खिलेडी~~दीपो का पर्व दीपावली गाँव एवं आसपास क्षेत्र मे उत्साह से मनाया गया~~

जगदीश चौधरी खिलेडी 6261395701~~

खिलेडी~~दीपो का पर्व दीपावली गाँव एवं आसपास क्षेत्र मे उत्साह से मनाया गया।पुरा गाँव दीपों की रोशनी से जगमगा उठ एवं घरों व दुकानों को सजाया गया।वही दीपावली के दुसरे दिन गुडी पडवा के दिन अलसुबह ही सभी देव स्थलों पर ग्रामीणों ने पहुंचकर भगवान के दर्शन किए एवं सुख समृद्धि की कामना की वही एक दुसरे के घर जाकर बधाई दी।एंव   नगर व आसपास क्षेत्र में पड़वा गोवर्धन पूजा के दिन उस समय हजारों की भीड़ में उपस्थित जनसमूह रोमांचित होते हैं जब एक मैदान में पेट के बल लेटे लोगों को रौंदते हुए सैकड़ों की संख्या में गोवंश गुजरते है,इस रोमांचित कर देने वाले पर्व को देखने के लिए आसपास से बडी संख्या में जनसेलाब उभरता है,इस पर्व की शुरुआत कुछ इस तरह से होती है कि गांव के रहवासियों की गाय को विभिन्न परंपारिक सामग्रियों से सज्जित कर मैदान में लाया जाता है,गो पालको के द्वारा पटाखे फोड़कर जमकर आतिशबाजी कर एक दुसरे को गले मिलकर बधाई दी जाती है इसके बाद पारंपारिक वेशभूषा में सज्जित साधकों गौहरी पढ़ने की मन्नत लेने वाला को मैदान में नियत स्थान पर पेट के बल लेट जाते है एक इशारे के मिलते ही मैदान के एक छोर से सैकड़ों की संख्या में गोवंश गाय दौड़कर उन्हें रौंदते हुए दूसरे छोर से अपने-अपने ठिकानों की अौर चली जाती है इस दृश्य को देखने वाले रोमांचित हो उठते हैं उनके मुख से चिख भी निकल जाती है लेकिन गोवंश के खुरो तले रौंदने वाला साधक किसी दिक्कत न के उठ खड़ा हो जाते है, इस दौरान साधक पारम्परिक  गीत गाता रहता है इस वर्ष के 1 दिन पूर्व की शाम दीपावली की शाम को मैदान में साधकों द्वारा पूजा अर्चना की जाती है इस परम्परा को अनुयाई आदिवासी लोगों का मानना है कि ऐसा करने से उन्हें गौ माता का आशीर्वाद मिलता है तथा गोहरी पढ़ने वाला साधको की मनोकामना पूर्ण होती है तथा सुख शांति वैभव मिलता है अपनी पुश्तैनी संस्कृति परंपराओं  की और आस्था एवं विश्वास कायम है गत वर्ष गोरी पढ़ने वाले साधक जनों ने इस गौ माता का आशीर्वाद मांगते हुए बताया कि गायों के  कठोर खुरो वाले सैकड़ों पेर ऊपर पेट से गुजरते हैं तो उन्हें एहसास होता है मानो किसी के द्वारा उनकी पीठ पर फूलों की बारिश की जा रही हो गोहरी पर्व के दिन हर समाज के किसान वर्ग द्वारा अपनी गायों एवं बैलों की अन्नदाता के रूप में पूजा की जाती है, वही स्थानीय देवधर्म नारायण मंदिर पर अन्तरलाल चौधरी द्धारा पुजा अर्चना एवं अन्नकोट करवाकर प्रशादी वितरण की गई।


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