खिलेडी/कानवन~~ऑनलाइन के चक्कर में सनातन मार्ग से विमुख होता कर्मकांड~~

जगदीश चौधरी खिलेडी 6261395702~~

सीहोर वाले तथाकथित अंतराष्ट्रीय कथा वाचक द्वारा कराई जाने वाली ऑनलाइन पूजन को लेकर कोई पूजा की तैयारी कर रहा है, तो अधिकांश लोग इस पूजा को लेकर विरोध प्रगट कर रहे है सोसल मीडिया पर भी इस पूजा को लेकर सुबह से ही विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है उसके विरोध में लोगो द्वारा पोस्ट की जा रही है।

इसी को लेकर जब भागवत कथा वाचक हेमंत जी शास्त्री ने बताया की ऑनलाइन पूजा धर्म विरुद्ध है आज के समय में सनातन धर्म वाहक  ब्राह्मण ही धर्म से विमुख हो गए हैं। ऑनलाइन पूजन एक नया चलन चलाया जा रहा है जिसे मैं तो धर्म की दुकान ही कहूंगा धर्म कोई दुकान नहीं है और कर्मकांड पूजन अनुष्ठान कोई सामग्री नहीं है जिसे ऑनलाइन बेचा जाए । यह श्रद्धा विश्वास और कर्म विशेष की क्रिया है जिसमें ब्राह्मण का सानिध्य और सामीप्य आवश्यक हैं ।
ऑनलाइन के माध्यम से पूजन किसी शास्त्र में या पुराण में नहीं कहा गया है।
शास्त्र में कहा है तिलकं विप्र हस्तेन अर्थात तिलक ब्राह्मण द्वारा होना चाहिए जब ब्राह्मण ही ऑनलाइन होगा तो तिलक कौन करेगा। ऐसा पूजन तो खण्डित ही माना जाएगा ऐसी कई क्रिया है जो ब्राह्मण द्वारा ही सम्पन्न की जाती है वह ऑनलाइन कैसे होगी कोई बता सकता है ।
ब्राह्मण को पृथ्वी का देवता कहा है लेकिन आज के समय में कुछ ब्राह्मण कथा इत्यादि के माध्यम से कर्मकांड पूजन को धर्म से विमुख करने में लगे हुए हैं ।इसका पूज्यपाद शंकराचार्य जी ने भी विरोध किया है सभी विद्वानजनो को इसका विरोध करना चाहिए।


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