झाबुआ~पोर्टल बार-बार बंद,एक दिन में केवल 3 से 5 रिटर्न हो रहे फाइल~~


झाबुआसंजय जैन~~

आयकर विभाग का नया ई-पोर्टल चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कर सलाहकारों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। पहले तो एक से छह जून तक आयकर विभाग ने नए पोर्टल के चलते घोषित ब्लैकआउट रखा था। हालांकि पोर्टल इसके भी एक माह बाद शुरू हुआ। जैसे-तैसे पोर्टल शुरू तो हो गया है लेकिन रिटर्न दाखिल करने में खासी परेशानी आ रही है। स्थिति यह है कि पूर्व में जहां एक दिन में काफी संख्या में रिटर्न फाइल किए जाते थे,वहीं नए पोर्टल के चलते ये स्थिति है कि एक दिन में केवल 3 से 5 रिटर्न ही फाइल हो पा रहे हैं।






फॉर्म के नए फॉर्मेट ने बढ़ाई मुश्किलें.......
कर सलाहकार चौरे एसोसिएट्स का कहना है कि रिटर्न दाखिल करने में सबसे ज्यादा परेशानी फॉर्म का फार्मेट बदलने से आ रही है। पहले की तरह जानकारी अभी भी उतनी ही भरनी पड़ रही है,लेकिन नए पोर्टल में प्रत्येक जानकारी जैसे पर्सनल इंफोरमेंर्शेन,इनकम सहित अन्य जानकारियों को अलग-अलग खंड में बांट दिया है। प्रत्येक खंड को भरने के बाद ही आगे बढ़ पाते हैं। इससे फॉर्म भरने में काफी समय लग रहा है। वेतनभोगी करदाता अपनी आयकर विवरणी स्वयं ऑनलाइन आयकर विभाग में प्रस्तुत कर देते थे,लेकिन अब पोर्टल की जटिलता को देखते हुए उन्होंने भी सीए का सहारा लेना पड़ रहा है।






ई-वेरिफिकेशन के लिए भी परेशान....
कर सलाहकार मनीष कोठारी का कहना है कि आयकर विभाग के लिए नया पोर्टल इंफोसिस कंपनी ने तैयार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को और सरल बनाना था,हालांकि परिणाम इसके विपरीत आ रहे हैं। पोर्टल पर लॉग-इन करने में ही काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे-तैसे लॉग-इन कर भी लें तो रिटर्न भरने के बाद ई-वेरिफिकेशन के लिए परेशान होना पड़ता है। पुरानी व्यवस्था में बिना प्लानिंग के बदलाव करने से ये सारी दिक्कत हो रही है। स्थिति यह है कि तीन माह बाद भी पोर्टल सही तरीके से काम नहीं कर पा रहा। इससे करदाता के साथ ही हम कर सलाहकारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नए पोर्टल से काम काफी जटिल हो गया है।




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