*गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय इन बातों का रखें खास ख्याल, नजरअंदाज करना हो सकता है अशुभ*~~

*जीवन में पाना चाहते है सफलता तो भगवान गणेश से सीखे ये 5 गुण , भगवान गणेश में मौजूद गुणों को अपने जीवन मे अपनाकर हर कदम पर सफलता हासिल की जा सकती है( डाँ. अशोक शास्त्री )*~~

हिंदू पंचाग के अनुसार गणेश चतुर्थी 10 सितंबर 2021 शुक्रवार को मनाई जाएगी. 11 दिन तक चलने वाले इस पर्व को देशभर में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है । इस 11 दिनों में गणेश जी के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है । इस पर्व के दौरान लोग अपने घर में गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते हैं और अन्नंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन किया जाता है ।
          ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक भगवान गणेश जी का जन्म मध्यकाल मे हुआ था इसलिए उनकी स्थापना इसी काल मे होना चाहिए । इस बार चतुर्थी को शुभ और मंगलकारी संयोग बन रहे है । गणेश स्थापना मे भद्रा का कोई औचित्य नही है , क्योकि भद्रा का निवास पाताल लोक मे रहेगा । गणेश स्थापना के शुभ मुहूर्त प्रातः 07:48 से  10:51 बजे तक, दोपहर 11:59 से 01:02 बजे तक का समय सर्वश्रेष्ठ रहेगा ।
          ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया की गणेश भगवान को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है । घर में सुख - समृद्धि और कष्टों को दूर करने के लिए लोग घरों में गणेश जी की मूर्ति रखते हैं । इतना ही नहीं , लोग गणेश भगवान की मूर्ति गिफ्ट में भी देते हैं । लेकिन क्या आप जानते हैं भगवान श्री गणेश को घर में रखने के कुछ नियम होते हैं । वास्तु के अनुसार अगर इन बातों को नजरअंदाज कर दिया जाए , तो ये अशुभ भी हो सकता है ।
*घर में यहां न रखें मूर्ति*
गणेश भगवान की मूर्ति को घर की किसी दीवार या कौने में बिना सोचे समझे नहीं रख सकते । घर में बाथरूम की दीवार पर गणेश भगवान की मूर्ति न लगाएं. इतना ही नहीं , घर के बेडरूम में भी भगवान गणेश की मूर्ति लगाना शुभ नहीं होता । ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में कलह और पति - पत्नी के बीच बेवजह तनाव बना रहता है ।
*नृत्य करती मूर्ति न लाएं*
वास्तुशास्त्र के अनुसार भगवान गणेश की नृत्य करती हुई मूर्ति घर में न लाएं और न ही किसी को उपहार में दें । ऐसा कहा जाता है कि गणेश जी की नृत्य करती हुई मूर्ति घर में लगाने से घर में कलह - क्लेश होता रहता है । वहीं , अगर किसी को गिफ्ट में दे दो तो उनके घर भी कलह - क्लेश होने लगता है ।
*लड़की की शादी में न दें गणेश*
डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया की गणेश जी की मूर्ति किसी लड़की की शादी में देना अशुभ होता है । ऐसा इसलिए कहा जाता है कि लक्ष्मी और गणेश हमेशा साथ होते हैं । ऐसे में घर की लड़की के साथ गणेश जी भी दे देंगे तो घर की समृद्धि भी उनके साथ चली जाती है ।
*बाईं ओर हो सूंड*
अगर आप घर के लिए गणपति लेने जा रहे हैं तो इस तरह के गणपति खरीदें जिनकी सूंड बाईं ओर की तरफ हो । घर के लिए हमेशा वाममुखी गणपति लाने चाहिए । क्योंकि दाईं ओर सूंड वाले गणपति की पूजा करने के लिए विशेष पूजा के नियमों का पालन करना पड़ता है ।
*संतान प्राप्ति के लिए लाएं बाल स्वरूप*
डाँ. अशोक शास्त्री के अनुसार नवविवाहित जोड़ा या फिर संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले लोगों को घर में गणपति के बाल स्वरूप की मूर्ति रखनी चाहिए । धार्मिक मान्यता है कि इससे माता - पिता के प्रति सम्मान रखने वाली संतान की प्राप्ति होती है । वहीं , नौकरी और व्यवसाय की दिक्कतें दूर करने के लिए घर में गणपति के सिंदूरी स्वरूप की फोटो लगानी चाहिए । इससे दिक्कतें दूर होती हैं और सफलता मिलती है ।
*बैठी मुद्रा में हो गणपति*
