झाबुआ~मोहनखेडा तीर्थ विकास के शिखर पुरूष,आचार्य ऋषभचन्द्र सूरीश्वर म.सा. जी का हुआ देवलोक गमन -मोहनखेड़ा तीर्थ में आज शुक्रवार को सुबह 6 बजे होगा कोविड निमानुसार अन्तिम संस्कार~~





झाबुआ। मोहनखेड़ा जैन तीर्थ के प्रसिद्ध संत आचार्य श्री ऋषभ चन्द्र सूरीश्वर म.सा.जी का बुधवार रात्रि में इंदौर के अस्पताल में इलाज के दौरान देवलोक हो गया। पूज्य आचार्य श्री मानव सेवा के मसीहा व जीव दया प्रेमी परम पूज्य आचार्य देवेश श्री ऋषभ चंद्र सूरी जी महाराज अब इस दुनिया में नहीं रहे।





 
जन्मदिन था और उसी दिन देवलोक गमन .....
आचार्य ऋषभचन्द्र सूरीश्वर म.सा. जी का नाम मोहन कुमार था और उनका जन्म 3 जून 1957 को सियाणा राजस्थान में मगराज-रावती के यहां हुआ। जिस दौरान मोहन कुमार 4 महीने के थे उसी दौरान उनके पिता मगराज का निधन हो गया। उनकी मां धार्मिक और तपस्वी थी और इसी के चलते उन्होंने बचपन में ही आचार्य ऋषभचन्द्र सूरीश्वर म.सा. जी को आचार्य विद्याचन्द्र सुरी जी को समर्पित कर दिया। श्री आदिनाथ राजेंद्र जैन ट्रस्ट मोहन खेड़ा ने सबेरे 6 बजे के करीब निधन की आधिकारिक घोषणा की। 3 जून को उनका जन्मदिन था और उसी दिन उनका देवलोक गमन हो गया। यह बहुत ही अचरज की बात है। स्मरणीय है कि 3 जून को ही आचार्य श्री का 63 वां जन्मदिन था।





 
कोविड निमानुसार सभी गुरु भक्त अपने-अपने घरों से ही श्रद्धा सुमन अर्पित करें......
ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सुजान मल जैन एवं त्रिस्तुति जैन श्री संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंपालाल वर्धन ने बताया कि आचार्य श्री का अंतिम संस्कार मोहन खेड़ा तीर्थ पर किया जाएगा। आचार्य श्री के अंतिम संस्कार कार्यकम में ट्रस्ट ने परिर्वतन कर,अब गुरुवार शाम 5 बजे के बजाए अंतिम संस्कार आज शुक्रवार 4 जून को सुबह 6 बजे कोविड निमानुसार किया जाएगा। ट्रस्ट मैनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ ने बताया कि कोविड निमानुसार सभी गुरु भक्त अपने-अपने घरों से श्रद्धा सुमन अर्पित करें। आचार्य श्री का शिष्य परिवार भी मोहनखेड़ा पहुंच चुका है।






जीवदया व जनसेवा का अनूठा जज्बा था उनके मन में...
आचार्य श्री ऋषभचन्द्र सूरीश्वर म.सा. जी के मन युवावस्था से जन सेवा का अनूठा जज्बा था। वे मोहनखेड़ा को जैन तीर्थ के साथ समग्र समाज को जोडऩा चाहते थे। अपने इस अभियान में वे बहुत कुछ सफल भी हुए। भविष्य वाणी को लेकर भी उनका आकलन सटीक बैठता था। करोना को एवम उज्जैन सिंहस्थ में आंधी तूफान की घटनाओं को लेकर उन्होंने भविष्यवाणिया की थी जो सटीक बैठी थी। सभी समाज के लिऐ उन्होंने 1984 में मानव सेवा चिकित्सालय की स्थापना की जो आज संपूर्ण क्षेत्र में सेवा का पर्याय बन चुका है। इनके सानिध्य में सैकड़ों नेत्र शिविर, चिकित्सा शिविर, विकलांगो के लिए शिविर, उनके उपकरण, अपाहिजो को ट्रायसिकल, महिलाओं को हर वर्ष जन्म दिन पर सैकड़ों सिलाई मशीनें, गरीबों को अनाज, कटे फटे होठों के निशुल्क आपरेशन शिविरों का आयोजन किया गया। तीन दिन में 300 बेड के करोना कोविड सेंटर का इंतजाम, समाज जनों के आर्थिक विकास के लिए बैंको की स्थापना आदि कई कार्य किए।






समाज में शोक की लहर व्याप्त ......
आचार्य श्री के देहावसान पर समग्र जैन समाज सहित पूरे जिले के सर्व समाज में शोक की लहर व्याप्त हो चुकी है ।  उनके निधन पर  पूज्य आचार्य श्री लेखेन्द्रसूरिजी महाराज ने पुज्य आचार्य श्री ऋषभचन्द्र सूरीश्वर म.सा. जी के  देवलोक गमन की सूचना से उन्हे अन्तर आत्मा में दुख की अनुभूति हुई हे । इससे समाज में बहुत बडी क्षति हुई है,जिसे पूरी करना संभव नही है । उन्होने जीवनकाल में अनेक तीर्थो का निर्माण करवाया। उन्होने शासन प्रभावना के एतिहासिक कार्यक्रम किये विशेषकर समग्र जैन समाज का श्रद्धा का केन्द्र मोहनखेडा तीर्थ विकास में उनका बहुत बडा योगदान रहा है। वे मोहनखेडा तीर्थ विकास के शिखर पुरूष रहे है । उन्होने शंखेश्वर पाश्र्वनाथ भगवान एवं दादा गुरूदेव से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्मा जहां कहीं भी हो उनको परम सुख एवं परम शांति की प्राप्ति की कामना की है। मुनिमंडल एवं साध्वी मंडल सहित आचार्यश्री को भावपूर्वक श्रद्धांजलि पुष्पाजंलि अर्पित की है। वही रतलाम झाबुआ आलीराजपुर के सांसद गुमानसिंह डामोर, झाबुआ विधायक कांतिलाल भूरिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल मेहता, भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह नायक,पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेष दुबे, डा. विक्रांत भूरिया ,यशवंत भंडारी, संजय जैेन, संदीप जेैन राजरतन, संजय मेहता, मनोहर भंडारी मनोहर मोदी, संजय कांठी, संतोष नाकोडा, राजेन्द्र कांसवा, भरत बाबेल, मुकेश नाकोडा, तेज प्रकाश कोठारी आदि ने पूज्य आचार्य श्री ऋषभचन्द्र सूरीश्वर म.सा. जी के महानिर्वाण पर श्रद्धाजलि अर्पित करते हुए नमन किया है ।




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