धार~आरोग्य रिटेल के नाम से दवाई दुकान संचालित करने के नाम पर हुई 35 लाख रुपए की धोखाधड़ी ~~

इंदौर के तीन लोगों ने 20 से 80 प्रतिशत दवाई पर डिस्काउंट देने के नाम पर की साजिश ~~

पीडित ने इंदौर क्राईम ब्रांच में भी की थी शिकायत
कंपनी ने 2.5 प्रतिशत लाभांश व 25 हजार किराया देने की बात एंग्रीमेंट में कही ~~

धार ( डाँ.अशोक शास्त्री )

आरोग्य रिटेल कंपनी के माध्यम से महंगी दवाईयां सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाने के नाम पर धार के एक व्यापारी के साथ धोखाधडी हुई हैं, व्यापारी ने दुकान को लेकर कंपनी से एग्रीमेंट अपनी मां के नाम पर किया था। ऐसे में पुलिस ने बुजूर्ग महिला की रिपोर्ट पर इंदौर के तीन लोगों को आरोपी बनाया हैं, हालांकि पहले पीडित ने इंदौर क्राईम ब्रांच में भी शिकायत की थी। तब कंपनी के लोगों ने मामले में सेटलमेंट के नाम पर व्यापारी को चेक दिए व पूरा रुपया जल्द देने की बात कही, अपने रुपयों काे आता देख पीडित ने भरोसा करके चेक ले लिए। हालांकि कुछ दिन बाद भी रुपए नहीं आने पर अंत में पीडित कोतवाली थाने पर पहुंचा, जहां पर आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग रखी। इधर मामले शुरुआती जांच करते हुए पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।
रेड क्रॉस सोसाइटी के दिखाए दस्तावेज
आवेदन में बताया कि परिचित अतुल जैन ने इंदौर की आरोग्य रिटेल दुकान के बारे में जानकारी दी, इसके बाद शौर्यदित्य एडवरडाईज ऑक्सीजन कंपनी के लोग घर आए व संपूर्ण फ्रैंचाईजी प्लान बताया। इसके बाद 20-06-2017 को इंदौर स्थित कंपनी के ऑफिस में एग्रीमेंट किया गया, इस दौरान कंपनी के दस्तावेज बताकर रेड क्रॉस सोसायटी के इंदौर व देवास के दस्तावेज बताए। आरोपियों ने ऐग्रीमेंट के दौरान आरोपियों ने 25 हजार रुपए किराया व दवाईयां बेचने पर 2.5  प्रतिशत का लाभांश देने का झांसा धोखाधडी के दौरान दिया गया। पीडित ने आरोग्य रिटेल कंपनी के माध्यम से शहर के मोहन टॉकिज चौराहे पर एक दवाई की दुकान कुछ दिन बाद खोली। कमीश्न देना किया बंद, पीडित ने कंपनी में की शिकायत
रिपोर्ट के अनुसार पीडित को वर्ष 2019 अक्टूंबर से ही एग्रीमेंट के अनुसर तय 2.5  प्रतिशत का लाभांश देना बंद कर दिया, साथ ही ऑडर के अनुसार दवाईयां भी उपलब्ध नहीं करवाई गइ। इसके बाद दुकान किराया व कर्मचारियों का वेतन भी देना बंद कर दिया। जिसके बाद पीडित ने कंपनी के ही उच्च अधिकारियों को इस बात की कई मर्तबा शिकायत करते हुए मेल किया, किंतु कोई सुनवाई नहीं हो पाई थी। आरोपियों ने पीडित से करीब 35 लाख रुपए की धोखाधडी की थी, जिसमें इंदौर क्राईम ब्रांच श्किायत करने पर हिसाब 32 लाख रुपए का बताया। पुलिस ने सुशीलाबाई पति कमल‍ किशोर श्रीमल की रिपोर्ट पर आरोपी रुपेंद्र पिता देवेंद्रसिंह चौहान, उर्वशी पति रुपेंद्र व पुष्पेंद्र पिता देवेंद्रसिंह के खिलाफ विभिन्न धारा में प्रकरण दर्ज किया है। आवेदन के दौरान पीडित महिला के परिवार की ओर से करीब 32 पेज के दस्तावेज भी सौंपे है।
टीआई समीर पाटीदार ने बताया कि आवेदन के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया। करीब 35 लाख रुपए की धोखाधड़ी दवाई दुकान से बेचने की बात पर हुई हैं।


Share To:

Post A Comment: