भोपाल~लक्ष्य बड़ा होगा तो परिणाम भी बड़े होंगे . लियाकत पटेल~~

भोपाल  (सय्यद रिजवान अली.)

राष्ट्रीय स्वाभिमान मंच अध्यक्ष लियाकत पटेल ने युवाओं के नाम संदेश देते हुए कहा मेरे देश के मेरे युवा  साथियों बड़े गर्व की बात है कि आज पूरे दुनिया  में भारत सर्वधिक  युवा शक्ति वाला देश है परन्तु में पिछले 20 वर्षो से जो देख रहा हूं हमारे देश का नवयुवक और  ऊर्जावान शक्तिशाली मेहनती सलिन  है वा होने के साथ-साथ काल्पनिक सपने देखने में भी किसी से कम नहीं है आज मेरे मन में एक विचार आया कि मेरे  देश के युवा साथियों के लिए में कुछ बोलना चाहता हूं  लिखना छत हु कि पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का डंका बजता है व हिंदुस्तान जो आज 2021 में पूरे विश्व में युवा शक्ति का देश है परंतु दुख जब होता है कि हमारे देश का नवयुवक बगैर लक्ष्य का जीवन जी रहा है और तत्कालीन भौतिक सुख-सुविधा एवम  व्हाट्सएप फेसबुक पर अपने जीवन का कीमती समय बर्बाद कर रहा है माता पिता एक संतान पैदा होने की कामना करते हैं दुआएं करते हैं उसके बाद परिवार में कोई बच्चा जन्म लेता है उसकी परवरिश होती है बड़ा होता है स्कूल जाता है प्राथमिक माध्यमिक और हाईस्कूल की शिक्षा प्राप्त करने के बाद विभिन्न प्रकार के मित्रों के साथ विभिन्न प्रकार की संगत में शामिल होकर अपने पूरे कैरियर को जीवन को बर्बाद कर लेता है मेरे मन में विचार आया देश के प्रत्येक युवा को अपने जीवन का प्लान बनाना चाहिए जीवन का टारगेट होना चाहिए क्योंकि कोई भी युवा पूर्ण नहीं है किसी के पास आर्थिक तंगी है तो  किसी के पास मार्गदर्शन की कमी है किसी के पास शिक्षा की कमी है प्लान की कमी है अनेक  प्रकार की कमी से ग्रसित  नवयुवक अन्य लोगों को देखकर अपने जीवन में कई लक्ष्य बनाता है जो पूरे नहीं कर पाता है क्योंकि इस भागमभाग की दुनिया में हमारे देश के युवाओं को दिखावा और फालतू का समय बर्बाद करने के अलावा कोई ऐसा कार्य नहीं है जिसके उसे अच्छे परिणाम मिले प्रत्येक नवयुवक अपने गांव मोहल्ले और शहर के कंफर्ट जोन से बाहर आना नहीं चाहता है अपने आस पास के आभा मंडल के माहौल में अपना दैनिक जीवन जीत है आज का युवा  चक्रव्यूह से बाहर नहीं निकल पाता है और कभी निकलने की कोशिश भी करता है तो उसके इर्द-गिर्द ऐसे मित्रों की दोस्तों की भीड़ होती है जो उसे कुछ भी नहीं करने देते हैं और अगर वह हिम्मत करे कुछ कार्य करना भी चाहता है तो उसके आसपास के साथी लोग उसका मनोबल बढ़ाने की बजाय उसके आत्मबल को कमजोर करते हैं निराशावादी बात करते हैं और वह परंपरागत जीवन जीने के लिए मजबूर हो जाता है मैं यही आह्वान  करूंगा जितने भी हमारे युवा साथी है सबसे जीवन का एक लक्ष्य उद्देश्य विजन होना चाहिए दैनिक जीवन में हमें रोज इसे फैसला करना पड़ते हैं जिसके परिणाम हमें अच्छे मिले मैंने अक्सर देखा है कि 50% मित्रों के फैसले तो उनके मित्र वा  उनके आसपास के लोग उनके फैसले करते हैं मैंने एक बात देखी सुनी और पड़ी है जो व्यक्ति अपनी जीवन के प्रति गंभीर नहीं होता है और अपने जीवन का गोल्डन समय युवावस्था का समय अगर आलतू फालतू काम में लगाकर समय की बर्बादी करता है और वह जो बनना चाहता है उसके