही बेच रहे हैं। दिक्कत उन्हें है जो यहीं कारीगरों से ज्वेलरी बनवाते हैं या बिना हॉलमार्क के देश के अन्य भागों से ज्वेलरी खरीदते हैं। इन्हें हॉलमार्क के लाइसेंस लेने के साथ हॉलमार्क लगवाने के लिए सेंटर पर लैब टेस्टिंग करवाकर हॉलमार्क सार्टिफिकेट लेना होगा।






हॉलमार्क से पारदर्शिता......
सराफा व्यापारी नितीन धम्मानी सराफ  ने बताया सरकार का निर्णय अच्छा है। व्यापारी को दिक्कत नहीं है। हॉलमार्क से पारदर्शिता रहेगी। ग्राहक को क्वालिटी मिलेगी और रिटर्न में दिक्कत नहीं आएगी। हॉलमार्क है तो ज्वेलरी को कहीं भी बेच सकेगा और उसे उसी कैरेट के अनुरूप रिटर्न मिलेगा।






जिले में एक भी सेंटर नहीं.....
जिला स्तर पर हॉलमार्क सेंटर नहीं हैं। शहर सहित झाबुआ जिले के सराफा व्यापारियों को हॉलमार्किंग के लिए रतलाम या इंदौर जाना पड़ेगा। जिन्होंने हॉलमार्क लाइसेंस ले रखा है,वे रतलाम या इंदौर जा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि जिला स्तर पर सेंटर खोला जाए।






खर्च और जोखिम बढ़ेगा.........
सोने की प्रत्येक छोटी से छोटी ज्वेलरी का हॉलमार्क जरूरी है। प्रत्येक नग पर रतलाम में 35 रुपए हॉलमार्क चार्ज व 18 प्रतिशत जीएसटी लेते हैं। इसके अलावा आने-जाने का खर्च अलग है। खर्च से बड़ा जोखिम झाबुआ से रतलाम या इंदौर तक ज्वेलरी को हॉलमार्क के लिए ले जाना है। दिनभर का समय लगता है।  झाबुआ में सेंटर खुल जाए तो ले जाने व लाने की जोखिम कम हो जाएगी।






ग्राहकों को फायदा....
ग्राहकों को ज्वैलरी की शुद्धता की संतुष्टि रहेगी। ज्वेलर्स ने 18 कैरेट सोना कहकर दिया है तो वह उतना कैरेट का होगा। व्यापारी हॉलमार्क के कारण धोखाधड़ी नहीं कर सकेंगे।






मप्र सराफा एसोसिएशन से मार्गदर्शन मांगा है.....
हॉलमार्क ज्वेलरी बेचने के लिए व्यापारी सहमत है। मप्र सराफा एसोसिएशन से मार्गदर्शन मांगा है। प्रक्रिया समझते ही आगे की कार्रवाई करेंंगे,ताकि व्यापारियों को व्यापार करने में दिक्कत नहीं आए। हॉलमार्क सेंटर खोलने के लिए मांग कर रहे हैं ताकि जोखिम कम हो।
.............नितिन धम्मानी-अध्यक्ष,सराफा व्यापारी एसोसिएशन- झाबुआ।




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