राजोद~असामाजिक तत्वों के लिए फेसबुक बना प्रतिष्टित व्यक्तियों के मानमर्दन का साधन~~

पवन वीर राजोद 9993688124~~

राजोद ~ सोसल मीडिया का फेसबुक प्लेटफार्म अपने विचारों को रखने का एक सशक्त माध्यम है। यहां से उपयोगकर्ता दुनिया की नित नई जानकारी प्राप्त करता है, गुड़ रहस्यों को समझता है, अपनी जानकारी साझा करता है और देश दुनिया मे क्या हो रहा है उसकी खबर पल भर में ही प्राप्त कर लेता है साथ ही मनोरंजन, खेल, सामाजिक, व्यापारिक व राजनीतिक खबरों से अपने ज्ञान का भंडार बढ़ाता है। लेकिन सोसल मीडिया के इसी फेसबुक प्लेटफार्म का कुछ असामाजिक तत्व गलत उपयोग कर समाज मे द्वेषता उत्पन्न करने व प्रतिष्ठित व्यक्तियों के मानमर्दन करने का भी काम करने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला सरदारपुर तहसील में संज्ञान में आया है। जिसमें तहसीलदार स्तर के एक प्रशासनिक अधिकारी के नाम का उल्लेख कर अभद्र टिप्पणी की गई है। उक्त अधिकारी ने एक दो दिन पूर्व सरदारपुर अनुविभाग के एक गांव में अतिक्रमण हटाओ मुहिम चलाई थी जो कि वाकई तारीफे काबिल थी। इस मुहिम के तहत अधिकारी ने गांव की मुख्य जगहों पर अतिक्रमण से आने वाली परेशानियों से जनता को राहत दिलाने का प्रयास किया गया था। अतिक्रमण की वजह से उक्त गांव में दिन में कई बार रोड़ जाम हो जाता था, खुद अधिकारी भी कई बार इधर से गुजरने के दौरान जाम में उलझ जाया करते थे, उक्त परेशानियों को देखते की गई अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई को आधार बना कर किसी असामाजिक तत्व ने फेसबुक पर फेंक आईडी बना कर तहसीदार स्तर के अधिकारी के नाम का उल्लेख कर कुछ फोटोग्राफ्स के साथ अभद्र टिप्पणी का प्रयोग कर अधिकारी के मानमर्दन का प्रयास किया गया है। सबसे बड़ी आश्चर्य की बात तो यह है कि कुछ लोगों ने उक्त पोस्ट को लाइक भी की है व शेयर भी की गई है।
कुछ बुद्धिजीवियों का ये मानना है कि उक्त पोस्ट डालने का आशय तो यही जान पड़ता है कि पोस्ट से अधिकारी अत्यधिक आक्रोशित हो कर हटाये गए अतिक्रमण वाले गांव में ज्यादा से ज्यादा विध्वंस करे खेर सटीक कारण तो पोस्ट डालने वाले को पकड़ने के बाद ही पता चल पाएगा। उधर सुनने में आरहा है कि उक्त पोस्ट के स्क्रीन शॉट अधिकारी के पास उनके शुभचिंतकों ने भेज दिए है जिसपर उक्त अधिकारी ने भी पोस्ट कर्ता की शिकायत सायबर सेल को की है।


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