*धार~महिला कोटवार ने प्रभारी तहसीलदार पर दर्ज करवाया दुष्कर्म का प्रकरण*~~

*पीडि़ता को नौकरी से हटाने की दी थी धमकी*~~

*50 हजार रुपए लेकर चूप रहने का दिया था लालच*~~

कलेक्टर व एसपी को शिकायत करने पर पुलिस ने की कार्रवाई ~~

जांच के दौरान कुक्षी से हटाकर किया गया धार पदस्थ ~~

धार ( डाँ. अशोक शास्त्री )

कुक्षी पुलिस ने महिला कोटवार की शिकायत पर क्षेत्र में पदस्थ रहे प्रभारी तहसीलदार के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया हैं, महिला कोटवार तहसीलदार के बंगले पर अटैच होकर घरेलू कार्य करती थी। इसी दौरान प्रभारी तहसीलदार ने दुष्कर्म किया व पीडि़ता को नौकरी से हटाने व़ समाज में इज्जत खराब करने की धमकी भी दी थी, हालांकि पीडि़ता ने पहले कुक्षी में स्थानिय स्तर पर आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग रखी थी। किंतु लोकल स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद धार कलेक्टर व एसपी को आवेदन सौंपा था, जिसकी ही जांच के दौरान पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए प्रकरण पंजीबद्ध किया है।

*बंगले पर किया दुष्कर्म*

महिला ने रिपोर्ट में बताया कि उसकी नियुक्ति वर्ष 2014-15 में ग्राम चिखल्दा में कोटवार के रुप में हुई थी। वर्ष 2020 में प्रभारी तहसीलदार सुनील कुमार डावर के बंगले पर घरेलु कार्य के लिए लगाया गया था, यहां पर आए दिन आरोपी परेशान करते थे व अशलील हरकते करते हुए पसंद होने की बात कहता था। साथ ही प्रभारी तहसीलदार नौकरी से हटाने की धमकी देकर चूप रहने की बात कही। पीडि़ता ने बताया कि 02 मार्च 2020 के सुबह करीब 8.30 बजे साहब के बंगले पर काम कर रही थी, चौकीदार व एक अन्य कर्मचारी बंगले के बाहर काम कर रहे थे। तभी साहब ने दरवाजा लगाया व दुष्कर्म किया। इसके बाद नौकरी से हटाने की धमकी देकर कई मर्तबा पीडि़ता के साथ दुष्कर्म किया, प्रभारी तहसीलदार से परेशान होकर पीडि़ता ने बंगले पर नौकरी करना ही छोड़ दिया था।

*50 हजार रुपए का दिया लालच*

महिला के आवेदन सौंपने के बाद कलेक्टर धार ने प्रभारी तहसीदार सुनिल कुमार डावर को कुक्षी से हटाकर जांच के दौरान धार में पदस्थ कर दिया है। साथ ही पीडि़ता ने बताया कि घटना के करीब एक माह बाद 17 अप्रैल 2020 को सुनिल डावर मेरे घर आए व 50 हजार रुपए पलंग पर रखकर लालच देते हुए कहा कि मैं जैसा कहता हूं, वैसा करते हुए बंगले पर नौकरी कर अन्यथा समाज में बेईज्जत कर दूंगा। इसके बाद पीडि़ता ने कई मर्तबा लोकल स्तर पर आवेदन सौंपे व वेतन भी रोक लिया था, जिसपर पीडि़ता ने एक मर्तबा कार्यालय के बाहर दवाई खाकर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया था। हालांकि कुछ दिन बाद वेतन जरुर दे दिया गया, किंतु प्रभारी तहसीलदार ने मानसिक रुप से परेशान करके प्रताडि़त करना बंद नहीं किया। कुक्षी टीआई कमलसिंह गेहलोत ने बताया कि पीडि़त महिला के आवेदन पर पुलिस ने शुरुआती जांच करते हुए प्रकरण दर्ज किया हैं।


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