ऐसा कहा जाता है कि अगर आप घर के लिए गणपति लेने जा रहे हैं तो गणपति की बैठी हुई मूर्ति को शुभ माना जाता है । ऐसी मूर्ति की पूजा करने से स्थाई लाभ होता है । इतना ही नहीं , इस दौरान आने वाली रुकावटें भी दूर हो जाती हैं ।
ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया की गणपति की ऐसी मूर्ति न लें जिसमें गणेश के कंधे पर नाग के रूप में जनेउ न हो । ऐसी मूर्ति को भी अशुभ माना जाता है , जिसमें गणेश जी का वाहन न हो । ऐसी प्रतिमा की पूजा करने से दोष लगता है । गणेश की ऐसी मूर्ति की स्थापना करें जिनके हाथों में पाश और अकुंश दोनो हो । शास्त्रों में गणपति के ऐसे ही रूप का वर्णन मिलता है ।
          ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया की अगर हम अपने आराध्य में मौजूद असंख्य गुणों में से कुछ गुणों को भी आत्मसात कर लें तो हमारा जीवन पूरी तरह से बदल सकता है । ऐसे ही गुणों की खदान हैं प्रथम आराध्य भगवान गणेश । किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए सबसे पहले लम्बोदर को पूजा जाता है । भगवान गणेश अन्य देवताओं से बिल्कुल अलग हैं । उनका हर गुण हमें जीवन में सफलता का एक मंत्र देता है , अगर हम उनके गुणों को अपने जीवन में उतारने की कोशिश शूरू कर दें तो जल्द ही सफलता हमारे कदम चूमने लगेगी । हम गणपति बप्पा के ऐसे ही पांच गुणों के बारे में बताएंगे जिन्हें अपनाकर जिंदगी की दशा एवं दिशा को पूरी तरह से बदला जा सकता है ।
          *धैर्य बनाए रखना* डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक गणेश जी का प्रथम बडा गुण है वो है धैर्यवान का । किसी भी विपद स्थिति मे धैर्य बनाए रखना ही जीवन मे सफलता की कुंजी बनता है । आज हम जिंदगी मे जरा सी भी विषम परिस्थिति आने पर ही धैर्य खो बैठते है इससे कई बार शारिरिक , सामाजिक और आर्थिक नुकसान भी उठाना पडता है । भगवान गणेश का पूरा जीवन धैर्य पूर्वक निर्णय लेने की सीख देता है ।
          *हर परिस्थित मे खुश रहना* डाँ. शास्त्री ने बताया की भगवान गणेश के जीवन से जो सबसे अधिक जरुरी और बडी सीख मिलती है वो जीवन मे हमेशा खुश रहने की चाहे कैसी भी परिस्थित क्यों न हो हमेशा खुश रहने की कोशिश करना चाहिए । भगवान गणेश जी को हमेशा खुश रहने वाले देवता के तौर पर माना जाता है । खुश रहने से बडे से बडा मुश्किल समय भी सरलता से निकल जाता है ।
          *शांतचित्त रहना* भगवान गणेश जी के जीवन से जो गुण हमे जीवन मे उतारने की जरूरत हो वो शांतचित्त रहना । शांतचित्त से ही आगे बढने के विचार आते है । मन भी उस समय सही निर्णय पर पहुंच पाता है जब वह पूरी तरह से शांतचित्त होता है  ।
          *छोटे - बडे मे भेद न करना* भगवान गणेश के जीवन को गौर से देखे तो उन्होंन कभी छोटे - बडे का भेद नही किया । जितना उन्हे नंदी से प्यार था उतना ही प्रेम मूषकराज से भी करते थे । उनका यह गुण हमे यह संदेश देता है कि हमे हर व्यक्ति का बराबर सम्मान करना चाहिए । उनके बीच किसी भी तरह का बडे या छोटे का भेद नही करना चाहिए ।
          *विवेकशील होना* प्रथम आराध्य के जीवन से अपने जीवन मे उतारने वाला पांचवा एक और महत्वपूर्ण गुण है विवेकशील का । जीवन की सफलता के लिए क्या सही है और सफलता के लिए किसी भी प्रकार के शार्टकट न अपनाने का निर्णय हमारे विवेक पर ही निर्भर रहता है । लंबोदर इन सभी गुणों को हम अगर अपने जीवन मे उतारने की कोशिश अभी से शुरु कर दे तो हमे इस दुनिया मे सफलता के एक के बाद एक के बाद एक नई सिढी चढने से कोई नही रोक सकेगा ।। जय  हो  ।।

                  *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
          श्रीमंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245 , एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
                  मो. नं.  9425491351

               *--:  शुभम्  भवतु  :--*


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