धार~प्रभारी मंत्री ने महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ, पेयजल, खाद बीज आपूर्ति के अंतर्गत जिले में किए गए कार्यो की समीक्षा ~~

गरीब तबके के बच्चो को बेहतर शिक्षा मिले इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएं- मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ~~

धार ( डाँ. अशोक शास्त्री )

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर धार आए, मंत्री श्री चौधरी दोपहर करीब 1-30 बजे मुख्यालय पर स्थित सार्किट हाऊस पहुंचे। यहां पर कलेक्टर आलोकसिंह, एसपी आदित्य प्रतापसिंह, सांसद छतरसिंह दरबार, विधायक नीना वर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव यादव सहित अन्य नेताओं ने मंत्री का स्वागत किया। इसके बाद सार्किट हाऊस में मंत्री श्री चौधरी ने भोजन किया, तथा भाजपा नेताओं के साथ जिला भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां से कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के बाद विभागीय कार्यों की समीक्षा को लेकर आयोजित बैठक में शामिल हुए। बैठक में मंत्री श्री चौधरी ने निर्देश दिए कि किसानों के लिए गुणवत्ता पूर्वक पूर्ण कृषि आदान की व्यवस्था हो,समिति स्तर पर खाद बीज की प्रदाय व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग हो, आंगनवाडी केंद्रो  के माध्यम से बच्चों को खाद्यान्न समय पर मिलता रहे। कुपोषण दूर करने के लिए संबंधित क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लें। आंगनवाडी केंद्र में भी मनरेगा के माध्यम से बाॅउण्ड्री का निर्माण किया जाए। गरीब तबके  के बच्चो को बेहतर शिक्षा मिले इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला आपदा प्रंबधन समूह एवं विभागीय कार्यो समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। प्रभारी मंत्री डॉ. चौधरी ने महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ,पेयजल ,खाद बीज आपूर्ति सहित आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले में किए गए कार्यो विशेषकर अस्पतालों में आक्सीजन लाइन डाले जाने की प्रशंसा की। बैठक में सांसद छतरसिंह दरबार, जिला पंचायत अध्यक्ष मालती पटेल, धार विधायक नीना वर्मा, मनावर विधायक हीरालाल अलावा,  सरदारपुर विधायक प्रताप सिंह गे्रवाल, धरमपुरी विधायक पांचीलाल मेडा, कलेक्टर आलोक कुमार सिहं, पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह, राजीव यादव सहित जिला अधिकारी मौजूद थे।
जनप्रतिनिधि दाे कुपोषित बच्चों को ले गोद
मंत्री डाॅं. चौधरी ने बैठक में कहा कि मध्यान्ह भोजन के निर्माण में क्षेत्र के समूह को प्राथमिकता दे। कुपोषण के लिए अगले दो माह में एक स्कीम बनाकर कार्य करे। अति कुपोषित बच्चो के लिए विशेष योजना तैयार की जाए। इस कार्य में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि स्वयं 2 कुपोषित बच्चो को गोद ले और कुपोषण से दूर करे। इसके लिए आॅन द फ्यूचर प्लान तैयार किया जाए। कृषि विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि समितियों में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे।  कृषको को खाद , बीज  तथा किटनाशक गुणवत्तापूर्वक मिले इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। मध्य प्रदेष शासन द्वारा गरीब तबके  के बच्चो को बेहतर शिक्षा मिले इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत शासन का प्रयास है कि 2024 तक हर घर नल से जल की आपूर्ति हो। उन्होने संबंधित  अधिकारी को निर्देश दिए कि इस कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री की क्वालिटी अच्छी हो, इसका लगातार सुपरविजन करते रहे। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरते और प्रयास करे कि इस कार्य से सड़को को भी नुकसान न हो। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले में किए गए कार्य विशेषकर अस्पतालों में आक्सीजन लाइन डाले जाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिले में बहुत अच्छा कार्य किया गया है।
कृषि विभाग ने 7 प्रकरण करवाए दर्ज
बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कि जिले में खरीफ 2021 में अनाज, दलहन, तिलहन, कपास एवं अन्य खरीफ का 514.70 हजार हेक्टयेर बोवनी का लक्ष्य रखा गया। जिसमें से 480.60 हजार हेक्टयेर अनुमानित पूर्ति की जास चुकी है। लक्ष्य का 93 प्रतिशत बोवनी हो चुकी है। गत वर्ष 2020 में 514.58 हजार हेक्टयेर बोवनी की पूर्ति गई थी। जिले में खरीफ 2021 में संस्थागत एवं निजी उर्वरक व्यवस्था हेतु कुल एक लाख 80 हजार 400 मैट्रिक टन का लक्ष्य है। जिसमें से एक लाख 12 हजार 136 मैट्रिक टन भण्डारण किया गया, जिसमें से 84 हजार 780 मैट्रिकटन का वितरण हो चुका है। इसी प्रकार जिले में अमानक एवं अन्य कारणों से 31 मेसर्सो को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इनमें 7 मेसर्सो के विरूद्ध एफआईआर दर्ज तथा एक मेसर्स का पंजीयन निरस्त किया गया है।
200 स्मार्ट क्लास हुई तैयार
