*मनावर~मनावर में वाल्मीकि जयंती समाजजनों द्वारा बडे ही उत्साह के साथ मनाई गई*~~          

*वाल्मीकि जी ने संस्कृत के प्रथम महाकाव्य की रचना की थी जो रामायण के नाम से प्रसिद्ध है अनिल तोमर*~~                          

मनावर = नगर में वाल्मीकि जयंती पर वाल्मीकी बस्ती में बड़े उत्साह के साथ समाजजनों द्वारा मनाई गई। कोरोंना  काल को देखते हुए रैली और अन्य आयोजन शासन प्रशासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए निरस्त करके बस्ती में ही पूजा अर्चना कर  मनाया गई।इस अवसर पर समाज के  चौधरी अनिल तोमर महा वाल्मिक पंचायत अध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा धार, पूर्व पार्षद राजेश तोमर, दिनेश तोमर, ओमप्रकाश घारू के नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाज के वरिष्ठ गंगाराम घारू एवं वाल्मीकि समाजजनों द्वारा महर्षि वाल्मीक जी के चित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
कार्यक्रम में समाज के चौधरी अनिल तोमर ने कहा कि आदि कवि शब्द 'आदि' और 'कवि' के मेल से बना है। 'आदि' का अर्थ होता है 'प्रथम' और 'कवि' का अर्थ होता है 'काव्य का रचयिता'। वाल्मीकि जी ने संस्कृत के प्रथम महाकाव्य की रचना की थी जो रामायण के नाम से प्रसिद्ध है। प्रथम संस्कृत महाकाव्य की रचना करने के कारण वाल्मीकि जी आदिकवि कहलाये गये। वाल्मीकि जी ऋषि वैदिक काल के महान ऋषि बताए जाते हैं। धार्मिक ग्रंथ और पुराण अनुसार वाल्मीकि जी नें कठोर तप अनुष्ठान सिद्ध कर के महर्षि पद प्राप्त किया था। परमपिता ब्रह्मा जी की प्रेरणा और आशीर्वाद पा कर वाल्मीकि जी ऋषि नें भगवान श्री राम के जीवनचरित्र पर आधारित महाकाव्य रामायण की रचना की थी। वाल्मीकि जयंती अर्थात एक ऐसा दिन जब महान रचियता वाल्मीकि जी का जन्म हुआ. इनकी महान रचना से हमें महा ग्रन्थ रामायण का सुख मिला. यह एक ऐसा ग्रन्थ हैं जिसने मर्यादा, सत्य, प्रेम, भातृत्व, मित्रत्व एवम सेवक के धर्म की परिभाषा सिखाई. वाल्मीकि जी के जीवन से बहुत सीखने को मिलता हैं, उनका व्यक्तितव साधारण नहीं था. उन्होंने अपने जीवन की एक घटना से प्रेरित होकर अपना जीवन पथ बदल दिया। जिसके फलस्वरूप वे महान पूज्यनीय कवियों में से एक बने. यही चरित्र उन्हें महान बनाता हैं और हमें उनसे सीखने के प्रति प्रेरित करता हैं.।समाज शिक्षित होने का हर संभव प्रयास करने, कुरातियों को मिटाने के लिये आगे आने तथा समाज के विकास में अपनी सहभागिता निभाने की बात कही। समाज के पटेल दिनेश तोमर ने महर्षि वाल्मीक जी के जीवन चरित्र प्रकाश डालते हुये कहा कि उनके आदर्शों पर चलने और समाज को शिक्षित एवं संगठित होकर अपने लक्ष्य को पाने के प्रयास करने के संबंध विचार व्यक्त किये। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा वाल्मीकि जी की पूजा अर्चना कर समाजजनो का  सम्मान किया गया। जिला उपाध्यक्ष संजय जौहर भगवा रूपटा व तिलक लगाकर सम्मान किया। जिला विद्यार्थी प्रमुख यश शर्मा, नगर अध्यक्ष यशवंत  बढ़वाया तथा समाज के गंगाराम घारू,दिनेश तोमर,ओमप्रकाश घारू,आनंद चावरे राजेंद्र नगर इंदौर,आत्माराम घारू,विजय तोमर   अनिल रेवाल, कुंदन फतरोड, अनिल खरे ,धर्मेंद्र खरे, अजय घारू ,चंदन घारू ,दीपक् घारू, राजा तोमर, कालु तोमर, धर्मेंद्र गोसर, गोविंदा रेवाल , नितिन तोमर, कमलेश  तोमर,कुनाल तोमर, विक्की तोमर , आयुश तोमर उपस्थित थे।


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