होने का अभिनय दिखवा  करता है तो वह कभी अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर सकता है हम जो होने का  दिखावा करते हैं  उससे आधा समय अगर हम वह बनने में लगा दे तो निश्चित रूप से हम हजारों लाखों युवाओं से आगे होंगे क्योंकि किसी  महान विद्वान ने कहा है कि जिन लोगों के जीवन में लक्ष्य नहीं होते हैं उनका जीवन एक खंडहर मकान की तरह होता है मेरे प्रिय साथियों मेरे देश के नौजवानों मेरा फर्ज बनता है कि मैं कोई अच्छा संदेश आप तक भेजूं आज सोशल मीडिया  के माध्यम से मैं यह संदेश लिख रहा हूं आप तक भेज रहा हूं  कि मेरी नजरों के सामने सैकड़ों हजारों नवयुवक ऐसे हैं जो जीवन जी रहे हैं अपने जीवन की गाड़ी को धक्का लगा रहे हैं और कुछ करते भी है तो अपने आसपास के लोगों को मित्रों को दिखाने के लिए यह अच्छा है यह कर लूं और सलाह भी ऐसे लोगों से लेते हैं जिनके खुद के अपने ठिकाने नहीं है जो लोग जीवन में सफल  है उनसे राय ले  मेरा विश्वास ही नहीं मेरा दावा है कि आप पूरी दुनिया  का कोई सा भी काम करोगे आप एक से लेकर 100 लोगों से व्यापार धंधा बिजनेस उद्योग की राई सलाह विचार जानोगे तो मेरे प्यारे भाइयों उसमें सिर्फ आपको मिश्रित प्रतिक्रियाएं ही आएगी लोगों से जब हम राय लेने जाते हैं तो वह उनके हितों की रक्षा करते हुए मैं राय देते हैं क्योंकि हमारे अच्छे-बुरे के बारे में हम खुद बहुत बेहतर तरीके से जानते हैं कि हमारी आर्थिक स्थिति शारीरिक मानसिक बौद्धिक राजनीतिक हमारे अंदर कितनी शक्तियां हैं हमारी पहुंच कहां तक है लोग हमारी बात कितनी मानते हैं हमारे ताकत कितनी है हमारा लक्ष्य क्या है हम से  अच्छा कोई नहीं जानता है मैं आप लोगों से यही आवान करना चाहता हूं कि हमारे मां-बाप के भरोसे पर हम खरे उतरे उनकी आंखों में जो सपना होता है कि मेरा बेटा मेरी बेटी मेरा उत्तराधिकारी परिवार का और मेरा नाम रोशन करेंगे परंतु हम हमारी  गलत  संगत गलत सोसायटी और गलत दोस्तो  साथ दिनचर्या बिताने के कारण और ठोस कार्य हमारे जीवन में नहीं कर पाते हैं मैं आपको यह बता देना चाहता हूं कि जो  नवयुवक अपना लक्ष्य नहीं बनाता है तो वह 3 पीढ़ियों को बर्बाद करता है एक तो उसके मां बाप के सपने पूरे नहीं कर पाता है स्वयं भी पूरा जीवन घुट घुट के जीता है और उसके संतान उत्पत्ति होती है तो वह भी भिखारियों की तरह अपना जीवन जीने के लिए मजबूर होते हैं जीवन में  अपने माता पिता को कोसते हैं की  उन्होंने हमारे  बेहतर जीवन बेहतर सुविधाएं बेहतर शिक्षा के लिए कोई अच्छे कार्य नहीं किए  है हमारे माता-पिता ने तो हमें जन्म देकर पाल पोस कर स्कूल संस्कार देकर  दुनिया में छोड़ दिया है परंतु एक हम हैं कि हमारे आसपास के माहौल हमारे कंफर्ट जोन से बाहर निकलने के लिए तैयार नहीं होते कुछ कार्य करते भी हैं हमारे आसपास के लोगों को दिखाने के लिए करते हैं हमें उसके परिणाम के बारे में कोई परवाह नहीं होती है मेरे प्रिय साथियों युवा दोस्तों भाइयों आज लेख लिखने की आवश्यकता इसलिए बढ़ गई है कि मैंने पिछले 10 साल से अनेक लोगों को देखा है जीवन जी रहे हैं साथियों को आह्वान किया है क्या आपके पास सिर्फ वही चीज रहेगी जितनी आपकी काबिलियत है योग्यता है