बड़वानी~कोरोना अभी गया नहीं है, बहुत जरुरी है प्रोटोकाल का पालन करना ~~

कोरोना अभी गया नहीं है, अभी भी बहुत सावधानी रखें की जरुरत है. सभी स्कूलों को पूरी क्षमता के साथ खोले जाने की घोषणा हो चुकी है इसलिए स्कूली बच्चों में कोरोना से बचने के लिए उसके प्रोटोकाल का पालन करना जरुरी है. राष्टीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद् के द्वारा इस वर्ष को YASH (इयर ऑफ़ अवेयरनेस इन साइंस एंड हेल्थ) के रूप में घोषित है. इसी के अंतर्गत किशोरिका संस्था द्वारा बड़वानी के अलग अलग स्कूलों के बच्चों के बीच कोरोना प्रोटोकाल के पालन की आवश्यकता को प्रैक्टिकल करते हुए समझाया.
उक्ताशय महात्मा गांधी मेमोरियल हाई स्कूल न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में स्कूली बच्चों ने स्वयं प्रैक्टिकल बेस्ड कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए मास्क की आवश्यकता, उसे लगाने के सही तरीके को खुद भी समझा और अन्य बच्चों को भी समझाया. एक प्रयोग के माध्यम से तीन हाई-हायर सेकेंडरी कक्षाओं के बच्चों ने एक पाइप, दो मास्क, और स्प्रे बोतल का उपयोग करते हुए बताया कि बिना मास्क पहने किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क के दौरान छींकने या खांसने के दौरान संक्रमण फ़ैल सकता है.
इसी प्रकार एटीएम मशीन आदि आवश्यक स्थानों पर छूने से वायरस के हाथों में लगने की सम्भावना को भी प्रदर्शित किया. साथ ही एक सब्जी बेचने वाला यदि संक्रमित है और उसने थोड़ी देर पहले ही छींका है तो किस प्रकार वायरस उसके सामने राखी हुई सब्जियों पर रह सकता है और ऐसी स्थिति में यदि हम सब्जी लेने बिना मास्क लगाये जाते हैं और सब्जी  आदि को उठाकर सूंघते हैं तो किसा प्रकार से वायरस हमारी नाक के रस्ते फेंफडों में पहुँच कर हमें किस बुरी तरह से प्रबावित कर सकता है.
आने यूरोपीय देशों में कोरोना ने फिर से तीसरी लहर के रूप में फैलना शुरू कर दिया है इसलिए भारत में भी सचेत रहते हुए सुरक्षा की दृष्टि से कोरोना प्रोटोकाल की तीनों बातों मास्क लगाना, बार बार हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना है. अभी १८ साल से कम उम्र के बच्चों के टीके नहीं आये हैं और बहुतों ने अभी दूसरा टीका भी नहीं लगवाया है. इसलिए देश में इसी वर्ष दूसरी लहर ने किस प्रकार से कहर ल्माचाया था उसे नहीं भूलना है.
इस दौरान स्कूलों की प्राचार्य श्रीमती रेखा भावसार एवं शिक्षकों ने भी प्रयोगों के माध्यम से बच्चों को जागरूक करने के कदम को सार्थक बताया और बच्चों से आशा की वो सभी बातों का ध्यान रखते हुए सस्कूल में आकर पढाई करेंगे और कोरोना से खुद भी बचेंगे और अपने परिवार और समाज को भी बचाए रखने में एक सार्थक भूमिका का निर्वाह करेंगे. कार्यक्रम के दौरान शिक्षक श्री अखिलेश जमरे श्री संजय सोलंकी श्री नरसिंह नरगावे कुमारी अपर्णा भावसार और श्री शांतिलाल चौहान उपस्थित थे


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