खिलेडी~~प्रति वर्ष गणपति बप्पा के पृथ्वीलोक पर आगमन के समय भक्तों का उत्साह अपने चरम मे होता है~~

जगदीश चौधरी खिलेडी 6261395702~~


इसलिए‌ उनकी आंतरिक दिव्यता को समझ पाना अौर उसका विश्र्लेषण कर अपने जीवन मे आत्मसात करना तो मनुष्यों के वश की बात नहीं इसलिए अगर हम उनके बाह्रा स्वरूप की विशेषताओं पर गौर करे अौर उसमे से ही कुछ धारण कर सकें तो निश्चित रुप से गणपति बप्पा अपने गाँव व शहर से खुश होकर वापस जायेंगे।इस प्रकार गणपति बप्पा के बाह्रा स्वरूप मे ही सम्पूर्ण जीवन दर्शन छुपा हुआ है,अौर प्रतिवर्ष अगर पुरे 365दिन न सही तो उनके पृथ्वीलोक प्रवाह के इन चंद दिनो मे ही उत्सव के वातावरण मे अंतर्मुखी होने की ठान ले,तो भी सम्पूर्ण मानव समाज का बहुत उत्थान संभव है गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत हुई। इंद्रदेव ने भी प्रथम पूज्य की अगवानी कर मौसम को खुशनुमा बना दिया। खिलेडी सहित आसपास क्षेत्र में गणेश चतुर्थी पर भगवान श्री गणेश की भव्य आगवानी हुई
खिलेडी में विराजित अति प्राचीन चारभूजा मंदिर एवं विश्वं मंगल वरदायक हनुमान मंदिर शिव मंदिर मे सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरु हुआ है जहां पर मंदिर को सजाया गया है इस मौके पर श्रद्धालुओं द्वारा घर दुकान स्कूल पंडालों विधि विधान से मूर्तियां स्थापित  की गई। इस दौरान सुबह से शाम तक ढोल तासे पर धुन पर भजनों की गूंज रही हालांकि इस बार डीजे  सख्ती के चलते डीजे नहीं बजाए गए हालांकि  ताशो  की धुन पर ही युवा वह बच्चे का समूह के रूप में थिरकते हुए और गुलाल उड़ाते हुए बाबा को भ्रमण कराकर अपने पंडाल मे बाजार से प्रतिमाएं लेकर  ट्राली आदि वाहनों पर रखकर गुलाल उड़ाते हुए  गणेश प्रतिमा स्थापित की गई।


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