रिंगनोद~कहते है ना मैहनत कभी विफल नही होती और भगवान भी उन्ही की मदद करते है जो खुद की मदद करते है~~

10 साल की छोटी सी उम्र मै सर पर आई घर की जवाबदारी~~

पढाई के साथ -साथ कुल्फी बैचना पियुन समतुल्य छोटे मोटे कार्य किये अतिथि शिक्षक का कार्य करते हुए परिवार की जिम्मैदारीया उठाई~~

पढाई पुरी कर लक्ष्य साधना और अपने पिता के सपने को साकार करना जैसी जिवन एक संघर्ष है को चरितार्थ करती छोटे से गाँव की एक अद्भुत कहानी~~

विचार न्युज की मण्डे मोटीवेशनल स्टोरी की तीसरी कडी~~

मै आज पढिए एक साधारण कुल्फी बैचने वाले से सीएम के अंगरक्षक दल मै शामिल होना और दमदार सब ईंस्पेक्टर बन कर ग्राम गौरव पुरस्कार पाने तक का सफर~~

अनुराग डोडिया रिंगनोद~~

विचार न्युज के पाठको मण्डे मोटीवेशनल स्टोरी की तीसरी कडी मै आप सबका स्वागत है आज हम बात कर रहै है रिंगनोद जैसे छोटे से गांव की प्रतीभा सब ईंस्पेक्टर अमृत गवरी की चम चमाती वर्दि के पिछे के उस संघर्ष की जिससे बहुतायत लोग अपरिचित रहै हो अमृत गवरी अपने सफलता के संघर्ष मरे  सफर को विचार न्युज से साझा करते हुए बताते है की बचपन से ही खेलने कुदने की आयु मै जिम्मेदारियो ने आ घेरा पुरे घर की जवाबदारिया सर पर थी साथ ही आंखो मै कुछ बनने का सपना और पिता की ईच्छा पुरी करने का प्रण था कम उम्र और महज 10 वी के छात्र को नौकरी मिलना तो सम्भव नही था मजबुरी कहे या जरुरत राजगढ जाने को विवश हुआ काम मिला भी तो बसो मै कुल्फी बैचने का शर्म लिहाज और कुछ सोचने के लिए विकल्प नही था सो काम शुरु किया सुबह जल्दी उठकर घर का पानी भरना रोजमर्रा का सामान जुटाकर लाकर देना आधा दिन स्कुल जाना और देर तक बसो मै कुल्फी बैचने के बाद रात भर पढाई करना जैसे जीवन का हिस्सा बन चुका था नींद और आराम तो जैसे याद ही नही कभी एक जुन खाना या कभी कभी वो भी मुश्कील कुछ चने और पानी तपती धुप मै काम करते हुए धक्के खाते हुए जैसे बर्गर पिज्जा से बढकर था दुसरो की तरह अपने सारे शौक पुरे करना तो बहुत दुर की बात  समय बीता 12 वी मै आते आते पियुन के रुप मै साफ सफाई वगेरह का भी काम करना पडा पढाई अनवरत जारी रही साथ मै पिता जी का सपना था मुझे सब ईंस्पेक्टर के रुप मै देखना जिसके लिए जरुरी था शारीरीक फिटनेस अब पढाई काम स्कुल के साथ साथ रंनीग वगेरा भी जुड गया काँलेज से कैमिस्ट्री से बीएस सी और आगे की पढाई करते हुए अतिथि शिक्षक के रुप मै कार्य कीया दो बार परीक्षा उत्तिर्ण कर साक्षात्कार तक पहुँचा लैकीन चयन नही हुआ हार ना मानते हुए प्रयास जारी रखा और माता पिता गुरुजनो के आशिर्वाद से तीसरी बार सब ईंस्पेक्टर परीक्षा मै तीसरे प्रयास मै सफल हो गया पिता का सपना साकार करना और अपना ध्येय लक्ष्य हासील करना एक बडा सपना पुरा होने जैसा था समाज मित्र गण रिश्तेदार और परिवार मै हर्ष का माहोल रहा लैकीन मुझे खुशी थी अपने पिता के देखे हुए सपने के पुरा होने और देश सेवा का पुनित कार्य मिलने और परिवार को सुंदर सुरक्षित भविष्य देने की ट्रेनिंग पुरी करने के बाद पदस्थापना हुई सीएम साहब के अंगरक्षक दल का भी एक बार हीस्सा रहा वह भी एक महत्व पुर्ण पला था लैकीन लाँक डाउन मै जन सेवा का जो अवसर मुझे मिला वह नसीब वालो को मिलता है मैरा नौकरी करना सार्थक रहा वर्तमान मै ईन्दौर मै पदस्थ हुँ यहां बता दे की कोरोना के भीषण काल मै गवरी ने परिवार की चिन्ति के साथ साथ देश सेवा की और अपने कर्तव्यो का पुरी ईमानदारी से निर्वहन किया हम ईन्हे कोरोना योद्धा के रूप मै विचार न्युज कोरोना योद्धा स्पैश्यल मै पहले भी कवर कर चुके है ईस पर गवरी ने विचार न्युज को धन्यवाद दिया और मण्डे मोटीवेशनल स्टोरी जैसी सार्थक पहल जिससे युवाओ मै उत्साह पैदा हो रहा है कुछ करने का को सराहा यहां विदित हो की गवरी को रिंगनोद के सबसे बडे गणेशोत्सव मै प्रतिवर्षानुसार विशिष्ट जनो को दिए जाने वाले नगर गौरव सम्मान से भी पुरुस्कृत किया जि चुका है हम गवरी की ईस उपलब्धि पर शुभकामनाएँ देते है की उनका भविष्य उज्जवल हो वही गवरी ने भी विचार न्युज को धन्यवाद प्रेषित किया और युवा पिढी को विचार न्युज के माध्यम से संदेश दिया की  *सफलता का कभी कोई शाँट कर्ट नही होता और मैहनत कभी विफल नही जाती लक्ष्य पर लगे रहो सफलता जरुर मिलेगी* आप सभी जुडे रहै मिलते है आगले सोमवार एक नयी कहानी के साथ तब तक के लिए नमस्कार


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