*खेतिया~आदिवासी समाज के गौरव देवता तुल्य बिरसा मुंडा जी की जयंती पर के अवसर पर दूरस्थ दुर्गम वनग्राम तिल्लीखेत में हुआ भव्यआयोजन* ~~

हजारों की संख्या में आदिवासी भाइयों ने लिया हिस्सा। बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर खेतिया से सटे दुर्गम आवागमन वाले ग्राम तिल्लीखेत में एक विशाल आयोजन हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता श्री संजय भोंसले ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के संदर्भ में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में समाज जन उपस्थित रहे सर्वप्रथम बिरसा मुंडा जी के चित्र पर माल्यार्पण पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया जहां उपस्थित वक्ताओं
गजानंद ब्राम्हणे,राजेश कनौजे,सुमेर सिंह बढ़ोले,चयन ठाकरे,नीलेश चौहान,सुरेश डुडवे
ने अपने विचार रखे हमारी संस्कृति हमारा अभिमान साथ ही साथ सबको संगठित रहने साथ चलने की भावनाओं को आगे रखा, कार्यक्रम में ढोल मांदल की थाप पर सैकड़ों की संख्या में समाज जन नृत्य करते रहे खुशी और उल्लास का यह वातावरण बिरसा मुंडा जी की जयंती पर दिखाई दिया है *वही ग्राम तिल्ली खेत अभी भी आवागमन के लिए दुर्गम है इसीलिए लगातार सरकार से मांग के बाद भी अब तक आवागमन को लेकर ना सड़क निर्माण हुआ ना पुलिया बनी जिसके चलते आज चार्ली पेठा,कामठ्या,तिल्लीखेत, मोगरापानी,ओखत्यापनी ग्रामीणों ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए एक बोर्ड लगाया है जिस पर उन्होंने अपनी मांग पूरी ना होने के संदर्भ में आंदोलन की भी चेतावनी दी है आजादी के अमृत महोत्सव के वर्ष में स्थिति यह है कि दुरस्त वन ग्रामों में सामान्य परिस्थिति में ही आवागमन दिक्कत भरा है वही वर्षा काल में रस्सी/ तार के सहारे से नदी पार करना भी यहां के रहवासियों की मजबूरी सी बन गई है*
आज कार्यक्रम को सफ़ल बनाने के लिये
प्रवीणपटेल,विजयसोलंकी,संजय भोसले,भागीरथ जाधव,संतोष जाधव,प्रेम जाधव ने सभी का आभार व्यक्त किया है
खेतिया-तिल्ली खेत से राजेश नाहर की रिपोर्ट


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