झाबुआ~पहली बार.... पट्टों की जमीन भी खरीद-बेच सकेंगे साथ लोन लेने का अधिकार भी -अभी जरूरत पर बेचने के लिए लेनी पड़ती है कलेक्टर की अनुमति~~


झाबुआ। संजय जैन~~

पहली बार सरकार जमीन के पट्टों में हितग्राही को मालिकाना हक देने जा रही है। यह पट्टे सीधे तौर पर खसरा-खतौनी में भू-स्वामी के नाम से दर्ज कर दिए जाएंगे। इससे हितग्राही जरूरत पडऩे पर अपने भू-खंड और कृषि भूमि को कलेक्टर की बगैर अनुमति के क्रय-विक्रय कर सकेगा। साथ ही बैंक से लोन भी मंजूर करवा सकेगा।






भू-खंड पट्टे आवंटन के संबंध में आदेश जारी ......
केंद्र सरकार की ओर से जून माह में भू-खंड पट्टे आवंटन के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। इसमें उन लोगों को पट्टे बांटने के लिए कहा गया हैए जिनके पास स्वयं की न आवासीय भूमि है न कृषि भूमि। ऐसे में भू-खंड-आवास के लिए आबादी सर्वे पहले करने को कहा गया है। इसकी प्रक्रिया भू-अभिलेख विभाग ने शुरू कर दी है। इसे लेकर मीसल के जरिए जिले के 466 गांव चिह्नित किए गए हैं। इनमें सरकारी जमीनों पर काबिज हितग्राही गांव वार बताए गए हैं। अब धरातल पर पटवारियों द्वारा सत्यापन किया जा रहा है।






अब तक सरकारी पट्टे की जमीन को खरीदने और बेचने की नहीं है अनुमति, बैंक भी नहीं देता लोन....
सरकार ने पहले भू-खंड व कृषि भूमि के पट्टे सरकारी जमीनों पर काबिज लोगों को नहीं बांटे,लेकिन इन पट्टों को शासकीय पट्टे के रूप में खसरे-खतौनी में दर्ज किया जाता था। ऐसे में हितग्राही को इस पट्टे से मिली भूमि को बेचने का अधिकार नहीं था। अगर किसी को जरूरत के मुताबिक बेचना भी होता तो उसके लिए लंबी प्रक्रिया करनी पड़ती थाी। इसमें उसे कलेक्टर की अनुमति की जरूरत रहती थी। साथ ही इन सरकार पट्टों की खास बात यह थी कि सरकार व प्रशासन जब चाहे इन पट्टों का निरस्त कर जमीन वापस ले सकता था और हितग्राही को जमीन से बेदखल कर सकता था। साथ ही सरकारी पट्टे पर लोगों को बैंक भी लोन नही देता था लेकिन केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले भू-स्वामी के पट्टे से प्रशासन के यह सारे अधिकार खत्म हो जाएंगे और भूमि पर सिर्फ  हितग्राही को ही सभी अधिकार प्राप्त होंगे।






पहली बार मिलेगा भू-स्वामी का दर्जा....
सरकारी जमीनों के अब तक बांटे गए पट्टों पर भूमि स्वामी की जगह शासकीय पट्टा दर्ज होता था जिसमें हिताग्राही को भूमि को बेचने और खरीदने का अधिकार नहीं होता था। पहली बार केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले पट्टों में भूमि-स्वामी दर्ज किया जाएगा। इससे हितग्राही को जमीन के क्रय-विक्रय के साथ लोन लेने का अधिकार भी मिलेगा।
................सुनील राणा-प्रभारी अधीक्षक,भू-अभिलेख-झाबुआ।




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