धार~ वध के लिए ले जाई जा रही गायों से भरा ट्रक पकड़ा~~

25 जीवीत एवं 4 मृत गायें ट्रक में ठुँस ठुँस कर भर रखी थी~~
पुलिस ने ट्रक को रोका, खड़ी करते ही चालक हुआ फरार~~

धार ( डाँ. अशोक शास्त्री )

एक तरफ गायों के संरक्षण को लेकर हिन्दू संगठन हर दम कोषिष करते रहते हैं कि गो माता को बचाया जा सके। वहीं सरकार भी अलग अलग क्षेत्रों में पंचायतों के मजरों में गौषाला बनाकर उन्हें सहेजने के लिए संकल्पित हो रही है। ऐसे में गौ माता के दुष्मन पुलिस और हिन्दु संगठनों से नजर बचार कर बड़ी ही क्रूरता के साथ वाहनों में कचरे की तरह भरकर इन गौ माताओं को वध के लिये ले जाते है। गौ वध का कारोबार दिन ब दिन बड़ता ही जा रहा है।
     इसी कड़ी में धामनोद पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली थी की मानपुर की तरफ से एक ट्रक महाराष्ट्र की ओर जा रहा है जिसमें कई गायें भरी हुई हैं। कार्यवाही करते हुए पुलिस ने जब ट्रक को रोकने की कोषिष की तो चालक ट्रक को तेज गति से भगाकर ले जाने लगा। पुलिस ने पिछा किया तो ट्रक चालक वाहन को खड़ा कर मौके से फरार हो गया।
      मिली जानकारी के अनुसार रविवार को सुबह गस्त से लौटते समय धार फाटे पर मुखबीर से सूचना मिली की मानपुर तरफ से ट्रक क्रमांक एमएच 04 जीएफ 7476 का चालक ट्रक की बाड़ी में गायों को ठुस ठुस कर बांधकर वध करने हेतु महाराष्ट्र तरफ ले जा रहा है। मानपुर तरफ से आने वाले वाहनों पर नजर रखी गई। कुछ ही देर में ट्रक क्रमांक एमएच 04 जीएफ 7476 आता हुआ दिखाई दिया। गाड़ी को रोकने को कहा तो ट्रक चालक द्वारा ट्रक को भगाकर खलघाट रोड़ तरफ ले जाने लगा पीछा किया तब राजराजेष्वरी मंदीर के सामने रोड किनारे ट्रक को खड़ा करके चालक भाग गया। मौके पर पंचो की मदद से ट्रक के तिरपाल को खुलाकर देखने पर ट्रक की बाड़ी में गायों को पैर व मुँह रस्सीयो से बांध कर निर्दयतापुर्वक भरे मिले जिन्हें ठुस-ठुस कर क्रुरता पूर्वक रस्सीयों से एक दूसरे से बांध रखे थे। मौके पर उक्त गायों को गाड़ी से निचे उतराया गया। जिसमें 25 गायें जीवीत व 04 मृत गाय मिली।
     जप्तशुदा 25 गायों को राज राजेष्वरी गौशाला में चारा पानी एवं देखभाल करने हेतु रखने हेतु प्रबंधक को पत्र दिया जाकर प्राप्ति रसीद ली गई। मौके से जप्तशुदा ट्रक को थाने लाया गया। इधर पुलिस ने जप्त की गई 25 गायों की अनुमानित किमती 6.50,000 बताई है। पुलिस ने ट्रक क्रमांक एमएच 04 जीएफ 7476 के अज्ञात चालक के विरुद्ध अपराध धारा 4, 6, 9 म.प्र. गौवंश वध प्रतिशेध अधिनियम 2004 एवं संशोधन अधिनियम 2010 व 11 (घ) पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दण्डनीय अपराध पाया जाने से पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया जाता है।


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