बड़वानी~कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय का किया आकस्मिक निरीक्षण, ओपीडी से अनुपस्थित चिकित्सकों को दिया शोकाज नोटिस~~

तीन सिस्टरों को किया निलंबित एवं कम्प्यूटर आपरेटर को किया पदपृथ्क~~

बड़वानी /कलेक्टर श्री शिवराजसिंह वर्मा ने शनिवार को दोपहर 3.45 पर जिला चिकित्सालय की ओपीडी, सेन्ट्रल लेबोरेटरी, दवाई वितरण केन्द्र, डेंगू वार्ड का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान ओपीडी से अधिकांश चिकित्सकों के अनुपस्थित मिलने पर जहां उन्हे शोकाज नोटिस देने के निर्देश दिये। वही सेन्ट्रल लेबोरेटरी से रोगियों को डेढ़ घंटे में जांच रिपोर्ट नही मिलने पर एवं मौके से अनुपस्थित कम्प्यूटर आपरेटर रोहित वर्मा की संविदा नियुक्ति तत्काल समाप्त करने एवं डेंगू वार्ड से मेट्रन श्रीमती मनीषा पाण्डे, नर्सिंग सिस्टर सीके त्रिपाठी, स्टाफ नर्स लीना उइके को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिये है। वही कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित एसडीएम बड़वानी श्री घनश्याम धनगर से चिकित्सकों एवं स्टाफ के उपस्थिति पंजी को अपने समक्ष जब्त भी करवाया है।
      जिला चिकित्सालय पहुंचे कलेक्टर श्री शिवराजसिंह वर्मा ने सर्वप्रथम ओपीडी में पहुंचकर चिकित्सकों की उपस्थिति को देखा। इस दौरान अधिकांश चिकित्सकों के अनुपस्थित मिलने पर कलेक्टर ने जहां उपस्थिति पंजी को जब्त किया। वही सिविल सर्जन डाॅ. अरविंद सत्य को दोषी चिकित्सकों को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार कलेक्टर ने सेन्ट्रल लेबोरेटरी का निरीक्षण करने पर पाया कि जांच रिपोर्ट वितरण करने का दूसरा केन्द्र बंद होने से रिपोर्ट लेने वालों की भीड़ लगी है। जिसके कारण उन्हे डेढ़ घंटे में मिलने वाली रिपोर्ट को लेने के लिए ज्यादा समय लग रहा है। इस पर कलेक्टर ने दूसरे काउंटर को बंद मिलने पर वहां पदस्थ कम्प्यूटर आपरेटर की संविदा सेवा को तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिये ।
    इसी प्रकार कलेक्टर ने एएनएनटीसी में बने डेंगू वार्ड का भी निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर अनुपस्थित मिली मेट्रन श्रीमती मनीषा पाण्डे, नर्सिंग सिस्टर सीके त्रिपाठी, स्टाफ नर्स लीना उइके को निलंबित करने के निर्देश दिये है।
      साथ ही कलेक्टर ने वार्ड में भर्ती रोगियों एवं उनके अटेण्डरों से भी चर्चा कर, जानकारी लेने पर पाया कि कुछ रोगियों को चिकित्सकों ने बाजार की दवाई लिखी है। जबकि उसकी वैकल्पिक दवा स्टोर में उपलब्ध है। इस पर कलेक्टर ने कड़ा रूख अख्तयार करते हुए चिकित्सकों को निर्देश दिये कि गरीबों को अनावश्यक रूप से बाजार की दवा न लिखी जाये।


Share To:

Post A Comment: