धार~भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा के 93 वें स्थापना दिवस~~

धार ( डाँ. अशोक शास्त्री )

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा के 93 वें स्थापना दिवस व कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री मा . नरेन्द्र तोमर, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्रीमती शोभा करंदलाजे, वर्चुअल कैलाश चौधरी, परसोत्तम रूपाला, केन्द्रीय मतस्य एवं पशुपालन मंत्री, अश्विनी वैष्णव  केन्द्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री एवं डॉ. त्रिलोचन महापात्र माननीय महानिदेशक  भा.कृ.अ.प. द्वारा प्रतिष्ठित  पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरूस्कार ( राष्ट्रीय ) 2020 ' से सम्मानित किया गया। केन्द्र को पुरूस्कार स्वरूप प्रसस्ति पत्र , शील्ड एवं सम्मान राशि रू . 7 लाख प्रदान की गई। डॉ . केएस किराड पूर्व प्रधान वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र धार ने बताया कि उपरोक्त पुरूस्कार गत 5 वर्षों में किये गये कार्यों के आधार पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा प्रदान किया गया है। यह पुरूस्कार जिले में आदिवासी एवं अन्य कृषकों के बीच में महत्वपूर्ण तकनीकी जैसे बहुमंजिला खेती , उच्च तकनीकी उद्यानिकी , फसल विविधिकरण , कड़कनाथ मुर्गी पालन , बकरी पालन , एकीकृत कृषि प्रणाली, केंचुआ खाद प्रदर्शन इकाई, जैविक खेती, कृषि अवशिष्ट प्रबंधन, कृषि में नवाचार, महिला सशक्तिकरण, उन्नत किस्मों का प्रचार - प्रसार, उन्नत मछली पालन तथा मेढ़ नाली पद्धति का सूचना एवं संचार तकनीकी के माध्यम से उत्पादन एवं आय में वृद्धि साथ ही उच्च गुणवत्ता का बीज तैयार कर प्रदेश एवं देश के अन्य राज्यों में प्रदान किया गया है। केन्द्र द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भारत सरकार नई दिल्ली के राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कृषकों तक आधुनिक तकनीकी का प्रचार प्रसार करने का कार्य किया है। कृषि विज्ञान केन्द्र धार कृषि आदान विकताओ हेतु कृषि विस्तार सेवा में देशी डिप्लोमा प्रारंभ करने वाला मध्यप्रदेश का प्रथम केन्द्र है। त्वरित गति से आधुनिक कृषि तकनीकी दूरस्थ किसानों तक पहुंचाने हेतु केन्द्र द्वारा किसान मोबाईल संदेश के माध्यम से 1,36,435 किसानो , व्हाट्सएप्प ग्रुप में 35,825 कृषकों को जोड़कर उल्लेखनीय कार्य किया है। कोरोना महामारी के समय में भी प्रवासी मजदूरों हेतु रोजगार सृजन एवं आय बढ़ाने हेतु संचार तकनीकी एवं प्रशिक्षणों के माध्यम से प्रशिक्षित किया है। वर्तमान प्रधान वैज्ञानिक, डॉ. एके बड़ाया ने बताया कि केन्द्र को वर्ष 2015 में वेस्ट कृषि विज्ञान केन्द्र ( झोनल ), तत्पश्चात् वर्ष 2018 में फखरूद्दीन अली अहमद अवार्ड से नवाजा गया है। केन्द्र द्वारा कृषि आय को दोगुना करने हेतु जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकी जैसे मेढ़ नाली पद्धति, चौड़ी क्यारी पद्धति, प्रक्षेत्र परीक्षण एवं अग्रिम पंक्ति परीक्षण द्वारा कृषकों की आय में वृद्धि करने एवं कृषि लागत को कम करने में महत्वपूर्ण कार्य किया है। जिले में नवाचार करने हेतु कृषकों , युवाओं एवं कृषक महिलाओं को प्रेरित करने के साथ - साथ गैर इमारती वनोपज में भी सराहनीय कार्य करने के कारण भारत सरकार से प्रतिष्ठित से सम्मनित किया गया है। कृषि विज्ञान केन्द्र धार के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में कृषकों को नवाचार एवं उन्नत खेती करने के लिए जिले के सीताराम निंगवाल, दिनेश पाटीदार को पुरूस्कार प्राप्त हो चुका है। केन्द्र द्वारा आत्मनिर्भर भारत , एक जिला - एक उत्पाद , प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि , एफ.पी.ओ गठन, जैविक खेती, आदिवासी उपयोजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, पोषण सुरक्षा, आर्या, मसाला, कौशल विकास आदि योजनाओं का वेहतर क्रियान्वयन किया है। केन्द्र का जिले के अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय एवं केम्पस में जीवंत प्रदर्शन इकाईयां जैसे बहुमंजिला खेती, उच्च तकनीकी उद्यानिकी, कड़कनाथ मुर्गी पालन, बकरी पालन , पशुधन प्रबंधन , फसल संग्रहालय, एकीकृत कृषि प्रणाली, जैविक खेती, कृषि अवशिष्ट प्रबंधन, कृषि में नवाचार, उन्नत किस्मों का प्रचार - प्रसार, उन्नत मछली पालन तथा मेढ़ नाली पद्धति आदि स्थापित करने से जिले एवं जिले के बाहर के किसान लाभान्वित हुए हैं। कीट एवं रोगों के नियंत्रण में कृषि विज्ञान केन्द्र धार द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है। कृषि विज्ञान केन्द्र धार आदिवासी कृषक तथा अन्य कृषक समुदाय एवं उद्यमी को तकनीकी जानकारी देने हेतु ज्ञान एवं तकनीकी का प्रकाश केन्द्र बन चुका है। जिस हेतु यह पुरूस्कार धार जिले को देश के अन्य कृषि विज्ञान केन्द्रों में से चयन कर मिलना सम्मान की बात है। कृषि विज्ञान केन्द्र धार का चयन पूरे देश के 722 कृषि विज्ञान केन्द्रों में से किया गया है। जिले को राष्ट्रीय स्तर का सम्मान प्राप्त करने हेतु केन्द्र वैज्ञानिकों , अधिकारियों डॉ . जीएस गाठिये, डॉ . एसएस चौहान, डीएस मण्डलोई, गौरव सारस्वत, भूपेंद्र कुमार कुर्मी का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। केन्द्र के वैज्ञानिकों को राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर से मा . कुलपति प्रो. एसके राव , डॉ . एसआरके सिंह, निदेशक, अटारी जबलपुर एवं निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ . एस.एन.उपाध्याय द्वारा बधाई प्रेषित की गई है।


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