एबिलिटी है  इसलिए नहीं समझते हैं आप क्या करते हो आपका भविष्य क्या है यह सारी बातें बाद में देखी जाती है सबसे पहले आपका प्रेजेंटेशन आप वर्तमान में क्या करते हैं इससे आपका भविष्य तय होता है कोई भी आप अपने आप से दोस्ती और दुश्मनी इस बात को लेकर करता है कि आप क्या है सबसे पहले हम अपने आप को सुधारें अपने जीवन का लक्ष्य बनाएं और अपनी सारी ताकत सारी शक्ति उसमें लगा दे तो मेरा विश्वास है दुनिया की कोई ताकत आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती हो हम जो लक्ष्य बनाएं जो हमारा उद्देश्य क्षमताओं के हिसाब से होना चाहिए ऐसा नहीं हो कि हम हमारे संसाधनों हमारी शिक्षा हमारी क्षमता से कई बड़ा लक्ष्य बना ले हम हमारी सारी क्षमताओं को तराजू में तोल कर हम भविष्य में क्या-क्या बन सकते हैं हमारे बनने से हमारा जीवन कैसा होगा खासकर देश के मेरे प्रिय युवा साथियों से मैं यही आवान करूंगा कि जीवन में आप कुछ भी करें कम से कम तीन सवाल अपने आपसे अवश्य पूछ ले कि मैं यह कार्य कियु कर रहा हूं इस कार्य के परिणाम क्या होंगे और इससे मेरा क्या लाभ है जो युवा  ये 3 सवाल अगर अपने आप से पूछ लेगा तो मेरा विश्वास ही नहीं यह मेरा दावा हैं मेरा चैलेंज है कि वह जीवन में कभी भी गलत रास्ते पर नहीं जा सकता है मैं यही आवान करना चाहता हूं कि टारगेट को प्राथमिकता पर रखें हमें क्या बनना है पहले हम यह तय करें अगर हम भागम भाग की दुनिया में यह तय नहीं कर पाते हैं कि हमें क्या करना चाहिए तो इसका सीधा सा सलूशन है कि हम अपने घर में एक ऐसा मंथन शिविर लगाएं तीन दिवसीय 30 दिवसीय हो या 1 साल का हो या 2 साल का हो इस संकल्प लें ऐसा लक्ष्य बनाएं कि मैं आज मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य बनाने जा रहा हूं अपनी सारी आर्थिक सामाजिक मानसिक बौद्धिक राजनीतिक शक्तियों को अपने सामने रखकर हम अपने बेहतर जीवन का लक्ष्य स्थापित करें एक लक्ष्य बनाएं और हमारे लक्ष्य में काम आने वाले लोगों को हम संपर्क करें उनसे जुड़े हैं और हमारे लक्ष्य की ओर आगे  क्योंकि हमने देखा है कि हमारे  देश की मिट्टी में बहुत तासीर है वह शक्तिशाली देश है  हमने देखा है कि हमारे देश के ऐसे बहुत प्रतिभावान महान लोग आज हमारे बीच में नहीं है लेकिन उनका पूरी दुनिया में डंका बजता था परंतु उनके आदर्श उनके विचार उनके सिद्धांत उनकी भावनाएं उनका काम करने का तरीका आज हमें प्रेरित करता है के सोने की चिड़िया वाले भारत देश में हम हमारे जीवन का कितना बेहतर लक्ष्य बना सकते हैं क्योंकि प्रत्येक नवयुवक अगर अपने लक्ष्य के प्रति कटिबद्ध हो समय का सदुपयोग करें और पूरी ताकत अपने लक्ष्य में लगा दे तो मैं बता रहा हूं इस देश को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता है बड़ा दुख होता है कि आज की भागमभाग की और जिस तरीके से हमारा देश देश के 80% नवयुवक सिर्फ  जीवन जी रहे हैं जिस दिन इनके अंदर एक चेतना एक लक्ष्य एक मिशन एक विजन आ जाएगा उस दिन हमारे देश की उन्नति प्रगति तरक्की आपके सामने होगी हमने अक्सर देखा है कई नवयुवक तो यह बोलते हैं कि अब मैंने नया  व्यापार धंधा कारोबार चालू किया है यह दुकान खोलि है  कारोबार इंडस्ट्री डाली है