राजोद~जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम ने दत्तीगांव पर लगाए आरोप  पर पलटवार किया दत्तीगांव के करीबी ओम नारायण सिंह ओम बन्ना ने~~


हमारे राजवर्धन सिंह दत्तीगांव के ऊपर झूँठे आरोप लगाने से पहले खुद अपने गिरेबान में झांके~~

पवन वीर राजोद 9993688124~~

राजोद ~राजोद में कांग्रेस के ज्ञापन मार्च में पार्टी के जिला अध्यक्ष आप आये थे खाद की कमी और चोरी की घटनाओं  पर किंतु खाज मिटाई मंत्री जी के नाम पर,जोबट उप चुनाव में मुख्यमंन्त्री के बयान याद रहे मगर खुद को चुनाव मैदान से क्यो भागना पड़ा ये नही बताया..?हम बताते है अध्यक्ष जी को क्यो भागना पड़ा,क्योकि आप वहां पैसा और शराब बांटने गए थे जब आपका खास नारायण अरोड़ा पकड़ा गया तो आप पुलिस के डर से खिसक लिए इसी कारण जोबट के मतदाताओं ने रिजेक्ट किया,जिम्मेदारी से बचकर आप निकल गए,*गलत धंधों की आदत आपको है,जिस तरह माफिया की दुकान बन्द हो गयी तो आप झल्ला उठे* और भड़ास मंत्री जी के खिलाफ निकाली। धार आप तीन चुनाव हारने के बाद अब आप की नजर बदनावर के अगले विधानसभा चुनाव पर टिकी है,नजरे ही नही टिकी रात में सपने भी देखने लगे है। यही वजह है कि आप अपनी भाषा शैली पर भी कंट्रोल नही कर पा रहे है आपकी ओछी मानसकिता और संस्कार साफ दिख रहे है। दत्तिगाव परिवार पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे है। शायद अध्यक्ष जी *आप भूल गए कि कुक्षी में स्वर्गीय जमुनादेवी जी,के चुनाव में,उसके बाद उनके निधन के बाद हुए उप चुनाव में निशा सिंगार को,और लोक सभा चुनाव में उमंग सिगार के खिलाफ पार्टी विरोधी कार्य कर चुनाव हरवाया*। *जिसकी शिकायत प्रदेश कांग्रेस कमेटी व राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी हुई थी इसी कारण आपको शोकाज नोटिस भी थमाया था* मतलब अब उलटा चोर कोतवाल को डांटे। मंत्री जी पर और उनके लोगो पर आरोप लगाने से पहले खुद तो एक बार पलट कर अपना इतिहास पढ़ लेते ,की अपने अपने कई आपराधिक प्रकरण और गलत एड्रेस ,रिकार्ड छुपाकर प्रसाशन को गुमराह करके गन लाइसेंस लिए।
*अध्यक्ष जी कांग्रेस सरकार  में मंत्री रहते उमंग सिंगार ने आरोप लगाए थे कि माफियाओं और हत्यारो का राज चल रहा है। और यही वजह है कि कांग्रेस सरकार माफिया राज के आतंक के कारण गिरी। एक बे गुनाह कांग्रेस नेता की आत्मा आज भी न्याय की आस लगाए भटक रही होगी ,याद है कि भूल गए..आप की स्मृति कमजोर हो तो बताए,कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्य चंदन सिंह के घर जाकर उन पर जान लेवा हमला क्यो करना पड़ा। *पुराने अखबारों की खबरे चीख चीख कर आपके कारनामो को बयां कर रही है*, आपने हर कांग्रेसी नेता को अपनी राह का कांटा समझा और जब भी आपको मौका मिला उन को हटाने का काम किया।
अध्यक्ष जी आपने  बुंदेला परिवार को भी नही छोड़ा,जिले और प्रदेश के कद्दावर नेता मोहन सिंह बुंदेला पर भी जूठे आरोप लगाए और अपनी राजनीति रोटियां सेखी।
*राजोद में आपने जनता के सामने खुद स्वीकार किया कि 2001 से आपने शराब बेचने का धंधा बन्द किया*,मतलब आप पहले धंधा करते थे,जो *अनैतिक धंधा करता है वह दूसरों पर वैसे ही आरोप लगाता है।
दत्तिगाव परिवार ने हमेशा जोड़ने काम किया है,तोड़ने का नही*,आपकी नीति और नियत साफ होती तो जिले में कांग्रेस  संगठन का भट्टा नही बैठता।
*पेसो के दम पर आप अध्यक्ष है न कि जनता के विश्वास पर ,खुद अपने अंदर झाख कर देखो स्वयं में कितनी बुराई दिखेगी हिसाब नही लगा पाओगे*
उक्त जानकारी दत्तीगांव समर्थक ओम बन्ना संदला द्वारा दी गई।


Share To:

Post A Comment: