*कल साल का पहला सूर्य ग्रहण , शनि जयंती , शनैश्चरी अमावस्या के साथ वट सावित्री व्रत*~~

*शनि देव को सभी ग्रहों मे प्रमुख स्थान दिया गया है । शनि को न्याय का देवता माना गया है । शनि जब अशुभ होते है तो जीवन मे जाँब , केरियर , दांपत्य जीवन और सेहत संबंधी दिक्कते प्रदान करते है* ।

          मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने एक विशेष मुलाकात मे बताया कि साल का पहला सूर्य ग्रहण कल लगेगा । ये ग्रहण ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को लगेगा । इसी दिन शनि जयंती और शनैश्चरी अमावस्या के साथ वट सावित्री व्रत भी है । ग्रहण के दौरान शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं ।
          सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग , यूरोप और एशिया में आंशिक तौर पर दिखेगा । उत्तरी कनाडा , ग्रीनलैंड और रूस में पूर्ण रूप से दिखेगा । भारत में इसे आंशिक तौर पर देखा जा सकेगा ।
सूर्य ग्रहण 10 जून 2021 , गुरुवार को दोपहर 1:42 बजे से शुरू होगा । ये शाम 06:41 बजे समाप्त होगा ।
          सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पूर्व सूतक काल शुरू हो जाता है । पूर्ण सूर्य ग्रहण में सूतक काल मान्य होता है । चूंकि 10 जून को लगने वाला ग्रहण भारत में आंशिक है , ऐसे में सूतक काल मान्य नही होगा ।
          डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया की ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को शनि जयंती और शनैश्चर अमावस्या के दिन शनि देव की विशेष पूजा की जाती है ।
          शनि देव मकर राशि में स्थित हैं
वर्तमान समय में शनि देव मकर राशि में स्थिति है । इसके साथ ही इस समय शनि वक्री अवस्था में है । शनि जब वक्री होते हैं तो पीड़ित हो जाते हैं । जिस कारण शनि का पूर्ण प्रभाव नहीं पड़ता है ।
          5 राशियों पर शनि की दृष्टि है
मिथुन राशि और तुला राशि पर शनि की ढैय्या तथा धनु राशि , मकर राशि और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है । इसलिए इन राशि वालों को इस दिन शनि देव की अशुभता से बचने के लिए विशेष पूजा करनी चाहिए । इसके साथ ही जिन लोगों की जन्म कुंडली में शनि की दशा लगी हुई है वे भी इस दिन शनि देव की पूजा कर सकते हैं । शनि जयंती पर शनि देव की पूजा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं ।
          डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक शनि देव न्याय के देवता है । शनि देव को गलत कार्य पसंद नहीं है । इसलिए शनि की दृष्टि से बचना है तो गलत कार्यों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए । शनि परिश्रम करने वालों का अपमान करने से नाराज होते हैं । इसलिए ऐसे लोगों का सदैव सम्मान करना चाहिए जो कठोर परिश्रम करते हैं । इसके साथ प्रकृति , पशु - पक्षी और गंभीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों की सेवा करने से भी शनि प्रसन्न होते हैं ।

                   *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
          श्रीमंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245 , एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
                  मो. नं.  9425491351

             *--:  शुभम्  भवतु  :--*


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