जरा देख लू की इसमें सक्सेस हो जाऊंगा तो  ठीक है और अगर फेल हो गया तो दूसरा कार्य करूंगा और फेल हो गया तीसरा  कार्य करूंगा ऐसा करते करते हो उसका जीवन पूरा बर्बाद हो जाता है और पूर्वजों द्वारा दी गई पूंजी  भी खत्म होजाती है  हमारे देश के अधिकतर युवाओ के पास आर्थिक सामाजिक बौद्धिक क्षमता वैसे भी कम है सोचने की क्षमता भी कम है इसलिए हमारे पास सारी चीज कम है तो हम एक बेहतर लक्ष्य बनाएं हमारी क्षमताओं के हिसाब से अलग से बनाएं और उस पर पूरी शक्ति के साथ आज से अभी से काम करना चालू करें हम भारी  दिखावे की जीवन से बाहर निकले और नेचुरल  लाइफ  जी जो कि आपको बेहतर जीवन की ओर ले जाएगी और हमें कभी नहीं भूलना चाहिए कि हम किस परिवार में  जन्मे हमारे कौन मित्र हैं इस दुनिया में हमारी पहचान सिर्फ हमारी वर्तमान की एबिलिटी हमारी काबिलियत हमारी योग्यता के आधार पर तय की जाती है अगर हम दिखावे की बाहरी दुनिया से बाहर निकल कर जो होने का ढोंग करते हैं वह बनने के लिए प्रयास करेंगे तो निश्चित रूप से लाखो हजारों लोगों के हम आगे होंगे आज का युवा सिर्फ फसल काटना जानता है वह भूल जाता है फसल काटने के पहले स्वयं बोना पड़ती है और कर्म के भरोसे अपना जीवन जीता है तकदीर और भाग्य के बारे में कहा गया है की किस्मत वालों को सिर्फ वही मिलता है जो संघर्ष करने वाले छोड़ जाते हैं नसीब तो उनके भी होते हैं जिनके हाथ नहीं होते लेकिन कर्म करने वाले अपना भाग्य खुद लिखते हैं मेरे देश के युवाओं का जब समय बर्बाद होते में देखता हूं मुझे बड़ा दुख होता है कि हम होटलों पर घूमने फिरने में और दिखावा करने में जीवन का महत्वपूर्ण समय नष्ट कर रहे हैं मेरा मानना है कि जीवन के सिर्फ 3 भाग होते हैं पहला भाग बचपन होता है जिसमें हम संस्कार तहजीब   शिक्षा और धार्मिक तौर तरीके सीखते  हैं फिर हमारा युवा जीवनकाल चालू होता है उसे भी हम लक्ष्य बनाएं लक्ष्य बनाए बगैर 25 से 30 साल नष्ट कर देते हैं और जब 55से 60 के हुए की  बुढ़ापा चालू हो जाता है और पूरी लाइफ समाप्त हो जाती है और अंत में एक बात बोलना चाहता हूं  की हम आज से ही अभी हाल से अपने जीवन में परिवर्तन  लये और ऐसे लोगों से तुरंत दूरी बनाए जाते हमारे  कांफिडेंस को मारते हैं आपके मनोबल को गिराते हैं आपकी योजनाओं में कमी निकालते हैं हमारा आसपास के ऐसे लोगों का आभामंडल बनाएं जो आशावादी हो ऊर्जावान हो जीवन के प्रति गंभीर हों और कुछ कर गुजरना चाहते हैं उनके लक्ष्य बड़े हो ऐसे लोगों से जुड़कर कंधे से कंधा मिलाकर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़े हमने ऐसे अनेक लोगों को देखा है जो अपने जन्म से ही गरीब पैदा हुए थे लेकिन आज  उनके नाम का डंका हिंदुस्तान ही नहीं पूरे एशिया में बसता है मैंने ऐसे हजारों सैकड़ों लोगों को देखा है जो टॉप क्लास पर थे लेकिन कुशल प्रबंधन नहीं करने के कारण फेल हो गए जीवन में और मैंने ऐसे फेल लोगों को देखा है जिन्होंने समय रहते अपने जीवन को संभालकर पूरी ताकत   पूरी शक्ति पूरी उर्जा अपने लक्ष्य में लगाकर सफलता की ओर आगे बढ़ रहे हैं लिखने के लिए बहुत कुछ है अगर मेरी बात असर करें तो इतना ही काफी है और मैं एक बात और बता दूं कि मेरे प्यारे