झाबुआ~इस बार विद्यार्थियों को अंकों की पुनर्गणना का अवसर नहीं-परीक्षा नहीं होना मुख्य वजह~~



झाबुआ। संजय जैन~~

कोरोना के असर के कारण माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हाई स्कूल के विद्यार्थियों की परीक्षा लिए बिना ही के परिणाम जारी किए हैं। अब परिणाम के बाद विद्यार्थियों को री-टोटलिंग यानी परीक्षा परिणाम के अंकों की पुनर्गणना का अवसर भी नहीं मिलेगा। कारण,बिना परीक्षा के स्टूडेंट्स प्रमोट हुए हैं और नंबर भी स्कूलों ने ही दिए हैं। 10वीं की परीक्षा में प्रदेश में करीब 7.5 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। इसके साथ ही कक्षा 12वीं में साइंस,कॉमर्स और आट्र्स के परीक्षा परिणाम भी 29 जुलाई गुरुवार को जारी हो गए। इस परीक्षा में भी करीब 6 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे।






बोर्ड जल्द ही कोई दिशा-निर्देश जारी कर सकता है......
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इन सभी विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाएगा। हर साल बोर्ड को करीब 1 लाख से अधिक विद्यार्थियों के संवीक्षा के लिए आवेदन मिलते हैं। लेकिन माना जा रहा है कि यदि स्कूल द्वारा किसी छात्र के परिणाम में अंक के जोड में किसी प्रकार की त्रुटि कर दी है तो उसे सुधारने का मौका दिया जा सकता है। इसके बारे में बोर्ड जल्द ही कोई दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।






पिछले साल 27 जुलाई को आया था परीक्षा परिणाम .....
माध्यमिक शिक्षा मंडल की पिछले साल तक तक परंपरा रही है कि बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी करने के तुरंत बाद ही विद्यार्थियों से री टोटलिंग के लिए आवेदन भी मांग लेता था। इसके लिए बोर्ड द्वारा 10 दिन का समय विद्यार्थियों को देता था। पिछले साल वर्ष 2020 की 12वीं कक्षा के आट्र्यए साइंस और कॉमर्स के परिणाम 27 जुलाई को एक साथ जारी किए गए थे। इन दोनों ही परीक्षाओं के विद्यार्थियों से अगले दिन से ही संवीक्षा के लिए आवेदन मांग लिए गए थे। पिछले साल कोरोना की पहली लहर के बावजूद बोर्ड ने लिखित और प्रायोगिक दोनों ही परीक्षाएं आयोजित करा ली थीं,लेकिन इस बार कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता को देखते हुए बोर्ड परीक्षा नहीं कराईं।






परीक्षा नहीं होना मुख्य वजह.....
बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इस बार बोर्ड की किसी भी कक्षा की परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। बोर्ड के पास किसी भी विद्यार्थी की उत्तर पुस्तिका नहीं है। ऐसे में री-टोटलिंग की प्रक्रिया भी नहीं की जा रही है।






बोर्ड को भी होगा आर्थिक नुकसान......
बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक बोर्ड उत्तर पुस्तिका की संवीक्षा कराने एवं संवीक्षा उपरांत स्कैन प्रति प्राप्त करने के लिए सशुल्क आवेदन मांगता था। कक्षा 10वीं और 12वीं के मिला कर बोर्ड को करीब 1 लाख से अधिक आवेदन संवीक्षा के लिए मिल जाते थे। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। बोर्ड को भी संवीक्षा के लिए मिलने वाले शुल्क का नुकसान होगा।




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