झाबुआ~हॉलमार्किंग नियम के बाद लोग पूछ रहे....क्या हमारे गहने खरीदोगो~~


झाबुआ। संजय जैन~~

सोने की ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग जरूरी हो गया है। ऐसे में सराफा बाजार में खरीदी के लिए आने वाले ग्राहक व्यापारियों से एक ही सवाल कर रहे हैं कि हॉलमार्किंग का नियम लागू हो गया है।






घर में रखी हमारी पुरानी ज्वेलरी का क्या होगा....?
इससे घर में रखी हमारी पुरानी ज्वेलरी का क्या होगा....? यदि हम हमारी पुरानी ज्वेलरी बेचेंगे तो आप ले लोगे क्या...? इस पर व्यापारी भी उन्हें समझा रहे हैं कि हॉलमार्किंग नियम लागू होने के बाद भी आपके घर पर रखी सोने की ज्वेलरी पर कोई असर नहीं होगा। ना तो आपकी ज्वेलरी को कुछ होगा और ना ही उसके रेट घटेंगे। आप जब भी सराफा में ज्वेलरी बेचोगे तो आपको उस समय जो भाव होगा उसी भाव में ज्वेलरी बिकेगी।






2 महीने तक कोई पेनाल्टी नहीं लगेगी ...........
अब हॉलमार्किंग के तहत 14,18 और 22 कैरेट सोने के गहने ही बाजार में मिलेंगे। इसके अलावा किसी भी कैरेट के आभूषण सराफा बाजार में नहीं बिक सकेंगे। हॉलमार्क का नियम भले ही लागू हो गया है लेकिन इसमें राहत भी दी गई है। 2 महीने तक ना तो कोई पेनाल्टी लगेगी और ना ही कोई ज्वेलरी सीज की जाएगी,लेकिन शहर की बात करें तो रजिस्ट्रेशन चार सराफा व्यापारियों के पास ही है। हॉलमार्क 91.6 फीसदी की शुद्धता की गारंटी देता है।





 
पुरानी ज्वेलरी पर लोन भी मिलेगा......
बैंक अधिकारियों ने बताया कि जिनके पास सोने की पुरानी ज्वेलरी घर में पड़ी है उन्हें चिंता की जरूरत नहीं है। वे इस पर पहले की तरह ही गोल्ड लोन भी ले सकेंगे और सोने की शुद्धता के आधार पर लोन जारी किया जाता है। इससे लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।






भाव 48 हजार 650 रुपए प्रति दस ग्राम के करीब.....
सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन धम्मानी ने बताया कि सोने के भाव में पिछले 10 दिन से गिरावट हो रही है। गत बुधवार को सोने के भाव 48 हजार 650 रुपए प्रति दस ग्राम पहुंच गए थे।  जबकि10 दिन पहले सोने के भाव 49 हजार 300 रुपए प्रति दस ग्राम थे। वहीं चांदी के भाव में भी तेजी आई थी और चांदी 68,500 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 68,700 रुपए प्रति किलो बिकी थी।

 
परेशान न हों,अब भी पुराना सोना भी बेचा जा सकेगा....
सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन धम्मानी के अनुसार सोने की ज्वेलरी के लिए हॉलमार्किंग का नियम भले ही लागू हो गया है लेकिन पुरानी ज्वेलरी उतनी ही खरी है जितनी अभी है। हालांकि अधिकांश ग्राहकों को इसकी जानकारी नहीं है। इसलिए लोग चिंता में हैं।
.............नितिन धम्मानी-अध्यक्ष,सराफा व्यापारी एसोसिएशन-झाबुआ।




Share To:

Post A Comment: