*11 अगस्त को हरियाली तीज , शिव योग एवं रवि योग मे पूजन कर महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के साथ सुखी जीवन के लिए करेंगी शिव पार्वती का पूजन( डाँ. अशोक शास्त्री)*

हिंदू धर्म में हरियाली तीज का विशेष महत्व है । इस संदर्भ मे मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने एक विशेष चर्चा मे बताया कि हरियाली तीज का व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है । इस दिन सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं । इस बार हरियाली तीज का व्रत 11 अगस्त दिन बुधवार को रखा जाएगा ।  धार्मिक मान्याताओं के अनुसार इस तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती का दोबारा मिलन हुआ था ।
          डाँ. अशोक शास्त्री के अनुसार हरियाली तीज के दिन माता पार्वती को हरे रंग की वस्तुएं अर्पित की जाती हैं क्योंकि माता पार्वती को प्रकृति का स्वरुप माना जाता है । श्रावण में बारिश के कारण प्रकृति हरी भरी होती है ।  इस पूजा में माता पार्वती को श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करने का विधान है । हरियाली तीज व्रत को निर्जला रखा जाता है ।
          डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया की इस दिन सभी सुहागन स्त्रियां स्नान आदि से निवृत होकर मायके से आए हुए कपड़े पहनती हैं । इसके बाद पूजा के शुभ मुहूर्त में एक चौकी पर माता पार्वती के साथ भगवान शिव और गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर मां पार्वती को 16 श्रृंगार की सामग्री , साड़ी , अक्षत् , धूप , दीप , गंधक आदि अर्पित करें । शिव जी को भांग , धतूरा , अक्षत् , बेल पत्र , श्वेत फूल , गंधक , धूप , वस्त्र आदि चढ़ाएं । इसके बाद गणेश जी की पूजा करते हुए हरियाली तीज की कथा सुनें । फिर भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें ।
          डाँ. शास्त्री के अनुसार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का प्रारंभ दिनांक 10 अगस्त मंगलवार की सायं 06 :11 बजे से हो रहा है । यह तिथि 11 अगस्त  बुधवार की सायं 04:53 बजे तक रहेगी । उदया तिथि के अनुसार , इस वर्ष हरियाली तीज का व्रत 11 अगस्त को रखा जाएगा ।
          डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक 11 अगस्त को शिव योग सायं 06:28 बजे तक है । शिव योग मे हरियाली तीज का व्रत रखा जएगा । इस दिन रवि योग भी प्रातः 09:32 बजे से पूरे दिन रहेगा । इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर 02:39 से 03:32 बजे तक है । राहुकाल दोपहर 12:26 से 02:06 बजे तक है ।
          डाँ. अशोक शास्त्री ने हरियाली तीज का महत्व बताते हुए कहा की व्रती महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी जीवन के लिए माता पार्वती को हरी चुडियां , हरि साडी , सिंदूर समेत सुहाग की सामग्री अर्पित करती है । पूजा के बाद महिलाएं अपनी सास या जेठानी को सुहाग का सामान भेंट कर आशिर्वाद लेती है । ( डाँ. अशोक शास्त्री )

                  *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
          श्रीमंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245 , एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
                  मो. नं.  9425491351

                *--:  शुभम्  भवतु  :--*


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