युवा साथियों अगर हम कोई लक्ष्य तय करें तो उसमें लोगों से कम से कम राय लें क्योंकि लोग अपने अपने लाभ अपने अपने हितों को देखकर अपने फायदे को देखकर आपको राय देते हैं लोग कभी भी आपको एक देसी राई नहीं देंगे अच्छी राई नहीं देंगे क्योंकि वह मिश्रित प्रतिक्रियाएं व्यक्त करेंगे वह सामूहिक राय देंगे आप किसी निश्चित लक्ष्य पर नहीं पहुंच पाओगे आप अपना लक्ष्य खुद तय  करें और अपने सामने ऐसे हजारों आदमियों को रखें जो वर्तमान में सफल कारोबार बिजनेस उद्योग समाजसेवा कर रहे हैं सबसे पहले उन लोगों की सूची बनाएं जो आपके सामने सफल लोग हैं और उन्होंने जीवन में क्या किया उनके इतिहास को पड़े उनकी जीवनी को पढ़ें कोशिश करें कि आप जो लक्ष्य बनाएं उसके साथ एक लिंकिंग बिजनेस करें  उदाहरण दुग  तो बहुत सारे उदाहरण है लेकिन हम लक्ष्य बनाते समय अपनी क्षमताओं को देखकर ऐसे लक्ष्य बनाएं कि जो लिंकिंग लक्ष्य साझा लक्ष्यों एक दूर एक्सप्रेस से कनेक्टिविटी वाली लक्ष्य ताकि आपको एक ही स्थान पर एक ही क्षेत्र में कार्य करने में मजा भी आए सम्मान भी काम आए और पैसा भी कमाए आज मुझे लेख लिखने की आवश्यकता  इसलिए पड़ी  कि मेरा क्षेत्र के मेरे देश के नौजवान साथियों अगर इस लेख को पढ़ने के बाद आपके क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं तो मुझे बहुत खुशी होगी क्योंकि अगर ऐसा हो कि देश के अंदर मात्र 10 पर्सेंट लोग ही तरक्की करें और 90 परसेंट लोग विफल हो जाए फेल हो जाए और जीवन में कुछ नहीं कर पाए तो 10 परसेंट लोग जिन्होंने सफलता हासिल करें उनके जीवन का आनंद भी नहीं आएगा हमारा देश अनेक विशेषता वाला देश है हमारे देश के अंदर काफी व्यापार उद्योग बिजनेस धंधे की संभावना है बस हमें चाहिए कि हम हमारा एक निश्चित लक्ष्य तय करें और ऐसे गंदे लोगों को हमारा आसपास भी नहीं फटकने दें जो हमारे मनोबल को योजनाओं  को कार्यों को प्रभावित करते हैं बिगड़ते हैं और हमारे आत्मबल को कमजोर करते हैं हमारे आसपास आशावादी ऊर्जावान और लक्ष्य के प्रति कटिबद्ध लोगों की भीड़ लगी रहना चाहिए ताकि उस माहौल में हम भी हमारा कैरियर बना सके हमारे देश के युवा साथियों  आवाज करना चाहता हूं कि अपने कैरियर के प्रति बहुत सजग रहे हैं पूरी जिम्मेदारी के साथ लक्ष्य को हासिल करने में लगे रहे हमने ऐसे हजारों लोगों को देखा होगा जिन्होंने  लक्ष्य नहीं बनाया वह पूरे धक्के मार जीवन जीकर उनका अंत भी बिगड़ा और उनके बच्चों का अंतर बिगड़ा है हम आज और अभी हाल से ही हमारा लक्ष्य तय करें और उसमें हमारी पूरी शक्ति लगा दे अगर मेरा यह लेख आपको अच्छा लगा हो तो आप इसको शेयर जरूर करना ताकि अच्छी बातें अच्छे लोगों तक पहुंच जाए सदैव आप सभी का शुभचिंतक लियाकत पटेल धार मध्य प्रदेश 94250 45599 और अंत में दो पंक्तियों के साथ .......रात के राही थक मत जाना सुबह की मंजिल दूर नहीं ढलता सूरज मजबूर सही उगता सूरज मजबूर नहीं जुल्म की छाती चीर के देखो झांक रहा है नया सवेरा रात चेहरा ही थक मत जाना सुबह की मंजिल दूर नहीं जय हिंद........ हमेशा आपका शुभचिंतक लियाकत पटेल अध्यक्ष राष्ट्रीय स्वाभिमान मंच जिला धार मध्य प्रदेश


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