झाबुआ~ज्वैलरी का रहेगा यूआईडी नंबर, व्यापारी बोले-जरूरत नहीं जिलेभर में एक भी हॉलमार्क सेंटर नहीं ~~


झाबुआ। संजय जैन~~

हॉलमार्क के साथ ही सोने की ज्वेलरी पर उसका यूआईडी नंबर भी रहेगा। इससे ज्वैलरी की पहचान हो सकेगी। यह नंबर डालते ही ज्वैलरी की जानकारी सामने आ जाएगी। इसमें यह पता चल जाएगा कि कहां से खरीदी, कहां तैयार हुई है? वहीं वजन क्या है? इससे ज्वैलरी की जानकारी मिल सकेगी, हालांकि व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं।
बीआईएस-भारतीय मानक ब्यूरो- एचयूआईडी-हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिटी नंबर लागू करने जा रहा है। इसमें हॉलमार्क के साथ ही ज्वैलरी पर आईडी भी डाली जाएगी। इसमें निर्माण की तारीख,दुकान की तारीख,शुद्धता के साथ ही ज्वेलरी की सारी डिटेल सामने आ जाएगी। इससे ज्वैलरी की पहचान हो सकेगी। लेकिन व्यापारी इसके विरोध में आ गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि जब हॉलमार्क लागू किया जा रहा है तो फिर एचयूआईडी की क्या जरूरत....?






जिलेभर में एक भी हॉलमार्क सेंटर नहीं .......
ज्वैलरी की जांच हॉलमार्क सेंटर द्वारा की जा रही है और वे ही इसे प्रूफ  कर दे रहे हैं तो फिर व्यापारियों की जानकारी इसमें डालने का क्या औचित्य है....? क्योंकि जांच व्यापारी नहीं कर रहा बल्कि हॉलमार्क सेंटर कर रहा है। इससे सेंटर की जानकारी ही डालना चाहिए। हॉलमार्क ज्वेलरी में 91.6 फीसदी शुद्धता की गारंटी देता है। जबकि जिलेभर में एक भी हॉलमार्क सेंटर नहीं है। ऐसे में हॉलमार्का के लिए ही व्यापारियों को परेशान होना पड रहा है।






आईडी के विरोध में उतरे व्यापारी..........
मप्र सराफा एसोसिएशन संघर्ष समिति के अनुसार सरकार की मंशा सिर्फ  और सिर्फ  क्वालिटी कंट्रोल करने की है तो एचयूआईडी के माध्यम से अतिरिक्त बाध्यता क्यों लागू की जा रही है....? इससे सराफा व्यापारियों के किसी भी वर्ग को हॉलमार्क सेंटर में एचयूआईडी स्वीकार नहीं है। देश के ज्वैलरी ट्रेड को हॉलमार्क स्वीकार है पर हॉलमार्क करने के लिए जो पोर्टल व सॉफ्टवेयर बीआईएस ने तैयार किया है जिसमें जेवर लोड करने के बाद जेवर में हॉलमार्क होगा। जो व्यापारी देश के अन्य हिस्सों से दिल्ली,मुंबई,राजकोट,कोयंबटूर,अहमदाबाद आदि महानगरों से ज्वैलरी लेने जाता है। एक दिन की जगह दो-तीन दिन उसको महानगरों में रुकना पड़ेगा जिससे व्यापारी परेशान होगा वह समय की बर्बादी होगी।






हॉलमार्क सेंटर की सभी को जानकारी होना चाहिए.....
सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन धम्मानी ने बताया कि नए नियम के अनुसार हॉलमार्क के साथ यूनिक आईडी नंबर भी जरूरी है। इसमें व्यापारी की जानकारी डाली जाएगी। जबकि जहां ज्वैलरी पर हॉलमार्क लगाया जा रहा है उस सेंटर की जानकारी होना चाहिए। क्योंकि ज्वैलरी की जांच तो सेंटर द्वारा की जा रही है। इसमें व्यापारी की कहां गलती जो व्यापारी की डिटेल डाली जा रही है....? इसका हम सभी व्यापारी विरोध कर रहे हैं।
.............नितिन धम्मानी-अध्यक्ष,सराफा व्यापारी एसोसिएशन-





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