शिक्षा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले की समस्त 3088 प्राथमिक एवं 853 माध्यमिक शालाओं में रंगाई-पुताई कर शाला भवनों को आकर्षक बनाया गया है।  यह कार्य शिक्षकों के द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के तहत करवाया गया है। जिले की समस्त प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं को पूर्णतया सुसज्जित एवं आकर्षक रुप से तैयार किया गया है। सभी शालाओं में बाला कार्य, टीएलएम एवं लर्निंग कार्नर भी तैयार किये गए है। इससे बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि जाग्रत होगी। इसी प्रकार जिले में शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत्  बच्चों को भी तकनीकी रुप से आधुनिक शिक्षण पद्धती के माध्यम से मल्टीमिडिया के उपयोग से अध्ययन एवं अध्यापन कार्य कराये जाने हेतु जिले के चयनित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हॉयर सेकेण्डरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास तैयार की गई है। वर्तमान तक जिले में 200 स्मार्ट क्लास तैयार की जा चुकी है। भविष्य में 500 शालाओं में स्मार्ट क्लास के सेटअप का लक्ष्य रखा गया है।  स्मार्ट क्लास अंतर्गत डिजीटल बोर्ड, प्रोजेक्टर,  लेपटाप, स्क्रीन, स्मार्ट टी.वी., साउंड सिस्टम, एवं बच्चों के लिये टेबलेटस एवं कक्ष को फर्नीचर एवं अन्य संसाधनो से सुसज्जित किया गया है। यह कार्य शाला की बचत निधी एवं सीएसआर, जनसहयोग के द्वारा करवाया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा सतत इस योजना की मॉनिटरिंग की जाकर फिडबैक भी दिया जा रहा है। जिले द्वारा इस सबंध में स्मार्ट क्लास के उपयोग हेतु शिक्षको को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।
योजना के तहत मॉं की बगीया तैयार
बैठक में मंत्री श्री चौधरी के समक्ष अधिकारियों ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत बच्चों के सामान्य  ज्ञान, पाठयक्रम आधारित ज्ञान, विविध प्रकार की जानकारी एवं बच्चों की रिडिंग बढाने हेतु प्रत्येक स्कूल में लायब्रेरी स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।  3088 शासकीय प्राथमिक एवं 853 शासमीय माध्यमिक स्कूलों में सुविधा एवं उपलब्ध बजट के अनुसार लायब्रेरी को स्थापित की गई है। इसमें पूर्व की किताबें जो शासन के निर्देशानुसार क्रय की गयी थी एवं नवीन किताबें भी आवश्यकतानुसार खरीदी जा रही है। लायब्रेरी अंतर्गत कक्ष, फर्नीचर, रेक, बुकशेल्फ आदि स्थापित किये गए है। वर्तमान में 580 लाइब्रेरी की स्थापना की जा चुकी है जिले की शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक एवं हाईस्कूल, हायर केकेण्डरी शालाओं में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग कार्यक्रम अंतर्गत 509 शालाओं में मनरेगा से कार्य पूर्ण हो गए है। भविष्य में 2000 शालाओं का लक्ष्य रखा गया है। जिले में संचालित 13 केजीबीवी, 10 बालिका छात्रावास, 235 आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित आश्रम शालाऐं, आरएमएसए के द्वारा संचालित छात्रावास में मध्याहन भोजन अंतर्गत बच्चों को शुद्ध एवं ताजी सब्जिया मिलने के उद्देश्य से जहां पर पर्याप्त स्थान, पानी एवं बाउन्ड्रीवाल की व्यवस्था है वहां पर मॉं की बगीया  (किचन गार्डन ) योजना अंतर्गत जिला पंचायत के मध्यान्ह भोजन एवं मनरेगा से मॉं की बगीया तैयार की गयी है। जिसमें 241 शालाओ में कार्य पूर्ण हो गए है। लगभग 500 स्थानो पर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
265 शालाओं को फर्नीचर करवाया उपलब्ध
जिले की एक परिसर एक शाला अंतर्गत शालाओं में मनरेगा से बाउन्ड्रीवाल कार्य किया जा रहा है। मंत्री श्री चौधरी को विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इससे अतिक्रमण रुकेगा एवं इसमें वृक्षारोपण एवं खेल का मैदान विकसित किया जा सकेगा। बगीचा भी विकासित किया जावेगा। मनरेगा से तैयार हो रही बाउन्ड्रीवाल में स्कूल एवं सीएसआर से जनभागिदारी से बाला कार्य भी करवाया जा रहा है।  जिला में वर्तमान में 586 शालाओं में मनरेगा से बाउन्ड्रीवाल का कार्य प्रचलन में है। इसमें एक परिसर एक शाला के विद्यालयों को प्राथमिकता दी जा रही है।  जिले की शालाओं में कक्षागत प्रक्रिया को सुचारु रुप से संचालित करने के लिये एवं बच्चों को सुविधा के लिये एवं शालाओं में आकर्षण बढाने हेतु समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत वर्तमान तक 265 शासकीय शालाओं में फर्नीचर की उपलब्धता हो चुकी है। उक्त फर्नीचर स्कूल की बचत निधी एवं सीएसआर के माध्यम से प्राप्त हुआ है। जिले की 900 शालाओं के लिये फर्नीचर हेतु वार्षिक कार्ययोजना में प्रस्ताव भी भेजा गया है। मनरेगा के तहत जिले की 112 शालाओं में जहां पर बाउन्ड्रीवाल एवं पानी की सुविधा उपलब्ध है। स्थास्थ्य विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में कोविड-19 के लिए 16 लाख 28 हजार 887 टीकाकारण का लक्ष्य दिया गया, जिसमें से अब तक 4 लाख 79 हजार 812 लोगों को पहला डोज का टीकाकरण तथा 95 हजार 882 का दूसरे डोज का टीकाकरण किया जा चुका है। आयुष्मान भारत योजना के तहत कुज 15 लाख 7 हजार 595 कार्ड का लक्ष्य रखा गया, जिसमें से 8 लाख 91 हजार 592 आयुष्मान कार्ड बनाए गए है तथा 3861 शासकीय चिकित्सालयों से तथा 3970 निजी चिकित्सालय से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।
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